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मॉब लिंचिंग के खौफ से डरा ये मुस्लिम अफसर, बदलना चाहता है अपना नाम
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मॉब लिंचिंग के खौफ से डरा ये मुस्लिम अफसर, बदलना चाहता है अपना नाम

देश में लगातार बढ़ रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं से परेशान मध्य प्रदेश के एक आईएएस अधिकारी ने अपना नाम बदलने का फैसला लिया है. दरअसल मध्य प्रदेश में तैनात नियाज खान ने बीते शनिवार मॉब लिंचिंग पर चिंता जाहिर करते हुए एक के एक बाद कई ट्वीट किए. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि पिछले 6 महीनों से मैं इस पुस्तक के लिए और अपने लिए एक नया नाम ढूंढ रहा हूं, ताकि मैं अपनी मुस्लिम पहचान छिपा सकूं. खुद को नफरत की तलवार से बचाने के लिए यह जरूरी है.

अपने दूसरे ट्वीट में नियाज ने लिखा कि नया नाम मुझे हिंसक भीड़ से बचाएगा. अगर मेरे पास टोपी, कुर्ता और दाढ़ी नहीं है तो मैं भीड़ को अपना नकली नाम बताकर आसानी से निकल सकता हूं. हालांकि, अगर मेरा भाई पारंपरिक कपड़े पहन रहा है और दाढ़ी रखता है तो वह सबसे खतरनाक स्थिति में है. साथ ही उनका कहना है कि कोई भी संस्थान हमें बचाने में सक्षम नहीं है. ऐसे में नाम बदलना बेहतर है.

नियाज अपने एक ट्वीट में कहते हैं कि मेरे समुदाय के फिल्म अभिनेताओं को अपनी फ़िल्में बचने के लिए एक नया नाम ढूंढ लेना चाहिए. साथ ही उनका कहना है कि अब तो टॉप स्टार्स की फिल्में भी फ्लॉप होने लगी हैं. उन्हें इसका मतलब समझना चाहिए.

वैसे यह कोई पहला मौका नहीं है जब नियाज खान के ट्वीट मीडिया की सुर्खियां बन रहे हैं. इसके पहले भी जनवरी महीने में नियाज में ट्वीट करते हुए कहा था कि ‘सरकारी सेवा में 17 साल, 10 जिलों में ट्रांसफर और 19 शिफ्टिंग्स में मुझे हमेशा एक जर्मन यहूदी की तरह अछूत महसूस कराया गया। खान उपनाम ने मेरा भूत की तरह पीछा किया है’ जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ था. तो वहीं

नियाज नवी मुंबई की तलोजा सेंट्रल जेल में अबू सलेम के जीवन पर किताब लिखने को लेकर भी सुर्ख़ियों में रह चुके हैं. उन्होंने इसके लिए तलोजा सेंट्रल जेल में सालेम के साथ रहने की इजाजत मांगी थी. जिसे नामंजूर कर दिया गया था.

1 comment

  • ashish-tiwari

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