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सावधान ! साइबर हमलों से अब तक हुआ 30,86,88,75,00,00 रुपये का नुकसान
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सावधान ! साइबर हमलों से अब तक हुआ 30,86,88,75,00,00 रुपये का नुकसान

Cyber Attacks Cost $45 Billion In 2018

अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. तो यह खबर आपके लिए है. एक अनुमान के मुताबिक साल 2018 में तक़रीबन  20 लाख साइबर अटैक्स के मामले सामने आए हैं. इसकी वजह से करीब करीब 45 बिलियन डॉलर के नुकसान की आशंका जताई जा रही है. इन साइबर अटैक्स को पिशिंग, रैन्संवेयर, क्रिप्टोजैकिंग, बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज जैसे साइबर हमलों के जरिए अंजाम दिया गया है.

इंटरनेट सोसाइटी की ऑनलाइन ट्रस्ट एलायंस द्वारा जारी साइबर इंसिडेंट और ब्रीच ट्रेंड रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर साइबर अटैक रैंसमवेयर के जरिए अंजाम दिए गए. बताया जा रहा है कि रैंसमवेयर से 60 फीसदी तक फिनांशियल इंपैक्ट दर्ज किए गए है.

ऑनलाइन ट्रस्ट एलायंस की इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिन बा दिन सप्लाई चेन अटैक, बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज जैसे मामले लगातर बढ़ते जा रहे हैं. तो वहीं  रैंसमवेयर के चलते बीते साल तक़रीबन 8 बिलियन डॉलर के नुकसान की बात कही जा रही है. एक अनुमान के मुताबिक साल  2021 तक  रैंसमवेयर अटैक की वजह से 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो सकता है.

तो वहीं साल 2018 में 10 लाख से ज्यादा क्रिप्टोजैकिंग अटैक्स के मामले भी दर्ज किए गए हैं. क्रिप्टोजैकिंग अटैक्स को  क्रिप्टो माइनिंग के नामा से भी जाना जाता है. जिसमें साइबर क्रिमिनल लोगों की वेबसाइट और सर्वर में सेंध लगाकर हाथ साफ़ कर लेते हैं. क्रिप्टोजैकिंग अटैक्स के साथ ही पिशिंग के जरिए भी साइबर क्रिमिनल बड़ी आसानी से लोगों के सिस्टम हैक कर लेते हैं. ज्यादातर मामलों में इस तरह की हैकिंग अटैचमेंट्स के जरिए भी की जाती है.

साइबर इंसिडेंट और ब्रीच ट्रेंड रिपोर्ट में  बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज को लेकर भी अहम खुलासे हुए हैं. बीईसी के चलते अब तक लोगों को कई करोड़ों का चूना लगाया जा चुका है. इस तरह के अटैक के लिए क्रिमिलन ज्यादातर  कंपनी या फिर उसके इंप्लॉइ को निशाना बनाते हैं. आमतौर पर वे किसी दूसरे फर्म के वेंडर्स होने का दिखावा करते हैं और उनके फंड अपने अकाउंट के ट्रांसफर करा लेते हैं. बीईसी को पहले मैन इन द ईमेल स्कैम के तौर पर भी जाना जाता है.

इसके साथ ही इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सब के अलावा डिसेप्टिव ईमेल, अटैक्स वाया थर्ड पार्टी, क्लाउड और क्रेंडेशियल स्टफिंग जैसे साइबर अटैक्स के जरिए भी अब तक लोगों को अरबों रुपये का नुकसान हुआ है. ज्यादातर मामलों में थोड़ी  सावधानी बरतने से बचा जा सकता था .

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