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जरूरत से ज्यादा पढ़ाई बनी मुसीबत, नौकरी का आवेदन हुआ ख़ारिज
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जरूरत से ज्यादा पढ़ाई बनी मुसीबत, नौकरी का आवेदन हुआ ख़ारिज

मद्रास उच्च न्यायालय ने आज चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड में नौकरी से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए चौंकाने वाला फैसला सुनाया. कोर्ट ने अपने फैसले में एक महिला के एप्लीकेशन को ख़ारिज करने का निर्णय इस लिए बरक़रार रखा क्योंकि वह जरुरत से ज्यादा पढ़ी लिखी थी.

दरअसल मद्रास उच्च न्यायालय में आर लक्ष्मी प्रभा नाम की एक महिला ने चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड ( सीएमआरएल ) द्वारा उनका एप्लीकेशन रद्द करने के खिलाफ याचिका दायर की थी.उन्होंने ट्रेन आपरेटर, स्टेशन कंट्रोलर, जूनियर इंजीनियर (स्टेशन) के पदों के लिए एप्लीकेशन दिया था. जिसे सीएमआरएल ने यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया था कि उनकी तय योग्यता से कहीं ज्यादा है. ऐसे में उनके एप्लीकेशन पर विचार नहीं किया जा सकता. जहां सीएमआरएल के इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता इंजीनियरिंग में डिप्लोमा थी तो वहीं आर लक्ष्मी प्रभा बी.ई. स्नातक थी.

सीएमआरएल के प्लीकेशन रद्द करने के फैसले के खिलाफ आर लक्ष्मी प्रभा ने मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. जिसे लेकर आज कोर्ट में सुनवाई की गई. आर लक्ष्मी प्रभा की याचिका पर सुनवाई कर रही कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सीएमआरएल ने इस मामले में पहले ही न्यूनतम योग्यता स्पष्ट कर दी है साथ ही इस बात का भी उल्लेख किया है कि जरुरत से ज्यादा योग्यता वाले लोग अप्लाई न करें.

मद्रास उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को जरुरत से ज्यादा की योग्यता के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती. जिसके बाद कोर्ट ने आर लक्ष्मी प्रभा की याचिका ख़ारिज कर दी.

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