fbpx
Now Reading:
चमकी का क़हर जारी- बुखार से अब तक 151 बच्चों की मौत, डॉक्टरों ने कहा जो बच जाएंगे अब वो कभी

चमकी का क़हर जारी- बुखार से अब तक 151 बच्चों की मौत, डॉक्टरों ने कहा जो बच जाएंगे अब वो कभी

बिहार में एक्यूट इनसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) या चमकी बुखार से पीड़ित बच्चे विकलांग भी हो सकते हैं। यह खुलासा पटना एम्स के डॉक्टरों ने किया है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के दौरान तेज बुखार चढ़ता है, जिसका असर दिमाग के एक हिस्से पर काफी ज्यादा पड़ जाता है। ऐसे में विकलांग होने की आशंका काफी ज्यादा बढ़ जाती है। बता दें कि इस बुखार के चलते अब तक 151 मासूमों की मौत हो चुकी है।

यह है डॉक्टरों की राय: एईएस पर तीन साल शोध के बाद विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को इस बीमारी से जूझने वाले बच्चों के लिए पीएचसी स्तर पर व्यवस्था करनी चाहिए। डॉक्टरों ने एईएस बीमारी से ठीक हुए बच्चों की काउंसिलिंग कराने की भी बात कही। इससे बच्चों को विकलांग होने से बचाया जा सकता है।

Related Post:  India Vs Pakistan : टीम इंडिया की जीत के लिए शुरू हुआ दुआओं का दौर

गौरतलब है कि, बिहार में जाणलेव लू और चमकी बुखार (एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम) की वजह से हो रही मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। लू और चमकी बुखार की चपेट में आने से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। स्थितियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज (20 जून) प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

सीएम नीतीश कुमार गुरुवार को नवादा, गया और औरंगाबाद जिलों के कई जगहों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज जाएंगे, यहां लू और गर्मी की वजह से बीमार लोगों का हाल-चाल जानेंगे।

Related Post:  हत्यारों को फांसी पर लटकाओ, अलीगढ़ केस में मासूम बच्ची के माता पिता की मांग

मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 117 तक पहुंच गया है। जबकि पूरे बिहार में चमकी बुखार से 150 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। श्री कृष्‍णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 98 बच्चों की मौत हुई है जबकि 19 मौतें केजरीवाल अस्पताल में हुई है। इस जानलेवा बुखार से लगातार हो रही मौतों को लेकर बिहार की नीतीश सरकार और प्रशासन लोगों के निशाने पर है। बुधवार को नीतीश कुमार ने बच्चों की मौतों पर किए गए सवाल पर चुप्पी साध ली थी।

Related Post:  श्रीलंका में आपातकाल, हमले के पीछे कट्टर मुस्लिम समूह 'नेशनल तौहीद जमात' का हाथ

बुधवार तक मुजफ्फरपुर के श्री कृष्‍णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में कुल 93 बच्‍चों की हुई थी। जबकि केजरीवाल अस्‍पताल में 19 बच्‍चों की जान गई। श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक सुनील कुमार शाही ने बुधवार को बताया था, अब तक 372 बच्चों को यहां भर्ती कराया गया, जिनमें से 118 को छुट्टी दे दी गई है, 57 को जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने एईएस के कारण 93 जानें गंवाई है।

Input your search keywords and press Enter.