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सरायकेला नक्सली हमला: झारखंड पुलिस की लचर इनपुट की वजह से गई जवानों की जान, घटनास्थल से AK 47 खोखे बरामद
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सरायकेला नक्सली हमला: झारखंड पुलिस की लचर इनपुट की वजह से गई जवानों की जान, घटनास्थल से AK 47 खोखे बरामद

झारखंड के सरायकेला के तिरूलडीह थानाक्षेत्र में शुक्रवार देर शाम कुकड़ू साप्ताहिक बाजार से लौट रही पुलिस टीम पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं। शहीद पुलिसकर्मियों में दो एएसआई और तीन कांस्टेबल शामिल हैं। घटना के बाद नक्सली पुलिस के हथियार भी लेकर फरार हो गए।

अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से एक दर्जन से अधिक AK 47 कारतूस के खोखे बरामद किए। जांच टीम के मुताबिक नक्सलियों को पुलिस टीम की वहां पहुँचने को लेकर सारी  जानकारी थी। जिस बाज़ार में इस हमले को अंजाम दिया गया है वहां भी नक्सलियों ने अपने खबरियों को पहले से तैनात कर रखा था। हमले के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

कोल्हान डीआईजी कुलदीप द्विवेदी ने कहा भीड़ की आड़ में पहले से घात लगाए नक्सलियों ने हमला किया। मौके पर पांच-छह बाइक से नक्सली पहुंचे थे। हर बाइक पर दो से तीन नक्सली बैठकर आये थे। जैसे ही पुलिस टीम गाडी से उत्तरी अचानक नक्सलियों ने एक साथ पुलिस पार्टी पर हमला किया। पुलिस कुछ समझ नहीं पाई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी कई राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें कुछ नक्सलियों के घायल होने की सूचना है। इस घटना में दो एएसआई समेत पांच पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भागने के क्रम में नक्सली तीन इंसास व दो पिस्तौल लूटकर ले गए। घटना के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

जिले के चांडिल के पास तिरुलडीह थाना क्षेत्र के कुकडु साप्ताहिक हाट में शुक्रवार शाम 5.45 नक्सलियों ने पुलिस के गश्ती दल पर हमला कर दिया था। इसमें दो एएसआई सहित पांच जवान शहीद हो गए।

नक्सलियों ने पहले जवानों पर भुजाली से हमला किया फिर ताबड़तोड़ फायरिंग की। नक्सली पुलिस के हथियार लूटकर भाग गए। पुलिस के ड्राइवर सुखलाल कुदादा ने जंगल में भागकर अपनी जान बचाई। शहीद हुए जवानों में एएसआई मनोधन हासदां, एएसआई गोवर्धन पासवान, कांस्टेबल युधिष्ठिर मालुवा, कांस्टेबल धनेश्वर महतो और कांस्टेबल डिबरू पूर्ति का नाम शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भागते हुए बदमाश माओवाद जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। घटना के बाद ढाई घंटे तक जवानों के शव सड़क पर पड़े रहे। पुलिस अफसर घटनास्थल पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। रात करीब 8 बजे डीआईजी के नेतृत्व में फोर्स घटनास्थल पर पहुंचा।

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