fbpx
Now Reading:
दक्षिण भारत भी बाढ़ की चपेट में केरल में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, वायनाड जाएंगे राहुल गांधी
Full Article 3 minutes read

दक्षिण भारत भी बाढ़ की चपेट में केरल में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, वायनाड जाएंगे राहुल गांधी

महाराष्ट्र के बाद अब दक्षिण भारत भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। कर्नाटक के बाद केरल में भी जल प्रलय जारी है। हालत से बद से बद्तर होते जा रहे हैं, जिसे देखते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र केरल के वायनाड समेत देश के कई हिस्सों में आई भयावह बाढ़ पर चिंता प्रकट की है। राज्य के एर्नाकुलम, त्रिशूर, पठानमथिट्टा, मलप्पुरम जिलों में बीती रात जोरदार बारिश हुई। इस कारण कई घरों में पानी भर गया। मलप्पुरम और कोझीकोड को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें जल भराव के कारण बंद हैं। केरल में बाढ़ से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं वायनाड में भूस्खलन हुआ है।

हालत को देखते हुए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स को लगा दिया गया है। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीम ने अलग अलग इलाकों से अब तक 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। अब तक करीब 100 से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया है। इस ऑपरेशन को खत्म करने में 10 से 12 घंटे लग सकते हैं। भूस्खलन करीब 2 किमी तक हुआ है। इस बीच कोच्चि हवाई अड्डे पर 11 अगस्त 3 बजे तक सभी विमानों का परिचालन रोक दिया गया है।मौसम विभाग ने केरल के इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड के में बारिश का रेड अलर्ट, जबकि त्रिशूर, पलक्कड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी से बात की है। उन्होंने पीएम मोदी से सहयोग की अपील की है। उन्होंने अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए संदेश दिया कि किया कि वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि वायनाड में बाढ़ की स्थिति और मदद को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से भी बात करेंगे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मैं बाढ़ प्रभावित राज्यों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूं कि वे जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए जो भी कर सकते हैं, वो करें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रार्थना करता हूं कि बाढ़ का पानी जल्द कम हो।’’ राहुल ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में बाढ़ पर चिंता जताते हुए कहा, ‘‘वायनाड के लोगों के साथ मेरी संवेदना और प्रार्थना जो बाढ़ का सामना कर रहे हैं। मैं वायनाड जाने वाला था, लेकिन मुझे अधिकारियों ने सलाह दी है कि वहां मेरी मौजूदगी से राहत अभियान बाधित हो सकता है। मैं उनकी अनुमति की प्रतीक्षा कर रहा हूं।’’

केरल के तट से सटे इलाकों में पश्चिम दिशा की ओर से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। इस कारण मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

केरल स्टेटट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी(केडीएसएमए) के मुताबिक केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 22,165 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। पूरे राज्य में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 315 कैंप स्थापित किए गए हैं।

Input your search keywords and press Enter.