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गली-गली चोर है
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गली-गली चोर है

बॉलीवुड में रूमी जा़फरी की पहचान एक लेखक के रूप में है. कई हिट फिल्मों की कहानी, स्क्रीन प्ले और संवाद उन्होंने लिखे हैं. डेविड धवन के लिए उन्होंने कई कॉमेडी फिल्मों में लेखन किया है. हीरो नं 1, घरवाली बाहरवाली, बड़े मियां छोटे मियां, दुल्हन हम ले जाएंगे, मैंने प्यार क्यों किया जैसी हिट फिल्मों से उनका नाम जुड़ा है. बतौर निर्देशक रूमी अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्षरत हैं. अमिताभ, सलमान और प्रियंका जैसे सितारों को लेकर उन्होंने गॉड तुस्सी ग्रेट हो (2008) बनाई, लेकिन फिल्म बुरी तरह पिट गई. लाइफ पार्टनर (2009) की भी चर्चा नहीं हुई. गली-गली चोर है बतौर निर्देशक उनका तीसरा प्रयास है. भोपाल में रहने वाला भारत एक आम आदमी है. स्कूटर पर घूमने वाला भारत पार्ट टाइम कैशियर और रामलीला में पार्ट टाइम हनुमान है. भारत अपने पिता शिवनारायण के साथ रहता है, जिनकी ख्वाहिश है कि अपना देश भ्रष्टाचार मुक्त हो. भारत की पत्नी निशा एक स्कूल टीचर है. भारत का निशा हर तरह से ध्यान रखती है, लेकिन स्वभाव से थोड़ी शक्की है. वह चाहती है कि भारत की तरक्क़ी हो. वह कैशियर से मैनेजर बने. इस छोटे और खुशहाल परिवार में अमिता नामक एक मेहमान भी है. खूबसूरत अमिता एक कॉल सेंटर पर काम करती है और चाहती है कि कभी-कभी भारत भी उसे अपने स्कूटर पर उसे ऑफिस छोड़ दिया करे. रामलीला में भारत अब राम का रोल करना चाहता है जो अब तक सत्तू त्रिपाठी निभाते आए हैं. सत्तू के बड़े भैया मंकू त्रिपाठी एमएलए हैं. दोनों भाइयों का भारत से छत्तीस का आंकड़ा है. सत्तू खराब एक्टर है और भारत से इस बात से नाराज़ है कि हनुमान के रूप में सारी तालियां वह बटोर ले जाता है. मंकू इसलिए नाराज़ है कि चुनाव प्रचार के लिए अपने घर का अतिरिक्त कमरा भारत ने उन्हें नहीं दिया. ऊपर से वह कमरा भारत ने उनके विरोधी उम्मीदवार मोहनलाल को दे दिया. मोहनलाल, भारत के पिता का अच्छा दोस्त है. भारत के  घर का दरवाज़ा एक रात हवलदार परशुराम कुशवाहा खटखटाता है. वह भारत को उस टेबल, पंखे के बारे में बताता है, जो उसके घर से चोरी हुआ है. कुशवाहा का कहना है कि भारत कोर्ट आ जाए, जहां स्थानीय पान वाले बच्चू गुलकंद के सामने चोर चुन्नू फरिश्ता अपना जुर्म क़बूल लेगा और भारत को पंखा मिल जाएगा. घटनाक्रम कुछ ऐसे घटते हैं कि यह मामला उलझ जाता है और भारत को न चाहते हुए भी पुलिस, अपराधी, गवाह, वकील और जज को घूस देनी पड़ती है, तब जाकर उसे पंखा वापस मिलता है. यह घटना एक पार्ट टाइम कैशियर और हनुमान का रोल निभाने वाले कलाकार को नेशनल न्यूज़ का हिस्सा बना देती है. कैसे? इसका जवाब फिल्म में मिलेगा.

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