fbpx
Now Reading:
इस तरह कर्नाटक की सरकार बचाने की है कोशिश, संकटमोचक डीके शिवकुमार का बड़ा बयान
Full Article 2 minutes read

इस तरह कर्नाटक की सरकार बचाने की है कोशिश, संकटमोचक डीके शिवकुमार का बड़ा बयान

कर्नाटक में जारी सत्ता संकट के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी सोमवार को सदन में बहुमत साबित कर सकते हैं। वहीं, रविवार को कांग्रेस-जेडीएस नेताओं के बीच सत्ता बचाने के लिए बैठकों का दौर जारी रहा। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने रविवार को कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के साथ ताज होटल में बैठक की। बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने फिर से कहा कि सोमवार को गठबंधन सरकार का आखिरी दिन होगा।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार ने कहा कि जेडीएस सरकार बचाने के लिए किसी भी तरह के त्याग के लिए तैयार है। इतना ही नहीं एचडी कुमारस्वामी की पार्टी कांग्रेस की ओर से किसी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए भी तैयार है।

डीके शिवकुमार के मुताबिक, उन्होंने (JDS) ने इसके बारे में हमारे हाईकमान को भी बता दिया है। विश्वास मत पर वोटिंग से पहले डीके शिवकुमार का ये बयान क्या सरकार को बचा पाएगा, इसपर हर किसी की नज़र है।

वहीँ मुंबई में मौजूद बागी विधायकों ने कहा, हम यहां सिर्फ गठबंधन (कांग्रेस-जेडीएस) सरकार को सबक सिखाने के लिए आए हैं। इसके अलावा कोई दूसरा मकसद नहीं है। हम यहां पैसे या किसी दूसरी चीज के लालच में नहीं आए। एक बार सबकुछ ठीक हो जाए, बेंगलुरु लौट जाएंगे। राज्य के बसपा के इकलौते विधायक एन महेश फ्लोर टेस्ट में शामिल नहीं होंगे। रविवार को महेश ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो मायावती ने उन्हें इसके लिए निर्देश दिया है। विश्वास मत प्रस्ताव पर बहस के दौरान भी बसपा विधायक सदन में गैर हाजिर थे। इसके बाद कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मायावती ने अपने विधायक को गठबंधन सरकार के साथ जाने के लिए कहा था।

1 comment

  • […] मनमोहन सिंह ने इस बजट में चीनी, एलपीजी के मूल्य बढ़ाए, आयात-निर्यात से जुड़े नियमों में ढील दी. उर्वरकों की सब्सिडी 40 प्रतिशत कर दी. और इन सबके साथ कई बार राजीव गांधी के सपने का जिक्र किया. अगर समीक्षक के तौर पर देखें तो यह सारे फैसले राजीव गांधी के विचारों और उनके विजन से ठीक उल्टे थे. मगर शायद उस समय राजीव गांधी का नाम वो चाशनी था जिसमें लपेटकर उदारीकरण की कड़वी गोली देश को खिलाई गई. वैसे देश की अर्थव्यवस्था को जैसी कड़वी गोली उस समय चाहिए थी ठीक वैसी ही मनमोहन सिंह ने खिलाई. इन सबके पीछे प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव का पूरा समर्थन और तैयारी थी. […]

Input your search keywords and press Enter.