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आदिवासी लड़की से बलात्कारः रसू़खदारों के आगे पुलिस कमज़ोर
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आदिवासी लड़की से बलात्कारः रसू़खदारों के आगे पुलिस कमज़ोर

सरकार के सारे क़ायदे क़ानून और नियम केवल आम लोगों को ही प्रताड़ित करने के लिए होते हैं. जब एक आदिवासी लड़की किसी मंत्री के भतीजे पर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाए तो पुलिस भी मौन हो जाती है. सतना से राज्य सरकार में मंत्री के भतीजे पर आदिवासी बाला के साथ बलात्कार का नामजद आरोप लगने के बाद भी सतना ज़िले की पुलिस प्रकरण में हाथ डालने से डर रही है.

ग़ौरतलब है कि आदिवासी बाला के साथ बलात्कार की घटना का समय 1 मई रात क़रीब 9 बजे बताया गया जबकि फरियादी के कथन पर 3 मई की शाम अपराध पंजीबद्ध किया गया था. फरियादी के अनुसार घटना तब हुई जब उसकी विधवा मां पन्ना के बछौन ग्राम में रिश्तेदारी में गई थी. मां के वापस लौटने पर उसने 3 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

सतना ज़िले के आजाक थाने में राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री नागेंद्र सिंह के भतीजे और पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह उ़र्फ बाबा राजा पर एक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया. 3 मई को गैंगरेप का अपराध भारतीय दंड विधान की धारा 376 (2जी) सहित एससीएसटी एक्ट की धारा 3 (1) 12 एवं 3 (92) 5 के तहत पंजीब़द्ध किया गया है. थाने में यह रिकॉर्ड 8/10 क्रमांक पर रजिस्टर में अंकित है. इस प्रकरण में रूपेंद्र सिंह उ़र्फ बाबा राजा के अलावा बाल मुकुंद सेन निवासी परसमनिया को भी आरोपी बनाया गया है. रूपेंद्र सिंह उ़र्फ बाबा राजा की राजनीतिक पहुंच के कारण आदिवासियों को न्याय दिलाने का दावा करने वाली राज्य सरकार की पुलिस इस प्रकरण पर मौन साध चुकी है. पुलिस का दावा है कि प्रकरण की जांच विवेचना निष्पक्षता पूर्वक जारी है, जबकि आदिवासियों या अनुसूचित जाति से संबंधित अपराधों पर विवेचना के पूर्व अपराधी की गिरफ्तारी का प्रावधान स्पष्ट है. यहां तक कि कुछ प्रकरणों में तो ज़मानत के भी लाले पड़ जाते हैं.

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ग़ौरतलब है कि आदिवासी बाला के साथ बलात्कार की घटना का समय 1 मई रात क़रीब 9 बजे बताया गया जबकि फरियादी के कथन पर 3 मई की शाम अपराध पंजीबद्ध किया गया था. फरियादी के अनुसार घटना तब हुई जब उसकी विधवा मां पन्ना के बछौन ग्राम में रिश्तेदारी में गई थी. मां के वापस लौटने पर उसने 3 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने उक्त प्रकरण की विवेचना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश जैन को सौंपी है. रूपेंद्र सिंह, कांतीदेव सिंह जूदेव के पुत्र हैं एवं उचेहरा नागौद राज घराने के सदस्य हैं. उनकी पत्नी योगिता सिंह ग्राम पंचायत परसमनिया की सरपंच है. पुलिस की जांच में हो रही देरी का पूरा आरोप आरोपियों द्वारा साक्ष्य को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है. श्रीमती योगिता सिंह ने अपने पति के पक्ष में पुलिस अधीक्षक डॉ. हरि सिंह यादव को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है. योगिता सिंह ने आरोप लगाया है कि संत कुमार यादव नामक एक व्यक्ति फरियादी और उसकी मां के साथ मिलकर झूठे प्रकरण में उनके पति को फंसाना चाहता है. स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार रूपेंद्र सिंह उ़र्फ बाबा राजा के पक्ष में दी जा रही दलीलें पूरी तरह लचर हैं. पुलिस की कार्यवाही में हो रही देरी से क्षेत्र के नागरिकों में असंतोष का वातावरण बनता जा रहा है. विभिन्न राजनीतिक दलों ने नागेंद्र सिंह के राजनीतिक प्रभाव के आगे पुलिस के निकम्मेपन के विरुद्ध मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है. उपरोक्त घटना मध्य प्रदेश सरकार के आदिवासी संरक्षण के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है.

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  • सरकार के सारे क़ायदे क़ानून और नियम केवल आम लोगों को ही प्रताड़ित करने के लिए होते हैं. जब एक आदिवासी लड़की किसी मंत्री के भतीजे पर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाए तो पुलिस भी मौन हो जाती है. सतना से राज्य सरकार में मंत्री के भतीजे पर आदिवासी बाला के साथ बलात्कार का नामजद आरोप लगने के बाद भी सतना ज़िले की पुलिस प्रकरण में हाथ डालने से डर रही है.
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    BHARTIYA संस्कृति को गंदा और नंगा बनाने वाले पांच कर्म है १-चोरी-जो टीवी सिनेमा पर सिखाई जाती है २-चुगली-जो टीवी सिनेमा पर दिखाई जाती है ३- कलाली-शराब का सरकारी व्यापार जो केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किया जा रहा है ४-दलाली- भ्रष्टाचार जो शिष्टाचार बन गया है हमारे देश में ५-छिनाली-भारतीय सिनेमा,टीवी,समाचार पत्र,पत्रिकाओं में खुले आम सिखाया और दिखाया जा रहा है|आज ये सभी पांचो कर्म सरकारी मान्यता प्राप्त है|
    INDORE BHI INHI PANCH KARMO KI VAJAH SE MAHANAGAR KI JAGAH MAHANARAK BANTA JAA RAHA HAI,KHUD KO PRAJATANTRA KA CHAUTHA KHAMBA KAHNE WALO KI TASVEERE AAp SE CHHUPI NAHI HAI .
    ———————————————————————
    from CHIEF EDITOR
    SARKAARI VYAPAAR BHRASHTAACHAAR

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