fbpx
Now Reading:
मुसलमान होना गुनाह है- CBI निदेशक ना बनाए जाने पर IPS जावीद अहमद का छलका दर्द
Full Article 2 minutes read

मुसलमान होना गुनाह है- CBI निदेशक ना बनाए जाने पर IPS जावीद अहमद का छलका दर्द

लखनऊ : सीबीआई निदेशक की रेस में सबसे आगे रहे आईपीएस अफसर और समाजवादी पार्टी की सरकार में यूपी के डीजीपी रहे, जावीद अहमद ने भावुक होकर सोशल मीडिया पर अपने मुस्लिम होने का दर्द बयान किया, तो विवादों में घिर गए हैं. दरसल आईपीएस अफसरों के एक वॉट्सऐप ग्रुप में उन्होंने खुद को सीबीआई निदेशक न बनाए जाने की वजह उनका मुसलमान होना बताया. उन्होंने ग्रुप में कमेंट किया कि ‘अल्लाह की मर्जी… बुरा तो लगता है पर ‘एम’ होना गुनाह है.  हालांकि,  कुछ देर बाद उन्होंने कॉमेंट को डिलीट कर दिया, लेकिन पहले की ग्रुप में शामिल किसी शख्स ने स्क्रीनशॉट लेकर कॉमेंट को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.

जिसके बाद से ही हंगामा मचा हुआ है. शनिवार शाम करीब 5:40 बजे इस वॉट्सऐप ग्रुप में आईपीएस ऋषि कुमार शुक्ला को सीबीआई चीफ बनाए जाने का मेसेज पोस्ट हुआ. इसके बाद 7:02 बजे जावीद अहमद ने ग्रुप में इस मेसेज पर प्रतिक्रिया दी. कुछ ही देर में उनकी प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इस संबंध में जावीद अहमद की प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.

जावीद अहमद को 2016 में कई सीनियर अफसरों को सुपरसीड कर यूपी का डीजीपी बनाया गया था. 2017 में योगी सरकार आने पर उन्हें डीजी पीएसी बनाकर डीजीपी की कुर्सी सुलखान सिंह को सौंप दी गई थी. जावीद अहमद वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिमिनॉलजी ऐंड फरेंसिक साइंस के डीजी के पद पर हैं. डीजीपी के पद से हटने के बाद उन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की गुजारिश की थी.

कुलमिलाकर जावीद अहमद के बयान जहां पर यूजर्स सकारात्मक और नकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं, वहीं एक बड़ा सवाल भी पैदा हो गया है कि इतने बड़े पोस्ट पर भी सरकार अनुभव की तरजीह को दरकिनार कैसे कर सकती है ?  ये एक संवेदनशील मामला है और जावीद अहमद के बयान को सिर्फ इसलिए नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता कि यूपी में दूसरों वरिष्ठता को दबाकर जावीद अहमद को डीजीपी बनाया गया था.

Input your search keywords and press Enter.