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सिलेंडर से लीक होती गैस का धमका, जलती चिता में बदले घर के ज़िंदा लोग- किसकी लापरवाही, कौन गुनाहगार ?
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सिलेंडर से लीक होती गैस का धमका, जलती चिता में बदले घर के ज़िंदा लोग- किसकी लापरवाही, कौन गुनाहगार ?

ग्वलियर: किसकी लापरवाही कौन गुनाहगार ? यही सवाल मन में उठ रहा है लेकिन इसका जवाब इतना कड़वा है कि सुनकर प्रशासन के ही नहीं आपके भी होश उड़ जाएंगे, मामला मध्यप्रदेश के ग्वलियर जिले का है जहां एक घर में गैस लीक होने के कारण तीली जलाते ही धमाका हो गया और घर में मौजद 3 लोग जलती चिता में तब्दील हो गए आग इतनी भीषण थी कि आग में जल रहे लोगों को बचाया भी ना जा सका। इस घटना के बाद घर की दूसरी बच्ची का हृदय विदारक बयान सामने आया है बच्ची ने कहा कि मेरे माता-पिता और भाई मेरी आंखों के सामने जल गए, मैं कुछ नहीं कर पाई। एलपीजी सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण सोमवार रात 8.30 बजे यहां के बहोड़ापुर क्षेत्र में विनय नगर सेक्टर-2 के एक घर में तेज धमाके के साथ आग लग गई। इससे कमरे में मौजूद भारत कुशवाह (40), उनकी पत्नी बसंती (35) और बेटा अर्जुन (12) जिंदा जल गए। तीनों को बाहर निकलने तक का वक्त नहीं मिला।

हादसे में चंद सेकंड में ही पूरा कमरा आग की लपटों से घिर गया और तीनों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। घर के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद भारत की 17 साल की बेटी दीपा, उसकी दादी और परिवार के अन्य सदस्यों को लपटों से घिरे कमरे में दाखिल होने का रास्ता तक नहीं मिला। इसलिए कोई ऊपर जाने की हिम्मत नहीं कर सका। हादसे से कुछ देर पहले ही भारत ने सिलेंडर खाली होने पर दूसरा लगाया था। लेकिन, गैस लीक होती रही और कमरे का गेट बंद होने की वजह से गैस अंदर भर गई। जैसे ही उनकी पत्नी ने चूल्हा जलाने के लिए तीली जलाई तो तेज धमाके के साथ आग लग गई। पुलिस का अनुमान है कि गैस वॉल्व खराब होने की वजह से लीक हुई होगी, क्योंकि इस तरह के मामलों में वॉल्व खराब होने की वजह से रेग्युलेटर सही ढंग से नहीं लगता और गैस लीक होने लगती है।

इसकी पड़ताल के लिए पुलिस मंगलवार को फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर जाएगी। भारत मजदूरी कर अपना परिवार पाल रहे थे। जब हादसा हुआ तो उनके तीन बच्चे उस कमरे में नहीं थे। इसलिए वह बच गए। इस घटना के बाद पैदा हुआ सवाल कठिन है और इसका जवाब दिया भी नहीं जाएगा, गैस कंपनी की लापरवाही साफतौर पर दिख रही है लेकिन मामले को रफादफा कर दिया जाएगा। क्योंकि यही होता आया है और आगे भी यही होगा लेकिन फिर भी उम्मीद यही है कि प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच करेगा और ना सिर्फ भारत के परिवार(जो बच गए हैं) को न्याय मिलेगा बल्कि आगे भी इस तरह की दुर्घटनाओं को होने से रोका जा सकेगा।

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