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अमेरिकी राष्ट्रपति का झूठ नंबर 100001, पाकिस्तान के साथ क्या खिचड़ी पका रहे हैं ?
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अमेरिकी राष्ट्रपति का झूठ नंबर 100001, पाकिस्तान के साथ क्या खिचड़ी पका रहे हैं ?

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मिलने वाशिंगटन गये हैं। इस यात्रा को लेकर कई तरह के सवाल हैं। पहला सवाल यह कि आखिर इमरान खान क्यों अमेरिका गये हैं, दूसरा उनके साथ आईएसआई और आर्मी चीफ के चीफ क्यों हैं। इतिहास में पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान का कोई पीएम आर्मी प्रमुख और आईएसआई चीफ को लेकर गया है।

वहीँ दूसरी तरफ दुनिया भर में इमरान खान औरडोनाल्‍ड ट्रंप के बीच हुई पहली मुलाकात सुर्खियों में है। इसके सुर्खियों में आने की वजह कुछ और नहीं बल्कि कश्‍मीर का मुद्दा है। जिसके जवाब में ट्रंप ने जो कहा उसकी वजह से उनकी किरकिरी भी खूब हो रही है। दरअसल, ट्रंप ने दावा किया था की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे भारत-पाक की वार्ता में मध्‍यस्‍थ बनने को कहा था। लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे ट्रंप का झूट करार देते हुए इसका खंडन करते हुए अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी।

इस नए विवाद के बाद व्‍हाइट हाउस भी बैकफुट पर आता दिखाई दे रहा है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है की किसी गंभीर मामले पर ट्राम ने बड़बोलापन दिखाया है। राष्‍ट्रपति ट्रंप के झूठ बोलने की बात इस हद तक जा पहुंची है की उसके झूठ पर एक रिपोर्ट में यहां तक कहा जा चुका है कि यूएस राष्‍ट्रपति ने अपने इस पूरे कार्यकाल में ही दस हजार से अधिक झूठ बोल चुके हैं। रिपोर्ट वाशिंगटन पोस्‍ट ने फैक्‍ट चेकर नाम से जारी की थी। इसमें कहा गया कि पिछले वर्ष ट्रंप ने हर रोज करीब 17 झूठ बोले थे। यह रिपोर्ट अपने आप में बेहद चौंकाने वाली है। इस रिपोर्ट की मानें तो पहले वर्ष की तुलना में ट्रंप ने दूसरे वर्ष में कहीं अधिक झूठे बयान दिए थे। जहां तक फैक्‍ट चैकर की बात है तो आपको बता दें कि यह राष्‍ट्रपति द्वारा दिए गए बयानों का विश्‍लेषण और तथ्‍यों की पड़ताल के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचता है और रिपोर्ट जारी करता है।

नाम बड़े और दर्शन छोटे – ट्रंप के बड़े झूठ

ट्रंप ने कहा था कि पूर्व अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा अमेरिका में पैदा नहीं हुए। इसके बाद खुद व्‍हाइट हाउस द्वारा ओबामा का बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने का भी श्रेय ट्रंप ने ही ले लिया। 2016 में उन्‍होंने माना कि पूर्व राष्‍ट्रपति अमेरिकी नागरिक हैं और उनका जन्‍म अमेरिका में ही हुआ है। इसके बाद ट्रंप ने मिशेल ओाबामा पर ये कहते हुए सवाल उठाया था कि उन्‍होंने ही ओबामा के जन्‍म को लेकर अफवाह फैलाई थी।

राष्‍ट्रपति चुनाव में प्रतिद्वंदी बने टेड क्रुज को लेकर ट्रंप ने कहा था कि उनके पिता पूर्व अमेरिकी राष्‍ट्रपति जॉन एफ केनेडी की हत्‍या में शामिल थे।
ट्रंप ने कहा कि गैर कानूनी मतदाताओं की वजह से उन्‍हें पॉपुलर वोट पाने में नाकामी हासिल हुई थी।

अपने बयानों में उन्‍होंने अमेरिका में बेरोजगारी की दर 5 फीसद तो कभी 24 फीसद, कभी 42 फीसद तक बताई।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव में जीत के बाद ट्रंप ने कहा था कि उन्‍होंने भारी जीत हासिल की है। लेकिन हकीकत में तीन राज्‍यों में उन्‍हें हार मिली थी।

उन्‍होंने एफबीआई कर्मी पीटर पर अन्‍य के साथ मिलकर सरकार गिराने के लिए षड़यंत्र रचने का आरोप लगाया था। लेकिन इस बारे में कोई सुबूत हासिल नहीं हो सका।

एफबीआई डायरेक्‍टर जेम्‍स कॉमे को हटाए जाने को लेकर भी उनका झूठ अधिक समय तक नहीं चल सका था। उनका कहना था कि अमेरिकी अटॉर्नी जनरल और उनके डिप्‍टी की सलाह पर यह फैसला लिया गया था।

अपने निजी वकील माइकल कोहेन को 2018 की शुरुआत में उन्‍होंने इमानदार और शानदार इंसान बताया था लेकिन अंत तक उनके प्रति ट्रंप की राय बदल चुकी थी। एक बयान में उन्‍होंने कोहेन को कमजोर इंसान, नॉट स्‍मार्ट पर्सन तक कहा।

ट्रंप ने कहा कि राष्‍ट्रपति चुनाव के दौरान तत्‍कालीन राष्‍ट्रपबत ओबामा ने उनके पीछे जासूस लगाए जिससे हिलेरी क्लिंटन को जीत में मदद मिल सके।

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