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गणतंत्र दिवस पर फ्लाईपास्ट में पहली बार दिखेंगे चिनूक हेलीकॉप्टर, ये हैं इसकी खासियत
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गणतंत्र दिवस पर फ्लाईपास्ट में पहली बार दिखेंगे चिनूक हेलीकॉप्टर, ये हैं इसकी खासियत

वायुसेना में हाल में शामिल किए गए लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे और परिवहन हेलीकॉप्टर चिनूक इस वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर फ्लाईपास्ट में पहली बार शामिल होंगे. वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि चिनूक के प्रदर्शन में तीन नए परिवहन हेलीकॉप्टर ‘विक फॉर्मेशन’ में होंगे. इस तरह के प्रदर्शन में एक हेलीकॉप्टर आगे की ओर और बाकी दो उसके इर्द-गिर्द थोड़ा पीछे की ओर होते हैं.

उन्होंने बताया कि इसके बाद अपाचे के प्रदर्शन में वायुसेना के नए लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को देखा जा सकेगा. पांच लड़ाकू हेलीकॉप्टर तीर जैसा फॉर्मेशन ‘एरोहेड फॉर्मेशन’ बनाएंगे.

चिनूक की खासियत
अमेरिका में निर्मित चिनूक हेलीकॉप्टर की भार क्षमता करीब 10 टन है. चिनूक का उपयोग युद्ध क्षेत्रों में जवानों, तोपों, गोलाबारूद, आपूर्ति और उपकरणों को पहुंचाने के लिए किया जाता है.

चिनूक की खासयित ये है कि इसके ऊपर दो टेल-रोटर यानि पंखुड़ी लगी है और पूरी तरह से डिजीटल कॉकपिट मैनेजमेंट सिस्टम के साथ साथ नाईट विजन ग्लास और हेलमेट माउंटेड डिस्पले है. यानि ये स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन्स करने के लिए पूरी तरह से कारगर साबित होते हैं.

चिनूक को करीब 20 देशों की सेनाएं इस्तेमाल करती है. अमेरिका ने चिनूक का इस्तेमाल वियतनाम वॉर से लेकर सीरियआ, ईराक और अफगानिस्तान में किया है. चिनूक उन उंची सीमाओं पर भी पहुंच सकता है जहां तक सड़क के रास्ते जाना मुमकिन नहीं हैं.

करीब 20 हजार फीट तक चिनूक उड़ान भर सकता है. करीब 50-55 सैनिक एक साथ इसमें बैठ सकते हैं. प्राकृतिक आपदा के दौरान भी ये हेलीकॉप्टर काफी कारगर है. इसमें बीमार और घायल लोगों के लिए 24 स्ट्रेचर तक लगाए जा सकते हैं.

इंटर सर्विस गार्ड की कमान विंग कमांडर विपुल गोयल संभालेंगे
भारतीय वायुसेना के प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन अनुपम बनर्जी ने आज कहा कि इस साल इंटर सर्विस गार्ड की कमान विंग कमांडर विपुल गोयल संभालेंगे. इस दौरान राजपथ पर परेड के साथ ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और राष्ट्रपति के अंगरक्षकों द्वारा उन्हें राष्ट्रीय सलामी दी जाएगी.

वायुसेना की समन्वय सेवा की भूमिका के नाते राजपथ पर झंडा फहराने का काम फ्लाइंग ऑफिसर अमन द्वारा किया जाएगा. भारतीय वायुसेना एक औपचारिक मार्च करने वाले दल, वायुसेना बैंड की टुकड़ी और भारतीय वायुसेना की झांकी के साथ परेड में भाग लेगी.

भारतीय वायुसेना के मार्च करने वाले दल में चार अधिकारी और 144 वायु योद्धा शामिल होंगे. इस साल वायुसेना मार्च की अगुवाई फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रीकांत शर्मा और अन्य तीन अधिकारी करेंगे. वायुसेना बैंड की टुकड़ी में 72 संगीतकार और तीन ड्रम मेजर शामिल होंगे.

बैंड का नेतृत्व वारंट ऑफिसर अशोक कुमार करेंगे, जो एक निपुण ड्रम मेजर हैं. बैंड में दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए कई मार्शल धुनें बजाई जाएंगी. ग्रुप कैप्टन ने कहा, “परेड में भाग लेने वाले वायु योद्धाओं का चयन कर लिया गया है और इन्हें वायुसेना की एक कड़ी प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया है.”

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