fbpx
Now Reading:
बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों कि संख्या 200 पार करने वाला है, अकेले मुजफ्फरपुर में मरनेवालों की संख्या 128 पहुंची
Full Article 2 minutes read

बिहार में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों कि संख्या 200 पार करने वाला है, अकेले मुजफ्फरपुर में मरनेवालों की संख्या 128 पहुंची

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मस्तिष्क ज्वर (एक्यूट एनसेफिलाइटिस सिंड्रोम) से मरनेवाले बच्चों की संख्या बढ़ कर शनिवार को 128 हो गयी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार द्वारा संचालित श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में मौत का आंकड़ा 108 तक पहुंच गया है, जबकि इस महामारी के कारण जिले के केजरीवाल अस्पताल में 20 बच्चों की मौत हो गयी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एईएस के कारण मरनेवाले बच्चों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी। उन्होंने बीमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और डॉक्टरों को आवश्यक उपाय करने के निर्देश भी दिये थे। एईएस एक वायरल बीमारी है, जो फ्लू जैसे लक्षणों का कारण बनती है। इसमें अधिकतर मामलों में तेज ज्वर और उल्टी, मस्तिष्क की शिथिलता, दौरे और दिल और गुर्दे की सूजन की शिकायतें होती हैं। यह बीमारी 16 जिलों में फैल चुकी है। हालांकि, अपुष्ट खबरों में दावा किया गया है कि यह संख्या 150 पार कर चुकी है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में चमकी बुखार से हो रही बच्चों की मौत पर सवाल पूछने को लेकर मीडिया पर भड़क गए थे। बिहार में चमकी बुखार से अब तक 175 बच्चों की मौत हो चुकी है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।

इस पूरे मामले पर प्रदेश मुख्यमंत्री ने चुप्पी साधी हुई है। लगातार हो रही मौतों से नीतीश सरकार लोगों के निशाने पर है। लेकिन नीतीश कुमार कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। नीतीश कुमार से जब बुधवार को भी दिल्ली में बच्चों की मौतों पर सवाल किया गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली थी।

पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बच्चों की मौत के सवाल पर चुप्पी साध ली थी। अब सूबे के सीएम नीतीश कुमार बच्चों की मौत के सवाल पर जवाब देने की जगह मीडिया पर ही भड़क गए। बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को संसद में भी बच्चों की मौत का मामला जोर-शोर से उठा।

Input your search keywords and press Enter.