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पत्रकारों की दुनिया में ये 3 शब्द बहुत मायने रखते हैं, पर अब इनका मतलब ही खत्म हो गया

पत्रकारों की दुनिया में ये 3 शब्द बहुत मायने रखते हैं, पर अब इनका मतलब ही खत्म हो गया

पत्रकारिता की परिभाषाएं और उदाहरण अब बिल्कुल बदल गए हैं। बहुत सारे पत्रकार अब अपने को नए माहौल में ढाल नहीं पा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने जो सीखा, वह आज बेकार हो गया है। अपनी पूरी जिंदगी उनके सामने सिद्धांतों...

एयर स्ट्राइक के एक महीने बाद बालाकोट में जैश के ट्रेनिंग कैंप पहुंचे मीडियाकर्मी , पाकिस्तान की मंशा पर उठे बड़े सवाल

एयर स्ट्राइक के एक महीने बाद बालाकोट में जैश के ट्रेनिंग कैंप पहुंचे मीडियाकर्मी , पाकिस्तान की मंशा पर उठे बड़े सवाल

पाकिस्तान के बालाकोट में इंडियन एयर फ़ोर्स की कार्यवाही के 1 महीने बाद पाकिस्तानी सेना पहली चुनिंदा मीडियाकर्मियों को लेकर जैश के ट्रैनिंग कैंप लेकर पहुंची है. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि जब ये 8 मीडियाकर्मीं...

Exclusive: पहली बार बालकोट में हुए Indian Air force के स्ट्राइक पर सबसे बड़ा ख़ुलासा। हमले के बाद मौत से भगदड़ तक की पल-पल की कहानी

Exclusive: पहली बार बालकोट में हुए Indian Air force के स्ट्राइक पर सबसे बड़ा ख़ुलासा। हमले के बाद मौत से भगदड़ तक की पल-पल की कहानी

पाकिस्तान के बालाकोट में हुई Indian Air force की एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर घमासान मचा हुआ है. जहां पाकिस्तान लगातार दावा कर रहा है कि भारत की एयर स्ट्राइक फ्लाप रही. तो वहीं विपक्ष...

क्या देश से बड़े हो गए हैं, नरेंद्र मोदी ?

क्या देश से बड़े हो गए हैं, नरेंद्र मोदी ?

लोकसभा चुनाव बेहद करीब है कुछ दिनों पहले तक विपक्ष मोदी सरकार पर हावी था, लेकिन पुलवामा हमले के बाद देश के हालात बदले और अब सूरते हाल यह है, कि विपक्ष एक बार फिर कमजोर पड़ता दिख रहा है....

विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई के पीछे की कहानी वो नहीं है, जो मीडिया बता रहा है

विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई के पीछे की कहानी वो नहीं है, जो मीडिया बता रहा है

पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ने का फैसला लिया है। जल्द ही उन्हें रिहा कर भारत को सौंप दिया जाएगा। इस बारे में भारतीय सरकार से लेकर देश का मीडिया अपने-अपने दावे कर रहे...

अगले छह महीने बाद भारत बदलने वाला है

अगले छह महीने बाद भारत बदलने वाला है

मानना चाहिए कि अगले छह महीने में भारत बदलने वाला है. कहने वाले तो कह रहे हैं कि भारत बदल गया है. पर मुझे लगता है कि प्रमाणिक रूप से अभी छह महीने और लगेंगे, जब संपूर्ण भारत बदल जाएगा...

लोकतंत्र के नाम पर तानाशाही लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है

लोकतंत्र के नाम पर तानाशाही लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है

पिछले पंद्रह सालों में मध्य प्रदेश में, छत्तीसगढ़ में, पांच सालों में राजस्थान में सरकारों ने क्या वायदे किए, राजनीतिक दलों ने क्या वायदे किए, उन वायदों को उन्होंने निभाया या नहीं निभाया या जो कहा था उसका कितना प्रतिशत...

अब सच-झूठ और विकास-विनाश का फर्क़ मिट गया है

अब सच-झूठ और विकास-विनाश का फर्क़ मिट गया है

हम सोचने लगे कि वो व्यक्ति जिसे हम बहुत पढ़ा-लिखा नहीं मानते, वो यह बात समझ रहा है कि पीढ़ियों के बदलाव का मतलब उत्थान से पतन की ओर जाना नहीं होता, पर हम तो पतन की ओर जा रहे...

संवैधानिक संस्थाएं जन भावना से संचालित नहीं होती हैं

संवैधानिक संस्थाएं जन भावना से संचालित नहीं होती हैं

ये सारी चीजें हम जैसों को सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, दीनदयाल उपाध्याय जैसे लोकतंत्र का सम्मान करने वाले राष्ट्रभक्त लोगों की विचारधारा का क्या अब हमारे समाज में कोई...

