fbpx
Now Reading:
रिटायरमेंट की आयु 60 साल से बढ़ाए जाने की उम्मीद, आर्थिक सर्वे में दिया गया संकेत

रिटायरमेंट की आयु 60 साल से बढ़ाए जाने की उम्मीद, आर्थिक सर्वे में दिया गया संकेत

जीवन प्रत्याशा (लाइफ एक्सपेक्टेंसी) में वृद्धि के चलते ऐसा लगता है कि देश की कामकाजी आबादी की सेवानिवृत्ति आयु यानी रिटायरमेंट एज को मौजूदा 60 साल से आगे बढ़ाना जरूरी हो गया है. आर्थिक समीक्षा में यह बात कही गई है. भारत में पुरुषों और महिलाओं दोनों की जीवन प्रत्याशा में वृद्धि जारी रहने की संभावना को यह देखते हुए पुरुष और महिला दोनों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाई जा सकती है. इसे अन्य देशों के अनुभव के मुताबिक माना जा सकता है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आर्थिक समीक्षा 2018-19 पेश की. समीक्षा में कहा गया है कि प्रजनन दर में गिरावट और जीवन प्रत्याशा में वृद्धि की वजह से साल 2031-41 के दौरान भारत की जनसंख्या वृद्धि दर 0.5 फीसदी से नीचे रहने की उम्मीद है. इसमें कहा गया है कि सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि संभवत: अनिवार्य है. इसलिए इस बदलाव के पहले ही संकेत दिए जा सकते हैं ताकि श्रमबल इसके लिए तैयार हो सके. समीक्षा में जोर दिया गया कि यह पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति प्रावधानों के लिए पहले से तैयारी करने में भी मदद करेगा.

Related Post:  लगातार गिरावट के बाद शेयर बाजार में फिर लौटी रौनक, सेंसेक्स में 250 अंक से अधिक की बढ़त

बुजुर्ग आबादी बढ़ने और पेंशन वित्तपोषण को लेकर बढ़ते दबाव के कारण कई देशों ने पेंशन योग्य सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ानी शुरू कर दी है. आर्थिक समीक्षा में भारत की जनसंख्या पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है कि आने वाले दो दशकों में देश की जनसंख्या वृद्धि दर में काफी गिरावट होगी. जनसंख्या वृद्धि दर 2021-31 के दौरान एक फीसदी से कम और 2031-41 के दौरान 0.5 फीसदी से नीचे रहेगी.

समीक्षा के मुताबिक पूरे देश के लिए युवा आबादी का लाभ मिलेगा लेकिन कुछ राज्य 2030 तक बुजुर्ग आबादी की ओर बढ़ाना शुरू कर देंगे. जनसंख्या में 0-19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की संख्या 2011 के उच्चतम स्तर 41 फीसदी से घटकर 2041 में 25 फीसदी रह जाएगी.

Related Post:  शेयर बाजार में नौ दिन की गिरावट के बाद लगा ब्रेक, उछला सेंसेक्स, 228 अंक की बढ़त

दूसरी ओर आबादी में 60 साल आयु वर्ग वाले लोगों की संख्या 2011 के 8.6 फीसदी से बढ़कर 2041 तक 16 फीसदी पर पहुंच जाएगी. कामकाजी आबादी 2021-31 के बीच 97 लाख प्रति वर्ष की दर से बढ़ेगी और 2031-41 के बीच 42 लाख प्रति वर्ष की रफ्तार से बढ़ेगी.

अगले दो दशकों में देश में जनसंख्या और लोगों की आयु संरचना के पूर्वानुमान नीति-निर्धारकों के लिए स्वास्थ्य सेवा, वृद्धों की देखभाल, स्कूल सुविधाओं, सेवानिवृत्ति से संबंध वित्तीय सेवाएं, पेंशन कोष, आयकर राजस्व, श्रम बल, श्रमिकों की हिस्सेदारी की दर और सेवानिवृत्ति की आयु जैसे मुद्दों से जुड़ी नीतियां बनाना एक बड़ा काम होगा.

Related Post:  मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ़, रद्द होगी एंटिगुआ की नागरिकता
Input your search keywords and press Enter.