fbpx
Now Reading:
नशाबंदी : बंद करने होंगे कई छेद
Full Article 4 minutes read

नशाबंदी : बंद करने होंगे कई छेद

bihar

biharबिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद भी सीमाक्षेत्र के इलाकों में शराब का अवैध कारोबार जारी है. सवाल यह है कि सामाजिक जागरूकता, प्रशासनिक सक्रियता व सख्त कानूनी पहरे के बावजूद नशे के कारोबार पर विराम क्यों नही लग रहा है? भारत-नेपाल की खुली सीमा कारोबारियों के लिए बेहतर व सुगम मार्ग साबित हो रही है?

बिहार-झारखंड समेत अन्य राज्यों का रेल व परिवहन मार्ग इसमें मददगार साबित हो रहा है. क्या ऊंची पहुंच के कारण अधिकारी शराब के अवैध कारोबारियों पर हाथ नहीं डाल रहे हैं या फिर अकूत कमाई की नियत से खुद भागीदार बन गए हैं. इस खेल को समझने के लिए भारत-नेपाल सीमा पर स्थित पूर्वी चंपारण, मोतिहारी, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया, सुपौल व गोपालगंज समेत अन्य स्थानों की भौगोलिक संरचना एवं प्रशासनिक तैयारियों को भी ध्यान में रखना होगा.

नशाबंदी के बाद भी बिहार में कई जगहों से शराब बरामद होना इस बात की ओर इशारा करता है कि शराब का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है. इसका मतलब यह है कि सरकारी तंत्र अब तक इसे पूर्ण रूप से रोकने में विफल रहा है. भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के कई जिलों में कारोबारी खुली सीमा का फायदा उठा रहे हैं. पूर्वी चंपारण जिले के लोग बताते हैं कि नेपाल से प्रवाहित होकर भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाली लालबकैया नदी कारोबारियों के लिए सुगम मार्ग बनी है.

Related Post:  आतंक की फैक्टरी है पाकिस्तान- एक दो नहीं बल्कि हर महीने बनाए जाते हैं चार हज़ार आतंकी

आस-पास के क्षेत्रों में नाव के सहारे प्रतिदिन भारी मात्रा में शराब की खेप पहुंचाई जाती है और उसे निर्धारित ठिकाने तक ले जाया जाता है. शिवहर जिले में सीतामढ़ी के बैरगनिया से सड़क मार्ग से नेपाल में बने शराब को आराम से पहुंचाया जा रहा है. वैसे कहने के लिए भारत-नेपाल की खुली सीमा पर एसएसबी के जवान तैनात रहते हैं. परंतु अवैध कारोबारी इनकी आंखों में धूल झोंककर मजे में शराब का धंधा कर रहे हैं.

Related Post:  107 बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री नितीश कुमार का ज़मीर जाएगा, आज पहुंचेंगे मुजफ्फरपुर

माना जा रहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंधों का लाभ कारोबारी उठा रहे हैं. सीतामढ़ी जिले में बैरगनिया, सोनबरसा व भिट्‌ठा मोड़ पर थाना पुलिस के अलावा एसएसबी के जवान तैनात रहते हैं. गश्त के दौरान जवान जब शराब के कारोबारियों को रोकने का प्रयास करते हैं, तो वे सामान फेंककर नेपाल की सीमा में घुस जाते हैं.  जवान फेंके गए सामान को जब्त तो कर लेते हैं, लेकिन तस्कर भाग निकलते हैं.

मधुबनी जिले में साहरघाट के अलावा कई ऐसे स्थान हैं, जहां से नेपाली शराब लाकर बेचा जाता है. साथ ही इसी रास्ते से कारोबारी शराब का खेप दरभंगा से लेकर समस्तीपुर तक पहुंचा रहे हैं, जबकि समस्तीपुर रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बलों ने कई ट्रेनों में छापेमारी कर कई बार झारखंड से चोरी-छिपे शराब लेकर आने वालों को पकड़ने में कामयाबी पाई है. सड़क मार्ग का उपयोग कर कारोबारी समस्तीपुर से हाजीपुर होते हुए पटना तक शराब की खेप पहुंचाने में लगे रहते हैं. इधर गोपालगंज व मोतिहारी के अलावा सीतामढ़ी व समस्तीपुर के बीच स्थित मुजफ्फरपुर एक ऐसा शहर है, जहां चारों तरफ से आवागमन की सुविधाएं उपलब्ध हैं.

Related Post:  टमाटर को तरस रहा है पाकिस्तान, 300 रु किलो पहुंचे दाम, व्यापार बंद करने का नुकसान 

नशाबंदी के बाद इन जिलों में पुलिस अब केवल वाहनों की ही नहीं, बल्कि कागजात और सामान की जांच भी करने लगी है. कहीं-कहीं अवैध वसूली का मामला भी सामने आया है. हाल में वाहन चालकों से अवैध वसूली के मामले में सीतामढ़ी में कुछ पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई भी की गई है. इसके बावजूद   पुलिस की कार्यशैली पर कोई खास असर नहीं पड़ा है. लेकिन यह भी सत्य है कि अगर सरकारी तंत्र पूर्ण रूप से शराब पर नियंत्रण करना चाह ले, तब इस पर अंकुश लगाया जा सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Input your search keywords and press Enter.