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बच्चे के क़त्ल को छुपाने के लिए स्कूल ने ही लाश को दफन कर गायब कर डाला, अब हुआ बड़ा ख़ुलासा
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बच्चे के क़त्ल को छुपाने के लिए स्कूल ने ही लाश को दफन कर गायब कर डाला, अब हुआ बड़ा ख़ुलासा

उत्तराखंड के भोगपुर स्थित चिल्ड्रन होम एकेडमी में सातवीं कक्षा के छात्र की उसके ही सीनियर छात्रों ने बेरहमी से पीट पीट कर मार डाला, उलटे स्कूल आरोपियों को बचाने में जुटी रही। दस मार्च को छात्र वासु के साथ उसके दो सीनियर छात्रों ने चार घंटे तक बेरहमी से मारपीट की। मगर, स्कूल प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब पता चला तो पुलिस को मामले की सूचना देने के बजाय प्रबंधन पूरे मामले पर पर्दा डालने में जुट गया। और तो और स्कूल ने इस हत्या पर पर्दा डालने के लिए बिना उसके परिजनों की सहमति के बच्चे शव को दफना तक दिया था।

अब जब इस पूरे मामले का ख़ुलासा हुआ है तो स्कूल और पुलिस दोनों की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है। अब पुलिस ने मामले में दो सीनियर छात्र समेत पांच लोगों गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। 10 मार्च को 12 वर्षीय छात्र वासु यादव की मौत हो गई थी। स्कूल प्रबंधन ने परिजनों को सूचना दी थी कि फूड प्वॉइनिंग के चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

छात्र वासु यादव की हत्या के खुलासे में यह बात सामने आई कि चर्च से सभी छात्र दोपहर एक बजे हॉस्टल में लौट आए थे। हॉस्टल लौटने के बाद ही सीनियर छात्र शुभांकर और लक्ष्मण ने वासु यादव को पीटना शुरू कर दिया। दोनों ने क्रिकेट के बैट और विकेट के डंडों से बेरहमी के साथ वासु की पिटाई की। इस दौरान सभी छात्रों का खाना भी डायनिंग हॉल में लग गया था। मगर, हॉस्टल स्टाफ ने यह जानने की जहमत नहीं उठाई कि वासु और दो अन्य सीनियर छात्र कहां हैं।

तफ्तीश में सामने आया है कि, छात्र वासु यादव के दो सीनियरों 19 वर्षीय शुभांकर और 19 वर्षीय लक्ष्मण ने बल्ले व विकेट से उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। छात्र के साथ चार घंटे चले हैवानियत के दौरान उसे गंदा पानी पीने को मजबूर भी किया गया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जब वासु अधमरा हो गया, तो वो उसे स्टडी रूम में छोड़कर भाग निकले थे। गौरतलब है कि मृतक छात्र का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने एक दुकान से बिस्कुट का पैकेट चुरा लिया था। जिसके बाद दुकानदार की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन ने हॉस्टल के छात्रों पर बिना अनुमति बाहर जाने पर रोक लगा दी थी। ये बात सीनियरों को इतनी नागवार गुजरी कि वासु की वजह से उनका बाहर आना जाना बंद हो गया था।

अब इस मामले में कुछ  बच्चों के भी बयान दर्ज किये गए हैं। उन्होंने ने अपनी आँखों देखी  पुलिस को बताई है, बच्चों ने बताया कि, दोनों आरोपी छात्र वासु को बुरी तरह पीटने के बाद उसे हॉस्टल की छत पर ले गए, जहां उसे ठंडे पानी से नहलाया और उसे दूषित पानी पीने को दिया। यहां से फिर दोनों उसे लेकर डायनिंग हॉल पहुंचे और जबरदस्ती उसे खाना खिलाया। खाना खाते समय भी दोनों ने उसके साथ हैवानियत की। मगर, कोई देखने-सुनने वाला नहीं था। इसके बाद वह उसे डायनिंग हॉल में ही छोड़कर चले गए। इस बात की भनक हॉस्टल वार्डन को देर शाम तब लगी जब उसने छात्रों की गिनती की। बाद में वासु यादव बेहोशी की हालत में मिला।

इसके बाद हॉस्टल प्रबंधन वासु को लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां सच्चाई बताने के बजाय ये बताया कि उसे फ़ूड पोइज़निंग हुआ है। तब तक वासु की हालत के बाद ख़राब हो चुकी थी और मौत हो गई थी। स्कूल ने पुलिस और छात्र के परिजनों को फूड प्वाइजनिंग के कारण वासु की मौत होने की जानकारी देकर गुमराह किया।

मामला भी तब सामने आया जब कुछ सीनियर छात्रों ने ही चुपचाप छुप छुप कर मीडियाकर्मियों से जानकारी शेयर की, तब बाल संरक्षण आयोग हरकत में आया और उनके दखल के बाद मामले की तफ्तीश शुरू ही। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने संज्ञान लिया और वह 14 मार्च को स्कूल के औचक निरीक्षण पर पहुंची। नेगी ने भी जब स्कूल में अव्यस्थाएं देखी और वासु यादव की मौत को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं पाया तो रानीपोखरी पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेने की हिदायत दी। इसके बाद ही पुलिस ने भी संजीदगी से मामले की जांच की और आखिर वासु यादव के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया।

चिल्ड्रन होम एकेडमी प्रबंधन ने रानीपोखरी पुलिस को गुमराह कर पोस्टमार्टम के बाद वासु के शव को अपने कब्जे में ले लिया था। इस पूरे मामले को शुरुआत में पुलिस भी बेहद हल्के में ले रही थी। पुलिस ने भी स्कूल प्रबंधन की बातों में आकर वासु के शव को उसके परिजनों को सौंपने के बजाय स्कूल प्रबंधन को सौंप दिया।

स्कूल प्रबंधन ने भी छात्र वासु यादव के परिजनों की सहमति के बगैर वासु यादव के शव को इसाई रीति से स्कूल परिसर में दफना दिया था। छात्र वासु के कमर के निचले हिस्से में की गई पिटाई से अंदरूनी हिस्से में ब्लीडिंग हुई, जिससे उसकी जान चली गई। पीएम रिपोर्ट में कमर के नीचे गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक, एकेडमी के हॉस्टल में 42 छात्र रहते हैं। दस मार्च को बच्चे हॉस्टल से चर्च जा रहे थे। आरोप है कि इसी बीच वासु ने एक दुकान से सामान खरीदने के दौरान बिस्कुट का पैकेट चोरी कर लिया था। जब दुकानदार ने स्कूल प्रशासन ने शिकायत की, तो बच्चों को बिना अनुमति बाहर जाने पर रोक लगा दी गई। इसी बात को लेकर साथी छात्रों ने वासु की बेरहमी से पिटाई कर दी।

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