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26 /11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया
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26 /11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया

JuD chief Hafiz Saeed

मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमांइड और जमात-उद-दावा चीफ हाफिज सईद को पाकिस्तान के लाहौर शहर से गिरफ्तार किया गया है। टीवी चैनल आजतक की खबर के मुताबिक सईद को काउंटर टेररिज्म विभाग ने उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वो लाहौर से गुजरांवाला जा रहा था। आंतकी सईद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। खबर है कि 2009 से जुड़े एक केस में उसकी गिरफ्तारी हुई है।

मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुआ आतंकवादी हमला महज एक आतंकी हमला भर नहीं था बल्कि इस हमले के जरिए भारत सरकार को चुनौती दी गई। पाकिस्तान से आए 10 आतंकवादियों ने जिस तरह तीन दिनों तक देश की आर्थिक राजधानी को बंधक बनाए रखा और विदेशी नागरिकों सहित 166 निर्दोष लोगों की जानें ली, देश में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। इस भीषण आतंकवादी हमले के पीछे और कोई नहीं पाकिस्तान था। हमले के बाद हमेशा की तरह पाकिस्तान इस बात से पलट गया कि हमले की साजिश उसके यहां रची गई। शुरुआत में वह मानने के लिए तैयार नहीं था कि हमला करने वाले आतंकवादियों का ताल्लुक उसके वहां से था। मुंबई पुलिस के कांस्टेबल तुकाराम ओंबले ने जिंदा आतंकवादी अजमल कसाब को पकड़कर ऐसा सबूत पेश किया जिससे पाकिस्तान का नापाक चेहरा उजागर हो गया।

आतंकवादी कसाब के जिंदा पकड़े जाने से पाकिस्तान की पोल खुल गई। पाकिस्तान के खेल को पूरी दुनिया समझ गई। खुद कसाब ने माना कि वह पाकिस्तानी नागरिक है। उसने कबूल किया कि मुंबई हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई और मुंबई में हमले के लिए वहां बैठे उनके आका उन्हें निर्देश दे रहे थे। कसाब के जरिए पाकिस्तान का झूठ पकड़ा गया और उसके काले कारनामों का पर्दाफाश हुआ। भारत सरकार ने कसाब के साथ कोई अन्याय नहीं किया । उसे अपने बचाव का पूरा मौका दिया गया। अपने खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट तक गया। शीर्ष न्यायालय ने उसके पक्ष को भी सुना। सर्वोच्च न्यायालय ने मुंबई हमले को भारत के खिलाफ युद्ध माना और कसाब को दोषी ठहराते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई। चार साल बाद 21 नवंबर 2012 को कसाब को महाराष्ट्र यरवदा जेल में फांसी दे दी गई।

भारत सरकार पाकिस्तान से मुंबई हमलों के गुनहगारों को न्याय के कठघरे में लाने की मांग करती रही है। नई दिल्ली मुंबई हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों की संलिप्तता से जुड़े अनेक दस्तावेज (डॉजियर) उसे सौंप चुकी है, लेकिन पाकिस्तान की सरकार ने  2008 से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उनकी तरफ से जांच में हीलाहवाली होती आई  है। मुंबई हमले का मास्टमाइंड हाफिज सईद और जकीउर रहमान लखवी जैसे आतंकवादी वहां आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। अमेरिका  की ओर से सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद पाकिस्तान ने कुछ दिनों तक उसे नजरबंद रखा और फिर दुनिया की आंखों में धूल झोंकते हुए उसे रिहा कर दिया। अमेरिका ने हाफिज के सिर पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम भी घोषित कर रखा है।

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