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यहां बलात्कार के खौफ में बेड़ियों में जकड़ा है बचपन
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यहां बलात्कार के खौफ में बेड़ियों में जकड़ा है बचपन

देश में बलात्कार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. हालात इतने बदतर हो गए हैं कि  मासूम बच्चियां भी सुरक्षित नहीं हैं. इस बीच देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां बलात्कार के डर से एक मासूम बच्ची को बेड़ियों में जकड़ा गया है. यह किसी और ने नहीं बल्कि खुद बच्ची की मां ने किया है. दरअसल बच्ची की मां  पर बलात्कारियों का डर इस कदर हावी है कि वह अपनी फूल सी बच्ची की सुरक्षा के लिए उसे बेड़ियों में जकड़ने को मजबूर है.

ये कहानी है मुंबई के सायन इलाक़े में रहने वाली सपना की. जो गुरु तेगबहादुर नगर में एक फुटपाथ पर रहकर अपना और अपने परिवार का पेट पालती है. सपना की माने तो काम के सिलसिले में बाहर जाने पर उसकी सात साल की बेटी की सुरक्षा को लेकर वह हमेशा परेशान रहती है. यही वजह है कि उसने अपनी बच्ची को हवस के दरिंदों से बचाने के लिए बेड़ियों से बांध रखा है.

सपना का कहना है कि बीते 7 फ़रवरी  को महिम में एक पांच साल की मासूम बच्ची को अगवा करके बलात्कार और फिर हत्या करने के बाद उसे अपनी बच्ची की ज्यादा चिंता होने लगी. क्योंकि जिस बच्ची के साथ यह हादसा हुआ था वह भी महिम में फुटपाथ पर ही रहती थी. उसका शव उस फुटपाथ से महज सौ मीटर दूरी पर फेंका गया था.

इस हादसे ने सपना को अन्दर तक झकझोर कर रख दिया. जिसके बाद अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए सपना ने वो किया जो कोई मां सपने में भी नहीं सोच सकती थी.अपने इस फैसले के बारे में सपना बतातीं है कि उनकी मां की उम्र ज्यादा होने की वजह से वह उसकी बेटी की ठीक से देखभाल नहीं कर सकती थी. ऐसे में उन्होंने अपनी बेटी को बेड़ियों में जकड़कर रखने का फैसला किया.

सपना की बेटी काफी शरारती है और स्कूल में भी बच्चों से  झगडा करती रहती थी. जिससे तंग आकर सपना ने दूसरी कक्षा के बाद उसे स्कूल भेजना भी बंद कर दिया है. लेकिन नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों से बेटी की हिफाजत कैसे करे. इस बात को लेकर वह हमेशा परेशान रहती थी.

गौरतलब है कि लगभग दस साल पहले सपना का परिवार पंजाब से मुंबई आया था. लेकिन सपना के पिता की अचानक मौत होने के बाद आर्थिक तंगी की वजह से अपने गाँव नहीं लौट सका. तब से लेकर अब तक सपना और उसका परिवार फुटपाथ पर गुजर बसर करने को मजबूर है. हालांकि इस बीच उसकी शादी भी हुई लेकिन उसके पति ने भी उसे और उसकी बेटी को दर-दर की ठोकरें खाने की के लिए छोड़ दिया.

 

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