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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पीसी घोष होंगे देश के पहले ‘लोकपाल’
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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पीसी घोष होंगे देश के पहले ‘लोकपाल’

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पिनाकी चंद्र घोष को भारत का लोकपाल बनाया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक सरकार ने देश के पहले लोकपाल के तौर पर उनके नाम पर मुहर लगा दी है. सोमवार को आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा की जा सकती है.

बताया जा रहा है कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुई में लोकपाल सिलेक्शन कमिटी की बैठक हुई थी. जिसमें पीसी घोष का नाम देश के पहले लोकपाल के तौर पर फाइनल हुआ है. इस बैठक में लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई और सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी के अलावा कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हुए थे. उन्हें इस बैठक के लिए खासतौर पर आमंत्रित किया गया था.

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पीसी घोष मौजूदा समय में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य हैं. वे 27 मई 2017 को सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए थे. सुप्रीम कोर्ट से पहले वह कोलकाता हाईकोर्ट के जज और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं.

गौरतलब है कि साल 2013 में लोकपाल व लोकायुक्त विधेयक पास किया गया था. जबकि 16 जनवरी 2014 को ये विधेयक लागू हुआ था.लोकपाल की नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर ‘कॉमन कॉज’ नाम की एक गैर-सरकारी संस्था (NGO) ने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दायर की थी. याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने कोर्ट में अपील की थी कि सरकार को जल्द से जल्द लोकपाल की नियुक्ति का आदेश देना चाहिए.

7 मार्च को मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की बेंच ने मोदी सरकार से लोकपाल की नियुक्ति में हो रही देरी को सवाल पूछा था. वहीं इसके पहले 17 जनवरी को हुई मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लोकपाल की नियुक्ति को लेकर फटकार लगा चुकी है.

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