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राहुल गाँधी ने फिर नरेंद्र मोदी पर राफेल को लेकर बोला हमला, पूछा ऑडियो टेप के सच होने के बाद भी क्यों दर्ज नहीं हुई FIR
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राहुल गाँधी ने फिर नरेंद्र मोदी पर राफेल को लेकर बोला हमला, पूछा ऑडियो टेप के सच होने के बाद भी क्यों दर्ज नहीं हुई FIR

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल विमान सौदे को लेकर पीमए नरेंद्र मोदी पर निशाना पर साधा है. राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राफेल विमान सौदे को लेकर सामने आये ऑडियो टेप को तीस दिन से ज्यादा दिन बीत चुकें हैं. लेकिन अभी तक इस मामलें में कोई FIR दर्ज नहीं क्यों हुई है?

कांग्रेस अध्यक्ष ने एक ट्वीट करते हुए कहा है कि राफेल मामले में गोवा के एक मंत्री की कथित बातचीत वाला ऑडियो टेप सामने आने के 30 दिन बीत जाने बाद भी कोई FIR दर्ज नहीं हुई और ऐसे में यह साफ़ हो गया है कि यह टेप असली है. इसके साथ ही राहुल गाँधी का कहना है कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के पास राफेल के बारे में गोपनीय जानकारियां मौजूद हैं. जो उनकों प्रधानमंत्री के मुकाबले ज्यादा ताकतवर बनाती हैं. राहुल गाँधी ने यह बातें गोवा की गठबंधन सरकार में मंत्री विश्वजीत राणे से जुड़ी एक खबर को री-ट्वीट करते हुए कही.

दरअसल बीती 2 जनवरी 2019 को राफेल विमान सौदे को लेकर कांग्रेस ने एक ऑडियो टेप जारी किया था. जिसमें मौजूद आवाज गोवा के एक मंत्री विश्वजीत राणे की होने का दावा किया गया था. इस ऑडियो में विश्वजीत राणे को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की बैठक में कहा कि मेरे बेडरुम में राफेल मामले की सभी जानकारियां हैं. हालाँकि बाद में विश्वजीत राणे ने इसे फर्जी करार देते हुए कहा था कि टेप के साथ छेड़छाड़ की गई है.

गौरतलब है कि राफेल विमान सौदे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं. राफेल सौदे की ‘बेंचमार्क प्राइज’ को 5.2 अरब यूरो से बढ़ाकर 8.2 अरब यूरो करने को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमलावर है. दरअसल कांग्रेस का कहना है कि नरेंद्र मोदी सरकार प्रति विमान 1600 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही है जबकि यूपीए सरकार के कार्यकाल के समय हर एक विमान की कीमत 527 करोड़ रुपये तय की गई थी.इसके साथ ही कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र में वर्त्तमान मोदी सरकार ने अनिल अंबानी की कंपनी को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से HAL की जगह अम्बानी की कंपनी को तरजीह दी.

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