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राजस्थान में अचानक प्रवासी पक्षियों की हो रहे मौत से हड़कंप, अब तक 8000 से भी ज़्यादा मरे मिले
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राजस्थान में अचानक प्रवासी पक्षियों की हो रहे मौत से हड़कंप, अब तक 8000 से भी ज़्यादा मरे मिले

प्रदेश की राजधानी के पास स्थित सांभर झील (Sambhar lake) में हजारों पक्षियों की अचानक मौत हो गई. पक्षियों की मौत का कारण अभी पता नहीं चला है, लेकिन करीब 25 अलग- अलग प्रजातियों (25 species) के करीब आठ हजार से ज्यादा परिंदों की मौत (Birds found Dead) हो चुकी है. इनमें हिमालय, साइबेरिया, नॉर्थ एशिया समेत कई देशों से आने वाले प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं. ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि झील में किसी तरह कोई जहरीला केमिकल पहुंचा गया या फिर झील में कोई ऐसी चीज पहुंची है, जो बेजुबान पक्षियों की जान ले रही है. इस घटना का खुलासा तब हुआ जब जयपुर से कुछ पक्षी विशेषज्ञ सामान्य स्टडी और फोटोग्राफी के लिए सांभर झील पहुंचे. वे झील में चारों ओर मृत पक्षियों को देखकर हैरान रह गए.

इन प्रजातियों के प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की गई जान

नॉदर्न शावलर, पिनटेल, कॉनम टील, रूडी शेल डक, कॉमन कूट गेडवाल, रफ, ब्लैक हेडड गल, ग्रीन बी ईटर, ब्लैक शेल्डर काइट कैसपियन गल, ब्लैक विंग्ड स्टील्ट, सेंड पाइपर, मार्श सेंड पाइपर, कॉमस सेंड पाइपर, वुड सेंड पाइपर पाइड ऐबोसिट, केंटिस प्लोवर, लिटिल रिंग्स प्लोवर, लेसर सेंड प्लोवर.

किसी फैक्ट्री से झील में जहरीला कचरा छोड़ना माना जा रहा मौत का कारण

सांभर झील एक विश्व विख्यात रामसर साइट है. यहां देशी-विदेशी कई तरह के पक्षी रहते हैं और प्रवास पर भी आते हैं. इस बार अच्छी बरसात के बाद सांभर झील में पानी की अच्छी आवक हुई थी, जिससे यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही थी. मौके पर मिले परिंदों के शवों से ऐसा अंदाजा़ लगाया जा रहा है कि आसपास की किसी फैक्ट्री ने इस झील में ऐसा ज़हरीला कचरा छोड़ा है जो बेजुबान परिंदो के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. परिंदों के ज्यादातर शव एक दिन पुराने हैं. वन विभाग को न तो मामले की खबर लगी, न ही किसी ने इस मामले में अब तक सुध ली.

मिलावट का पता लगाने के लिए लिया गया पानी का सैंपलऐसा बताया जा रहा है सांभर साल्ट्स की ओर से एक मेडिकल टीम ने मौके पर पानी के सैंपल कलेक्ट किए हैं ताकि नमूनों से पता लगाया जा सके कि पानी में क्या मिला है. यहां मारे गए परिंदों के शवों का भी पोस्टमार्टम कर उनकी मौत की वजह पता करने की ज़रूरत है ताकि बचे हुए हजारों पक्षियों को बचाया जा सके. मौके पर पहुंचे पक्षी प्रेमी और पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि हालात देखकर साफ नज़र आ रहा है, सांभर झील में किसी तरह का ज़हर पहुंचाया गया है. ज्यादातर ऐसे पक्षी मरे हैं, जिन्हें वेडर्स कहा जाता है, वेडर के मायने है कि वे पक्षी जो छिछले पानी के आसपास पानी और कीचड़ में अपना भोजन तलाशते हैं.

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