fbpx
Now Reading:
हैदराबाद गैंगरेप: डॉक्टर की जली हुई लाश की आई DNA रिपोर्ट, हुआ ये खुलासा
Full Article 3 minutes read

हैदराबाद गैंगरेप: डॉक्टर की जली हुई लाश की आई DNA रिपोर्ट, हुआ ये खुलासा

Hyderabad gang rape

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद हत्या और फिर लाश को जला देने की घटना ने देश को हिला कर रख दिया है. घटना के 9 दिनों के अंदर ही चारों आरोपियों की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई. कई लोग इस एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं. अब इस मामले में महिला डॉक्टर की जली हुई बॉडी की DNA रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक ये DNA डॉक्टर के परिवारवालों से मैच कर गया है.

अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक गुरुवार को महिला वेटनरी डॉक्टर की DNA रिपोर्ट आ गई . रिपोर्ट आने के बाद ये साबित हो गया है कि जली हुई बॉडी महिला डॉक्टर की ही थी और ये उनके परिवारवालों से मैच भी कर गया है. DNA जांच से इस बात की भी पुष्टि हो गई है कि घटना स्थल पर पाए गए सेमिनल के दाग (Seminal Stains) चार आरोपियों के ही थे. महिला डॉक्टर की बॉडी की हड्डियों को DNA जांच के लिए भेजा गया था. इसके अलावा पीड़िता के कपड़ों से सेमिनल सैंपल लिए गए थे. कहा जा रहा है कि जांच अधिकारियों को कुछ और रिपोर्ट का इंतज़ार है.

हैदराबाद के साइबराबाद टोल प्लाजा के पास एक महिला की अधजली लाश मिली थी. महिला की पहचान एक वेटनरी डॉक्टर के तौर पर हुई थी. पुलिस के मुताबिक, महिला की गैंगरेप के बाद हत्या की गई, फिर लाश को पेट्रोल से जलाकर फ्लाईओवर के नीचे फेंक दिया गया. वारदात में शामिल चारों आरोपियों की पहचान मोहम्मद पाशा, नवीन, चिंताकुंता केशावुलु और शिवा के तौर पर हुई थी.

तेलंगाना पुलिस ने  कहा कि दो आरोपियों ने हथियार छीनने के बाद पुलिस पर गोलियां चलायीं, जिसके बाद पुलिस ने ‘जवाबी’ गोलीबारी की. साइबराबाद पुलिस आयुक्त सी वी सज्जनार ने बताया कि आरोपियों में एक मोहम्मद आरिफ ने सबसे पहले गोली चलायी. इसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी और चारों आरोपी एनकाउंटर में ढेर हो गया.

सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद में महिला डॉक्टर से गैंगरेप-मर्डर के बाद हुए चार आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर मामले में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज वीएस सिरपुरकर इसके प्रमुख होंगे. बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व जज रेखा बालदोता और पूर्व सीबीआई डायरेक्टर कार्तिकेन भी इस आयोग के सदस्य बनाए गए हैं. शीर्ष अदालत ने आयोग को अपनी रिपोर्ट छह महीने में देने को कहा है.

Input your search keywords and press Enter.