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बस्‍ती में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ‘कबीर तिवारी’ की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्‍या, इलाके में बवाल
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बस्‍ती में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ‘कबीर तिवारी’ की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्‍या, इलाके में बवाल

गोरखपुर: बस्‍ती के मालवीय रोड के पास बाइक सवार दो हमलावरों ने सुबह करीब दस बजे बजे छात्रनेता कबीर तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली हाथ और सीने में लगी है। बताया जा रहा है कि कोतवाली थानातंर्गत रंजीत चौराहे के निकट एक प्लाट था। जिस पर कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार सुबह वह अकेले ही प्लाट पर जा पहुंचा।

तभी बाइक सवार दो हमलावर पहुंचे और पिस्टल से गोलीबारी की। पुलिस ने मौके से दो हमलावरों को पकड़ लिया। इस घटना को कुछ महीने पहले एपीएन पीजी कालेज के सामने हुई फायरिंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शहर में ताबड़तोड़ फायरिंग से अफरातफरी मच गई। घटनास्थल और अस्पताल में भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। कोतवाली पर भारी संख्या में लोग जुटे हुए हैं।

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घायल कबीर को जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्‍हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां डाक्‍टरों ने उन्‍हें मृत घोषित कर दिया। घटना से आक्रोशित भाजपा नेताओं व आम लोगों ने जिला अस्पताल के पास सड़क जाम कर दिया है। आक्रोशित लोगों ने घटना के लिए पुलिस को जिम्‍मेदार बताया है।
हमले के वक्त कबीर ने बचने की कोशिश की तो गोली उनके हाथ को छूते हुए सीने में जा लगी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। एक युवक मौके पर ही पकड़ा गया। दूसरा भागते समय पिकौरा शिव गुलाम मोहल्ले में एक व्यक्ति के घर में घुस गया, जिसे भीड़ ने दबोच लिया। पुलिस मौके पर पहुंच गई है। भीड़ को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। जिला अस्पताल मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया है। शहर में चौकसी बढ़ा दी गई है।

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घटना के बाद कोतवाली पर कई थानों की फोर्स जमा है। एएसपी पंकज, सीओ सिटी गिरीश कुमार सिंह, कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह, एसओ पुरानी बस्ती सर्वेश राय, एसओ वाल्टरगंज अरविंद शाही, एसडीएम सदर एसपी शुक्ल सहित अन्य अधिकारी मौजूद हैं।

कबीर की मौत पर पूरे ऐंठीडीह गांव में मातम है। अपने नौनिहाल की मौत पर गांव की हर आंख नम है। सभी को सम्मान देने की कबीर की आदत के चलते कबीर पूरे गांव के दुलारे थे। एक सामान्य किसान के बेटे की पूरे जिले में अच्छी छवि से पूरा गांव गदगद रहता था। अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे कबीर जब एपीएन कालेज के अध्यक्ष बने तो सभी ने उनके राजनीति के क्षितिज पर चमकने की कामना की। भाजपा के स्थानीय नेता हों या फिर प्रदेश स्तरीय नेता सभी उन्‍हें चाहते थे।

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