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250 रुपये की रिश्वत का था आरोप, 28 साल बाद साबित हुआ निर्दोष
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250 रुपये की रिश्वत का था आरोप, 28 साल बाद साबित हुआ निर्दोष

देश की राजधानी दिल्ली में एक अजीबोग़रीब मामला सामने आया है. जहां महज 250 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एक व्यक्ति को 28 साल बाद बरी किया गया है.

मामला दिल्ली के एमसीडी से जुड़ा हुआ है. जहां एक कर्मचारी जगन्नाथ को साल 1991 में घूस लेने के आरोप में पकड़ा गया था. जिसके अब जाकर हाईकोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है. कोर्ट के फैसले पर ख़ुशी जताते हुए जगन्नाथ ने ग्रेच्युटी मिलने की उम्मीद जताई है.

बताया जा रहा है कि एमसीडी में कार्यरत जगन्नाथ पर साल 1991 में एक घायल गाय को छोड़ने के लिए 250 रुपये रिश्वत लेने का आरोप है. जगन्नाथ को एजंसियों ने घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. दरअसल एमसीडी में ही काम करने वाले एक कर्मचारी ने जगन्नाथ पर गाय छोडने की एवज में घूंस मागंने का आरोप लगाया था. जिसके चलते निचली अदालत ने जगन्नाथ को एक साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई थी. जबकि जगन्नाथ ने खुद को बेक़सूर बताते हुए निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने अप्रैल 2002 में इस सजा पर रोक लगा दी.

जगन्नाथ की अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उसे संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी कर दिया. अपने फैसले

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