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अब बॉर्डर पर रहेगी इसरो की पैनी नज़र, ये ख़ुफ़िया आँखें करेंगी निगरानी
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अब बॉर्डर पर रहेगी इसरो की पैनी नज़र, ये ख़ुफ़िया आँखें करेंगी निगरानी

पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों पर नज़र रखने के लिए इसरो ने कमर कस ली है. देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसरो अगले 10 महीनों में 8 उपग्रह अंतरिक्ष में छोड़ने की तैयारी कर रहा है. जिनमे से 5 का इस्तेमाल देश की सीमाओं की निगरानी के लिए किया जायेगा. इन उपग्रहों में एक कार्टोसैट,जबकि 4 रीसैट सीरीज के उपग्रह हैं. तो वहीं बाकी तीन जीसैट सीरीज के हैं. जिनका उपयोग संचार के लिए किया जाता है. उम्मीद जताई गई है कि फ़रवरी 2020 तक सभी उपग्रहों की लॉन्चिंग पूरी हो जाएगी.

गौरतलब है कि पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के आतंकी ठिकानों  पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक और वायु सेना की एयर स्ट्राइक के दौरान भी रीसैट और कार्टोसैट उपग्रहों की मदद ली गई थी.

रीसैट उपग्रहों के जरिए  अंतरिक्ष से जमीन पर 3 फीट की ऊंचाई तक तस्वीरें  खींची  जा सकती हैं. जो प्राकृतिक आपदाओं में काफी महत्वपूर्ण साबित होती हैं. रीसैट सीरीज के उपग्रहों को सीमा पर निगरानी और घुसपैठ रोकने के लिए 26/11 को मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद विकसित किया गया था.

जबकि कार्टोसैट 3 में लगे कैमरे इतने शक्तिशाली होते हैं कि व्यक्ति की कलाई पर लगी घड़ी का समय भी देख सकते हैं. जिसे खास मौकों पर इस्तेमाल किया जाता है. जो देश की सुरक्षा से जुड़े होते हैं. इसरो ने बीते 6 महीनों में 3 ऐसे उपग्रहों को लॉन्च किया था. जिसमें से हाइसिस को नवंबर 2018, माइक्रोसैट-आर को जनवरी और  एमीसैट  अप्रैल में लांच किये गए थे.

इसके अलावा इसरो जीसैट सीरीज के अब तक 20 उपग्रह लांच कर चुका  है.जिनका इस्तेमाल टेलीफोन, टीवी संबंधी संचार के लिए किया जाता है.जीसैट सीरीज के उपग्रह से वायु सेना और नौसेना अपने विमानों और जहाजों को नेविगेट करने में मदद मिलती है. इसके साथ ही जीसैट उपग्रह ने सेनाओं के लिए संचार सेवा भी प्रदान करते हैं.

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