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जम्मू कश्मीर: 2019 में अब तक मारे गए 103 आतंकी, 2 साल में अब तक 357 आतंकियों का खात्मा
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जम्मू कश्मीर: 2019 में अब तक मारे गए 103 आतंकी, 2 साल में अब तक 357 आतंकियों का खात्मा

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों और स्थानीय पुलिस की मदद से चलाया जा रहा है ऑपरेशन ऑल आउट रंग ला रहा है. आतंकियों के सफाई के लिए चलाया गया यह अभियान पूरी तरह से सफल होता दिखाई दे रहा है. बीते 2 साल में अब तक 357 आतंकियों को मार गिराने में सुरक्षाबलों ने कामयाबी हासिल की है.

जिस तरह से बीते कुछ वर्षों में आतंकियों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन ऑल आउट को जारी रखा है एक-एक करके आतंकियों का खात्मा किया जा रहा है. रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 में अब तक 103 आतंकियों को मार गिराया गया है. जबकि पिछले साल 2018 में यह आंकड़ा 254 था यानी 2018 में 254 आतंकी मारे गए थे.

आपको बता दें कि जिस समय ऑपरेशन ऑल आउट अभियान शुरू किया जा रहा था. तब तकरीबन 1200 आतंकियों की एक सूची जारी की गई थी. जिसमें से अब तक करीब करीब 500 से अधिक आतंकियों को ठिकाने लगाया जा चुका है. इसी से ऑपरेशन ऑल आउट की सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

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2018 is bloodiest year for kashmir

 

बता दें कि सेना और स्थानीय पुलिस की मदद से चलाया जा रहा ऑपरेशन ऑल आउट इस समय घाटी में आतंकवादियों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है. घाटी में आतंकी ऑपरेशन ऑल आउट से बौखलाए हुए हैं और वह लगातार सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर रहे हैं. यहां तक कि रिहायशी इलाकों को भी आतंकियों द्वारा निशान निशाना बनाया जा रहा है.

इसके अलावा अलगाववादी और पत्थरबाजों के लिए भी ऑपरेशन ऑल आउट परेशानी का सबब बना हुआ है इसीलिए लगातार कश्मीर में अलगाववादी और पत्थरबाज विरोध प्रदर्शन करते रहते हैं.आपको बता दें कि जिस तरह से पिछले साल अलगाववादियों से बातचीत करने के लिए और पत्थरबाजी पत्थरबाजी में शामिल होने वाले युवाओं को मेन स्ट्रीम में वापस लाने के लिए एक मुहिम शुरू की गई थी.

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जिसके लिए दिनेश्वर शर्मा को घाटी में बातचीत के लिए नियुक्त किया गया था वह बातचीत भी गृह मंत्रालय की ओर से कराई गई थी जिसके बाद यह चीजें निकलकर सामने आई थी कि बातचीत के जरिए अलगाववादियों और पत्थरबाजों को रोककर घाटी में अमन और शांति पैदा की जाएगी.

उसी के तहत पिछले साल गृह मंत्रालय ने रमजान के महीने में ऑपरेशन ऑल आउट को बंद करने का ऐलान किया था. हालांकि इस बार रमजान के महीने में गृह मंत्रालय ने पिछले साल की तरह कोई कदम नहीं उठाया क्योंकि पिछले साल जब गृह मंत्रालय की तरफ से रमजान के महीने में आतंकियों पर कार्यवाही करने के लिए मनाही की गई थी उस समय आतंकियों ने उसका गलत इस्तेमाल करते हुए सुरक्षाकर्मियों पर कई बार हमले किए थे.

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वहीं दूसरी तरफ अगर बात करे सीजफायर वायलेशन की तो 2019 में 6 जून तक पाकिस्तान की तरफ से कुल 1170 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया. जबकि 2018 में पाकिस्तान की तरफ से 1 साल भर में 1629 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया था.

Kashmir Attack

कुल मिलाकर घाटी में इस समय ऑपरेशन ऑल आउट अपने चरम पर है सुरक्षाकर्मियों का आतंकियों के विरोध में चलाया जा रहा अभियान रंग ला रहा है और लगातार सूची के आतंकियों की गिनती कम हो रही है.

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