सर्वोच्च पद और संस्था को मज़ाक़ का विषय मत बनाइए

सर्वोच्च पद और संस्था को मज़ाक़ का विषय मत बनाइए

हमें अगर अपने संस्थान पर नियंत्रण रखना है या अपना वर्चस्व बनाए रखना है या अपने नेतृत्व के प्रति पूरे संस्थान का विश्वास कायम रखना है, तो आवश्यक है कि सर्वोच्च व्यक्ति ज्ञान, कल्पनाशीलता और सत्यनिष्ठा में उदाहरण प्रस्तुत करे....

सत्य से साक्षात्कार कराने के लिए नितिन गडकरी का धन्यवाद 

सत्य से साक्षात्कार कराने के लिए नितिन गडकरी का धन्यवाद 

नितिन गडकरी दरअसल देश को ये बता रहे थे कि देश में जितनी आशा जगी है, वो इसलिए जगी है क्योंकि हमने इतने ज्यादा वादे कर लिए और हमें पता ही नहीं था कि केंद्र में हमारी सरकार बनेगी. महाराष्ट्र...

जो असहमति जता सके वही जेपी का नाम लेने का हक़दार है

जो असहमति जता सके वही जेपी का नाम लेने का हक़दार है

आज की भारतीय जनता पार्टी के नेता ये भूल गए हैं कि कैसे नानाजी देशमुख को जेपी का प्यार मिला और नानाजी देशमुख ने उस प्यार के सहारे कैसे अटल बिहारी वाजपेयी जी और लालकृष्ण आडवाणी को जयप्रकाश जी के...

आज पत्रकारिता के मायने बदल गए हैं

आज पत्रकारिता के मायने बदल गए हैं

 ये 2018 का वर्ष चल रहा है. हिंदुस्तान में यह उत्साह का वर्ष होना चाहिए था. लेकिन यह वर्ष उन लोगों के लिए क्यों ऐसा वर्ष बन रहा है, जिनके ऊपर सबसे ज्यादा भरोसा था और अब...

भाग्यशाली प्रधानमंत्री से देश का भाग्य तय नहीं होता

भाग्यशाली प्रधानमंत्री से देश का भाग्य तय नहीं होता

 देश के किसी नेता का भाग्य ऐसा नहीं है कि उसके कार्यकर्ता उसके लिए इतने ज्यादा सपर्पित हों. इसीलिए भारतीय जनता पार्टी बहुत ज्यादा उत्साह में है. भले ही लोगों की थाली में रोटी न पहुंचे, उन्हें...

ज़िंदगी की चुनौतियों का सामना मुस्कुरा कर करना चाहिए

ज़िंदगी की चुनौतियों का सामना मुस्कुरा कर करना चाहिए

कल्पेश याग्निक एक ऐसे पत्रकार थे, जो स्वयं में एक संस्था थे. कल्पेश याग्निक ने विश्वविद्यालय की खबरों से जिंदगी शुरू की और भास्कर जैसे हिंदी के प्रसिद्ध अखबार के ग्रुप एडिटर बने. कल्पेश याग्निक की आत्महत्या ने मनोवैज्ञानिक सवाल...

92 फीसदी आबादी को नकार कर देश कहां जाएगा

92 फीसदी आबादी को नकार कर देश कहां जाएगा

अब देश को सीधे रास्ते पर चलना ही चाहिए. आखिर 70 सालों से यह देश गलत रास्ते पर चल रहा था. इन दिनों देश की जनता के दिमाग का पैमाना सोशल मीडिया है. इसे प्रधानमंत्री जी ने देश की मिजाज...

अर्बन नक्सल जैसे शब्द सत्ता के दिमागी दिवालिएपन की उपज हैं

अर्बन नक्सल जैसे शब्द सत्ता के दिमागी दिवालिएपन की उपज हैं

नए-नए शब्द हमारे सामने आते रहते हैं. अब एक नया शब्द आया है, अर्बन नक्सलिज्म. इस शब्द को गढ़ने वाली एक महिला हैं, जो स्वयं हिंदू कोर्ट की स्वयंभू जज बनी हुई हैं. अभी तक किसी ने भी यह सवाल...

सोशल मीडिया देश का मुद्दा तय नहीं कर सकता

सोशल मीडिया देश का मुद्दा तय नहीं कर सकता

अगर सोशल मीडिया देश का दिमाग समझने का पैमाना है तो मान लेना चाहिए कि देश का दिमाग बदल गया है. सोशल मीडिया से मतलब फेसबुक, ट्‌वीटर और वाट्‌सअप पर चलने वाले संदेश हैं. पहले देश में माना जाता था...

कुलदीप नैयर हमारे ज़माने के कबीर थे

कुलदीप नैयर हमारे ज़माने के कबीर थे

श्री कुलदीप नैयर इस दुनिया को अलविदा कह गए. बहुत सारे लोगों ने कुलदीप नैयर को याद किया और उन्हें भरी आंखों से विदा किया. कुलदीप नैयर का जाना इतिहास के एक ऐसे अध्याय का बंद होना है, जो अध्याय...

