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56 वर्षीय शख्स के शरीर से निकली भारत की सबसे बड़ी किडनी, साढ़े 7 किलो है वजन
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56 वर्षीय शख्स के शरीर से निकली भारत की सबसे बड़ी किडनी, साढ़े 7 किलो है वजन

doctors remove world's largest kidney

सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने एक आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित 56 वर्षीय व्यक्ति की एक किडनी ( kidney) निकाली, जिसका वजन 7.4 किलोग्राम हो गया था। साथ ही, इसका साइज 32 सेमी x 21.8 सेमी था। बता दें कि एक सामान्य किडनी का वजन 120-150 ग्राम होता है। डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने जो किडनी निकाली है, उसका वजन दो नवजात शिशुओं के वजन के बराबर है। यह भारत में सबसे भारी और दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी किडनी है। यह व्यक्ति ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी रोग (ADPKD) से पीड़ित था। यह बीमारी किडनी फेल होने के कारण होती है। इस स्थिति में किडनी को रिप्लेसमेंट या उसके थैरेपी की जरूरत होती है।

बता दें कि इस हटाई गई किडनी के लिए वर्तमान गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दुबई के एक अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा दर्ज कराया गया था, जिन्होंने 2017 में किडनी के बीमारी से पीड़ित एक मरीज के शरीर से 4.25 किलोग्राम वजन की किडनी (kidney) निकाली थी। हालांकि डॉक्टरों ने दो अन्य मामलों का पता लगाया जहां किडनी को हटा दिया गया था, जिनका वजन बहुत अधिक था।

डॉक्टरों के अनुसार, मरीज ने पिछले महीने दर्द और गंभीर संक्रमण के साथ अस्पताल दिखाने आया था। रोगी एंटीबायोटिक दवाओं पर था, लेकिन यह भी दवा काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद डॉक्टरों ने पीड़ित व्यक्ति का सीटी स्कैन कराया। डॉ. कथूरिया ने कहा कि यह एक अनुवांशिक स्थिति है, एक निश्चित समय के बाद किडनी खराब हो जाते हैं और पुटी बना लेते है। इसके बाद कार्यरत उत्तकों को पुटी द्वारा प्रतिस्थापित कर देता है। पुटी पानी से भरा गुब्बारे की तरह होता है।

इस तरह के पीड़ितों की किडनी ट्रांसप्लांट नहीं करते हैं जो प्रत्यारोपण के दौर से गुजर रहे हैं या डायलिसिस पर हैं, लेकिन इस मामले में दर्द और संक्रमण के कारण हमें ऑपरेशन करना पड़ा। डॉ. ने आगे कहा कि पीड़ित की अन्य किडनी इससे अधिक भारी है लेकिन हमें इसे हटाना पड़ा क्योंकि यह खराब हो चुका थी। रोगी को छुट्टी दे दी गई है और अब वह डायलिसिस पर है।

बीमारी वाले लोगों के लिए, यदि संक्रमण, रक्तस्राव या गुर्दे का ट्यूमर है, तो गुर्दे हटा दिए जाते हैं। यह रोग 700-1,000 व्यक्तियों में से 1 में पाया जाता है और दुनियाभर में ऐसे 12.5 मिलियन मामले हैं।

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