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नगालैंड अशांत क्षेत्र घोषित, छह महीने के लिए बढ़ा अफस्‍पा
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नगालैंड अशांत क्षेत्र घोषित, छह महीने के लिए बढ़ा अफस्‍पा

AFspa-in-Nagaland

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नगालैंड को विवादास्पद कानून आर्म्‍ड फोर्सेस पावर एक्‍ट (अफस्‍पा) के तहत छह महीने तक “अशांत क्षेत्र” घोषित किया गया है, जो सुरक्षा बलों को कहीं भी ऑपरेशन करने और बिना किसी पूर्व सूचना के किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार देता है. गौरतलब है कि यह कानून इस राज्‍य में बार-बार लगाया और हटाया जा रहा है.

एक अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार की राय है कि नागालैंड के पूरे राज्य में शामिल सभी क्षेत्र अशांत और खतरनाक स्थिति में है कि लोगों की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों का उपयोग आवश्यक है. इसलिए, आर्म्‍ड फोर्सेस स्‍पेशन पावर एक्‍ट 1958  की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि यह राज्य एक अशांत क्षेत्र है. अधिसूचना के अनुसार, 30 दिसंबर, 2018 से छह महीने की अवधि के लिए इस राज्‍य में आर्म्‍ड फोर्सेस स्‍पेशल पावर एक्‍ट लागू करेगा.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि नागालैंड की अशांत क्षेत्र की यह घोषणा इसलिए की गई कि राज्‍य के विभिन्‍न हिस्‍सों में चल रही हत्‍या, लूट और जबरन वसूली को लेकर सुरक्षा बलों के संचालन की सुविधा के लिए आवश्‍यक है. विवादास्पद कानून आर्म्‍ड फोर्सेस स्‍पेशन पावर एक्‍ट 1958 को लेकर राज्‍यों से हटवाने के लिए पूर्वोत्‍तर के राज्‍यों के साथ साथ जम्मू-कश्मीर में विभिन्न संगठनों ने मांग की थी. उन लोगों का कहना है कि यह कानून सुरक्षा बलों को व्‍यापक अधिकार देता है.

आर्म्‍ड फोर्सेस स्‍पेशन पावर एक्‍ट नागालैंड में कई दशकों से लागू है. 3 अगस्त, 2015 को नागा विद्रोही समूह एनएससीएन-आईएम के महासचिव थुइन्गालेंग मुइवा और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में सरकारी वार्ताकार आर एन रवि द्वारा एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद भी यह कानून केंद्र की ओर से वापस नहीं लिया गया है.

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