इस देश की आशा थे अटल बिहारी वाजपेयी

इस देश की आशा थे अटल बिहारी वाजपेयी

अटल जी पिछले कई वर्षों से स्थितप्रज्ञ की अवस्था में थे. वे न बोलते थे न सुनते थे, बस उन्होंने जो जिया है, जो पाया है, जो करना चाहा और जो अधूरा रह गया शायद उसके बारे में अपने अंतर्मन...

हम एक मरते हुए समाज में जी रहे हैं

हम एक मरते हुए समाज में जी रहे हैं

हमारे देश में कुछ स्थितियां ऐसी बन जाती हैं जिनके पीछे कोई तर्क नहीं होता, लेकिन स्थितियां बन जाती हैं. जैसे, मैं जब से रिपोर्टिंग कर रहा हूं, देखता हूं कि अगर कहीं बड़ी डकैती की घटना हो जाती है,...

तब झुकने को कहा था, आज रेंगने को कहा जा रहा है

तब झुकने को कहा था, आज रेंगने को कहा जा रहा है

इन दिनों उन पत्रकारों पर शनि की साढ़े साती चल रही है, जो थोड़ा स्वतंत्र रूप से सोचते हैं. जो संस्थान पत्रकारिता से जुड़े हैं, चाहे वो अखबार निकाल रहे हों या न्यूज चैनल चला रहे हों, उनका पत्रकारिता के...

इमरान के पास इतिहास-पुरुष बनने का मौक़ा है

इमरान के पास इतिहास-पुरुष बनने का मौक़ा है

इतिहास सभी को मौका देता है. कोई इन अवसरों का फायदा उठाकर हमेशा के लिए इतिहास में अपना नाम लिखवा लेता है और कोई इन्हें व्यर्थ गंवा देता है. कुछ लोगों में हिम्मत होती है, कल्पनाशीलता होती है, सपना होता...

नई कार्यकारिणी से निराश हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता

नई कार्यकारिणी से निराश हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता

अब कांग्रेस राहुल गांधी की कांग्रेस है. हालांकि पिछले दस साल से राहुल गांधी कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे और जब कांग्रेस अध्यक्ष का बेटा वरिष्ठ उपाध्यक्ष हो तो पार्टी उसी के हाथ में होगी. सोनिया जी ने राहुल के...

भाजपा के सामने विपक्ष नहीं जनता है

भाजपा के सामने विपक्ष नहीं जनता है

2019 आम चुनाव का महाअभियान प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू कर दिया है. सारे देश में वो और अमित शाह घूमना शुरू कर चुके हैं. हर मुद्दा चुनाव को देखते हुए उठा रहे हैं. यह अलग बात है कि उन्होंने 2012...

हिन्दी की चिंता दुनिया को है लेकिन हम ख़ुद बेख़बर हैं

हिन्दी की चिंता दुनिया को है लेकिन हम ख़ुद बेख़बर हैं

पिछले दिनों जब पूरा यूरोप फुटबॉल वर्ल्ड कप के बुखार में था, उस दौरान लंदन में था. लंदन की हर गली, ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट, रिजेंट स्ट्रीट, पिकैडली, ऑर्चर रोड, पेडिंगटन, साउथ हॉल, एलिंग, ब्रॉडवे, हर जगह, जहां भी अच्छे रेस्ट्रां हैं...

विपक्ष अपनी ग़लतियों से सीखने के लिए तैयार नहीं है

विपक्ष अपनी ग़लतियों से सीखने के लिए तैयार नहीं है

मुझे नहीं लगता कि विरोधी पक्ष में रहने वाले कोई सीख ले पाएंगे और यही प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की सबसे बड़े आशा है. ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं कि चाहे उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो या कर्नाटक...

शुजात बु़खारी सच और साहस भरी पत्रकारिता की मशाल थे

शुजात बु़खारी सच और साहस भरी पत्रकारिता की मशाल थे

किसी की मौत के बाद, उसकी पहचान उसके लिखे हुए और बोले हुए शब्द ही होते है, जो हमेशा हमारे सामने रहते है. शुजात बुखारी अब हमारे साथ नहीं हैं. लगभग 15 से ज्यादा गोलियों ने उन्हें हमसे छीन लिया....

भैय्यू जी महाराज एक महान संत, एक महान समाजसेवी थे

भैय्यू जी महाराज एक महान संत, एक महान समाजसेवी थे

भैय्यू जी महाराज की आत्महत्या इस देश के उन लोगों की कहानी है, जो बड़े लोग होते हैं लेकिन अपने आसपास के लोगों को नहीं पहचानते हैं. एक बार मैं आपसे कोगी का जिक्र कर चुका हूं. कोगी एक ऐसा...

देशभक्ति के नाम पर सेना को दरिद्र बना रहे हैं

देशभक्ति के नाम पर सेना को दरिद्र बना रहे हैं

देश की सेना क्या वाकई सैन्य साजो-सामान और हथियारों के संकट से जूझ रही है. सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से एक खबर वायरल हो रही है कि हमारी सेना के जवानों को अब अपनी वर्दी और जूते भी...

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