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UNHRC में झूठा पड़ा पाकिस्तान, इमरान ने कबूली जेहादियों को ट्रेनिंग देने की बात, अमेरिका भी जिम्मेदार ?
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UNHRC में झूठा पड़ा पाकिस्तान, इमरान ने कबूली जेहादियों को ट्रेनिंग देने की बात, अमेरिका भी जिम्मेदार ?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान के इस झूठे दावे पर भारत ने कहा कि यूएनएचआरसी में झूठ और धोखे के जरिए कश्मीर मुद्दे के “राजनीतिकरण” और “ध्रुवीकरण” का पाकिस्तान का प्रयास पूरी तरह विफल हो गया और वैश्विक समुदाय उसके चरित्र से भली- भांति परिचित है.

कश्मीर को लेकर बुरी तरह से बौखलाए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ाया जा रहा है. ये मजाक उनके एक दावे को लेकर उड़ रहा है. इमरान खान ने कश्मीर पर बयानबाजी करते हुए ट्वीट करके दावा किया था कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में पाकिस्तान को 58 सद्स्य देशों ने समर्थन दिया है. जबकि यूएनएचआरसी में केवल 47 सदस्य ही हैं.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, “यूएनएचआरसी में 47 सदस्य देश हैं. वे (पाकिस्तान) 60 देशों के समर्थन का दावा कर रहे हैं.’’ साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के पास उन देशों की सूची नहीं है जिनका समर्थन प्राप्त होने का पाकिस्तान दावा कर रहा है. पाकिस्तान को यह समझ लेना चाहिए कि ‘‘चार या पांच बार झूठ दोहराने से कोई बात सच नहीं होती. ’’

वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनके देश को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का साथ देने की भारी कीमत चुकानी पड़ी है. पाक पीएम ने कहा कि अमेरिका ने अंत में अफगानिस्तान में अपनी नाकामी का दोष पाकिस्तान के सिर पर मढ़ दिया जोकि सही नहीं है.

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रशिया टुडे को दिए इंटरव्यू में इमरान खान ने कबूल किया कि शीत युद्ध के दौरान अफगानिस्तान में सोवियत संघ से लड़ने के लिए पाकिस्तान ने ही जिहादियों को तैयार किया था जिसकी फंडिंग अमेरिका ने ही की थी. लेकिन एक दशक बाद अमेरिका ने इन्हीं जिहादियों को आतंकवादी घोषित कर दिया.

पीएम इमरान खान ने कहा कि जब पाकिस्तान ने 9/11 हमले के बाद अमेरिका का साथ दिया तो उसे बहुत नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने कहा, अगर हमने 9/11 के बाद आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में हिस्सा नहीं लिया होता तो आज हम दुनिया के सबसे खतरनाक देश नहीं होते.अफगानिस्तान में अमेरिकी हमले पर इमरान ने कहा, 80 के दशक में जब सोवियत ने अफगानिस्तान में हमला किया तो उनके खिलाफ अफगान मुजाहिदीन को पाकिस्तान ने प्रशिक्षण दिया जिसकी फंडिंग अमेरिका की जांच एजेंसी सीआईए कर रही थी.

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