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आईएस के निशाने पर अब भारत, बढ़ रहा है खतरा

आईएस के निशाने पर अब भारत, बढ़ रहा है खतरा

हाल ही में एक समाचार चैनल से बात करते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि आईएसआईएस भारत के लिए कोई खतरा नहीं है. लेकिन लखनऊ की घटना ने अब सरकार के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर भी बल ला दिया है. भारत में अब तक आईएसआईएस की तरफ आकर्षित युवाओं की गिरफ्तारियां और उनसे जुड़े सामानों की बरामदगी ही हुई थी, अब तक  आईएसआईएस की बंदूक से गोली नहीं चली थी.

लेकिन अब जिस तरह से लखनऊ जैसे शहर के बीचोबीच एक आंतकी ने एटीएस को 5 घंटे तक ऑपरेशन करने को मजबूर किया, वह भारत जैसे देश के लिए बेहद ही चिंताजनक है. हालांकि आतंकी सैफुल्ला मारा गया, लेकिन उसके कमरे से बरामद 8 पिस्टल और 600 जिंदा कारतूस ये बताने के लिए काफी हैं कि खतरा कितना बड़ा था.

गौरतलब है कि भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में धमाके बाद यूपी की सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि कानपुर में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं. इस सूचना के आधार पर मंगलवार तड़के एटीएस ने कानपूर के जाजमऊ में छापा मारा जहां से संदिग्ध फैजल और उन्नाव से उसके भाई इमरान को पकड़ा गया. वहीं रहमानी मार्केट पकड़ा गया अजहर फरार हो गया.

हाल ही में खबर आई थी कि केरल का एक युवक हफीजुद्दीन 24 फरवरी को अफगानिस्तान में हुए ड्रोन अटैक में मारा गया. बताया गया कि हफीजुद्दीन उन 21 युवकों में शामिल था, जो 2016 में भारत छोड़कर इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए चले गए थे.

26 फरवरी को गुजरात एटीएस ने राजकोट और भावनगर से आईएसआईएस के दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था. ये दोनों भाई थे और अगले कुछ दिनों में गुजरात में धार्मिक स्थानों पर सिलसिलेवार बम धमाके करने की कथित रूप से साजिश रच रहे थे.

इससे पहले जून 2016 में हैदराबाद से आईएस के 11 आतंकी गिरफ्तार किए गए थे. हैदराबाद पुलिस के साथ एनआईए की संयुक्त कार्रवाई में 10 मोहल्लों में छापे मार कर की गई इस गिरफ्तारी में दो आईटी पेशेवर भाई और कुछ ग्रैजुएट भी थे. बताया जा रहा था कि सभी सीरिया के एक हैंडलर के टच में थे. इनके पास से 15 लाख रुपये, दो एयरगन, एक पिस्तौल, कारतूस, यूरिया, तेजाब, कुछ रसायन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिली थी.

इसके अलावा जनवरी में भी एनआईए ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आईएस से जुड़े 14 लोगों को अरेस्ट किया था. हिरासत में लिए गए संदिग्धों की पहचान सॉफ्टवेयर इंजीनियर भाइयों मो. इब्राहिम यजदानी और उसके भाई मो. इलियास यजदानी के रूप में हुई थी. बताया गया कि इब्राहिम अपने फेसबुक अकाउंट से युवाओं को आईएस से जोड़ने की कोशिश कर रहा था. ये संदिग्ध कई दिनों से एयरगन से फायरिंग की प्रैक्टिस कर रहे थे.

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