fbpx
Now Reading:
आसाराम और नारायण साईं को बड़ी राहत, नाबालिग बच्चों की मौत मामले में मिली क्लीन चिट
Full Article 2 minutes read

आसाराम और नारायण साईं को बड़ी राहत, नाबालिग बच्चों की मौत मामले में मिली क्लीन चिट

धर्मगुरु आसाराम और उसके बेटे नारायण साई को बड़ी राहत मिली है. दरअसल न्यायमूर्ति डी के त्रिवेदी आयोग ने आसाराम द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले दो बच्चों की मौत के मामले में उन्हें और उनके बेटे नारायण साई को क्लीन चिट दे दी है. हालाकिं आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विद्यालय से दोनों बच्चों का लापता होना प्रबंधन की “लापरवाही” को दर्शाता है, जिसे “बर्दाश्त” नहीं किया जा सकता.

गौरतलब है कि 5 जुलाई 2008 को दीपेश वाघेला और अभिषेक वाघेला के शव साबरमती नदी के किनारे मिले थे. ये दोनों आसाराम के आवासीय विद्यालय में पढ़ते थे. हादसे के दो दिन पहले दोनों बच्चे विद्यालय के हॉस्टल से अचानक लापता हो गए थे. जिसके बाद मामले की जांच न्यायमूर्ति डी के त्रिवेदी आयोग को सौंपी गई थी. आयोग द्वारा 2013 में राज्य सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट बीते शुक्रवार को गुजरात विधानसभा में पेश की गई.

गुजरात विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट में कहा गया कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले कि आसाराम और उनके पुत्र नारायण साई आश्रम में तांत्रिक विधि किया करते थे. आयोग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि गुरुकुल प्रबंधन के साथ-साथ आश्रम के प्राधिकारी भी गुरुकुल हॉस्टल में रह रहे बच्चों के संरक्षक हैं और बच्चों की देखभाल उनका कर्तव्य है. आयोग ने गुरुकुल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सावला उठाये हैं. हालाकिं बच्चों के परिजनों का आरोप है कि परिजनों का आरोप है कि आसाराम और उनके बेटे नारायण साई ने दोनों बच्चों पर काला जादू किया था, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई.

Input your search keywords and press Enter.