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अनुच्छेद 370 पर कन्फ्यूज़न में कांग्रेस, पार्टी के विरोध के बावजूद कई नेताओं ने सरकारी फैसले का किया समर्थन
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अनुच्छेद 370 पर कन्फ्यूज़न में कांग्रेस, पार्टी के विरोध के बावजूद कई नेताओं ने सरकारी फैसले का किया समर्थन

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर कांग्रेस कन्फ्यूज़न में दिख रही है राज्यसभा में पार्टी के विरोध के बावजूद कांग्रेस के कई नेता मोदी सरकार के फैसले का समर्थन करते नज़र आए हैं फिलहाल इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के अंदर ही विभाजन देखने को मिल रही है.

नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली 370 पर ऐतिहासिक फैसला लिया. सरकार ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जे को खत्म करने वाला संकल्प राज्यसभा में पेश किया. राज्यसभा ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने संबंधी संकल्प को ध्वनि मत से मंजूरी दी. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल भी राज्यसभा में मोदी सरकार ने पास करा लिया.

केंद्र सरकार के इस फैसले की जहां एक तरफ तारीफ हो रही है तो वहीं कांग्रेस पार्टी इसपर सहमति और असहमति को लेकर दो हिस्सों में बंटी हुई दिख रही है. पार्टी के कुछ नेता इसका समर्थन कर रहे हैं तो वहीं कुछ नेताओं ने इसे लोकतंत्र की भावना के खिलाफ बताया है.

हरियाणा के दीपेंद्र हुड्डा, महाराष्ट्र के मिलिंद देवड़ा से लेकर सीनियर कांग्रेसी जनार्दन द्विवेदी तक कई नेताओं ने अनुच्छेद 370 को हटाने का समर्थन किया है. वहीं पार्टी के सीनियर नेता गुलाम नबी आजाद ने इसे लोकतंत्र की हत्या करारा दिया. उन्होंने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल का जमकर विरोध किया लेकिन पार्टी ही कई अन्य नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया जिससे साफ तौर पर कांग्रेस में फूट देखा जा सकता है.

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी ने राज्यसभा में कहा,”बीजेपी की सरकार ने देश का सिर काट लिया है और यह भारत के साथ गद्दारी है.” उन्होंने आगे कहा, ” सरकार ने चीन और पाकिस्तान की सीमा से लगे संवेदनशील राज्य के साथ खिलवाड़ किया है जिसका उनकी पार्टी और दूसरे विपक्षी दल पुरजोर विरोध करेंगे.जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती राज्य में वहां की जनता को साथ लिए बिना सिर्फ सेना की बदौलत दुश्मन से नहीं लड़ा जा सकता.

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