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दिल्‍ली का बाबूः मध्य प्रदेश के भ्रष्ट बाबू
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दिल्‍ली का बाबूः मध्य प्रदेश के भ्रष्ट बाबू

ऐसा लगता है कि बाबा रामदेव भ्रष्टाचार विरोधी अपनी यात्रा के तीसरे चरण में मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश जाएंगे. मध्य प्रदेश में आजकल भ्रष्टाचार के नए-नए मामले निकल कर आ रहे हैं. मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारियों की संपत्ति की जांच हो रही है. कई अधिकारियों के पास काफी धन मिला है, जबकि अभी न जाने कितने अधिकारी ऐसे हैं, जो अपनी संपत्तियां छुपाने के नए- नए उपाय ढूंढ रहे हैं. पिछले साल एक आईएएस दंपति अरविंद एवं तनु जोशी के पास 363 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ. उनसे 135 करोड़ रुपये बतौर टैक्स देने को कहा गया. राज्य के स्वास्थ्य निदेशक ए एन मित्तल भी निशाने पर हैं. राज्य लोकायुक्त ने उनके द्वारा रियल स्टेट में निवेश किए गए धन का खुलासा किया है. मित्तल की भू-संपत्तियों की कीमत पचास करोड़ रुपये से अधिक है. इन बातों से तो यही पता चलता है कि मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर लूट हो रही है. बाबू लोग सरकारी संपत्ति लूट रहे हैं. अभी काफी अधिकारियों की जांच होनी बाकी है. मध्य प्रदेश के भ्रष्ट अधिकारियों के बीच डर का माहौल बना हुआ है.

बाबुओं के लिए घर

कठोर नियम-कानून केवल श्रमजीवियों के लिए होते हैं. जब भी वेतन में बढ़ोत्तरी की बात हो तो सबसे पहले नेता और बाबू ही उसे लपकने के लिए तैयार बैठे मिलते हैं. दिल्ली के पूर्वी मोतीबाग में बन रही आरामदायक सरकारी कोठियां और अपार्टमेंट तैयार होने को हैं. अब देश के कई ताकतवर लोगों को नए घर मिलेंगे. प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पुलक चटर्जी, गृह सचिव आर के सिंह, रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा, एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष पी एल पुनिया के साथ-साथ स्टील, माइंस, सड़क परिवहन और ग्रामीण विकास सचिव भी इस इलाके में रहेंगे. बाबुओं के लिए आवासीय सुविधाएं बढ़ाने की बात पर कोई ऐतराज नहीं करता है. सभी बाबुओं को सरकारी आवास मिलने चाहिए, लेकिन सरकार को अन्य कर्मचारियों की ज़रूरतों का भी ध्यान रखना चाहिए, जो कई वर्षों से सरकारी आवास मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं. जब भी सुविधाओं की बात होती है तो बाबू एवं नेता उनका इस्तेमाल करने के लिए तैयार बैठे रहते हैं, लेकिन देश में उनके अलावा भी काफी लोग रहते हैं, उन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.

जम्मू-कश्मीर की कैबिनेट बैठक

राज्य कैबिनेट की बैठकें बहुत कम समाचारों में रहती हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में हुई कैबिनेट की बैठक में हुए फैसले ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य प्रशासन के माध्यम से एक संदेश दिया है. उन्होंने बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं को राहत देने के लिए अस्थाई और अनुबंध के आधार पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में नियुक्तियां करने का फैसला लिया है. जम्मू-कश्मीर सरकार के सामने राज्य के युवाओं को रोजगार देने की चुनौती हमेशा से रही है. उमर अब्दुल्ला के इस फैसले से एक तऱफ रोजगार बढ़ेंगे, वहीं दूसरी तऱफ राज्य के आम आदमी को भी राहत मिलेगी. बैठक में दस वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण का भी फैसला लिया गया. स्थानांतरित होने वाले अधिकारियों में मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष सचिव जफर अहमद भी शामिल हैं, जिन्हें राज्य का सूचना निदेशक बनाया गया है.

1 comment

  • M.P.ME SAMAGRA SBACHHATA AABHIYAN ME HAI AARBO KA DHOTALA PANCHAYAT MANTRI KE SADOO BINA JANPAT KE C E O NE KIYA 80 LAKH KA DHOTALA GAREEBO KEE BANNE BALEE SHAOCHALAYO KO BINA BANAY NIKALE ANJIO KE NAM SE? SAGAR JILA PANCHAYAT MANTRI KA GRAH JILA HAI LEKIN AABHITAK KARODO ROOPYA KHRACH HUA LEKIN 1 BHEE PANCHAYAT NHAI HUE POONRA NIRMAL GRAM

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