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नक्सली राजधानी तक आ गए हैं
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नक्सली राजधानी तक आ गए हैं

छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सलियों के हौंसले बुलंद हैं. तमाम कोशिशों के बाद भी प्रशासन और पुलिस उन पर नकेल लगाने में सफल नहीं हुई है. राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि भारत सरकार भी नक्सलवादी गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है लेकिन फिर भी छोटे-छोटे दलों में बंटे नक्सली अपने प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाने में सफल हो रहे हैं. अब उनका निशाना है देवभोग क्षेत्र. देवभोग हीरा भण्डारों से भरपूर क्षेत्र है और नक्सली इस क्षेत्र पर क़ब्ज़ा कर सरकार से मुक़ाबला करना चाहते हैं. कुछ दिन पहले देवभोग में नक्सलियों ने इंदा गांव रेंज के एक उप वननिरीक्षक की हत्या कर इस क्षेत्र के वन विभाग व अन्य सरकारी कर्मचारियों को भयभीत और आतंकित कर दिया. इस घटना के बाद कई छोटे कर्मचारियों ने अपने परिवारजनों को यहां से दूर भेज दिया है. सूत्र बताते है कि डिप्टी रेंजर गोकुल प्रसाद तांडी को कहीं से यह सूचना मिली थी कि इंदा गांव के आस-पास के जंगलों में कुछ लोग पेढ़ों की कटाई अवैध रूप से कर रहे हैं. सूचना पाकर डिप्टी रेंजर अपने पांच सहयोगी कर्मचारियों के साथ वहां गए. तभी वहां मौजूद नक्सलियों ने उन सभी वनकर्मियों को अपनी गिरफ़्त में ले लिया. डिप्टी रेंजर के अलावा अन्य वनकर्मियों को मार-पीट कर भगा दिया. इसके बाद डिप्टी रेंजर गोकुल प्रसाद को पीट-पीट कर मार डाला गया और उसके शव को सड़क से एक किलोमीटर दूर जंगल में फेंक दिया. ग्रामीणों द्वारा सूचना मिलने के 6 घंटे बाद भी पुलिस बल घटना स्थल पर नहीं पहुंचा क्योंकि पुलिस कर्मियों को भी नक्सलियों का भय सताता रहता है. इस घटना से वन और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत्‌ दूसरे सरकारी विभागों के छोटे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ने लगी है. राज्य के पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन भले ही नक्सलियों से आर-पार की लड़ाई लड़ने की बात कहकर पुलिस बल का हौसला बढ़ा रहे हैं, लेकिन नक्सलियों के पांव नए क्षेत्रों में जमना इस बात का सबूत है कि पुलिस कार्यवाही से उनके हौसले कमज़ोर नहीं हुए हैं. अगर ऐसी वारदातें होती रहीं तो राज्य में भय और आतंक का माहौल और ब़ढ जाएगा.

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