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ट्रिपल तलाक पर सुनवाई के बाद SC ने सुरक्षित किया अपना फैसला

ट्रिपल तलाक पर सुनवाई के बाद SC ने सुरक्षित किया अपना फैसला

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को ट्रिपल तलाक पर सुनवाई हो गयी है. इस सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला भी सुरक्षित कर लिया है. गुरुवार को ट्रिपल तलाक पर चली सुनवाई के दौरान मुख्य याचिकाकर्ता...

आरटीआई की दूसरी अपील

आरटीआई की दूसरी अपील

आरटीआई अधिनियम सभी नागरिकों को लोक प्राधिकरण द्वारा धारित सूचना की अभिगम्यता का अधिकार प्रदान करता है. यदि आपको किसी सूचना की अभिगम्यता प्रदान करने से मना किया गया हो, तो आप केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के समक्ष अपील/ शिकायत...

कब करें आयोग में शिकायत

कब करें आयोग में शिकायत

कई बार ऐसा होता है कि आपने अपने आरटीआई आवेदन में जो सवाल पूछा है, उसका जवाब आपको ग़लत दे दिया जाता है और आपको पूर्ण विश्‍वास है कि जो जवाब दिया गया है वह ग़लत, अपूर्ण या भ्रामक है....

परिस्थिति का इलाज

परिस्थिति का इलाज

देश ने यह दिशा छोड़ दी. इसीलिए वह आज समस्याओं का एक जंगल बन गया है. हर आदमी एक या दूसरी समस्या  से घिरा होकर परेशान है. अलग-अलग समस्याओं से लड़ने की कोशिश में लोग हताश हो जाते हैं, टूट...

बिहार में उपेक्षित हैं क़ानून के रखवाले

बिहार में उपेक्षित हैं क़ानून के रखवाले

नीतीश सरकार जिस बेहतर क़ानून व्यवस्था को अपनी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करती है, उसमें विशेष सहायक पुलिस यानी सैप जवानों का बेहद अहम योगदान है, लेकिन आज स्थिति यह है कि इन जवानों को उपेक्षित कर दिया गया...

न्याय व्यवस्था की खामियां

न्याय व्यवस्था की खामियां

सरकार ने अब अपना यह इरादा घोषित कर दिया है कि हाईकोर्टों के मुख्य न्यायाधीश तथा अन्य जजों की संख्या के एक तिहाई दूसरे राज्यों से रखे जाएंगे. इसके लिए एक भारी-भरकम कारण यह बताया जा रहा कि इस तरह...

तानाशाही के अनुभव

तानाशाही के अनुभव

सबसे गजब की बात यह थी कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस तर्क को स्वीकार कर लिया. 42 वां संशोधन इस प्रकिया का चरम बिन्दु था. इसने संविधान को इस तरह संशोधित किया कि ऊपर से देखने में तो इसका लोकतांत्रिक...

संविधान में राजनीतिक दल का जिक्र नहीं है : बंधुत्व एकता की सीढ़ी है

संविधान में राजनीतिक दल का जिक्र नहीं है : बंधुत्व एकता की सीढ़ी है

पिछले अंक में आपने 26 जनवरी, 1950 को भारत के प्रजातांत्रिक देश बन जाने के बारे में पढ़ा. इस समापन किस्त में आपसी भाईचारे, बंधुत्व एवं एकता की चर्चा है, जो किसी भी देश और समाज के विकास के लिए...

संविधान में राजनीतिक दल का ज़िक्र नहीं है : कब और कैसे बना हमारा संविधान

संविधान में राजनीतिक दल का ज़िक्र नहीं है : कब और कैसे बना हमारा संविधान

इस अंक से हम डॉ. बी आर अंबेडकर द्वारा 25 नवंबर, 1949 को संविधान सभा में दिए गए आख़िरी भाषण के अंश प्रकाशित कर रहे हैं. अपने इस ऐतिहासिक भाषण में बाबा साहब ने न स़िर्फ भारतीय संविधान के बारे...

गांव को उचित सत्ता से वंचित क्यों रखा जाए?

यह आक्षेप अक्सर लगाया जाता है कि गांवों को स्व-शासन के अधिकार देने पर अन्याय, अत्याचार बढ़ेंगे और ग़लतियां भी होंगी. गांव का स्वरूप रूढ़िवादी एवं कट्टरपंथी होगा. इससे यथास्थिति भी क़ायम रहेगी, क्योंकि सुविधासंपन्न लोग ग्रामसभा के अधिकारों को...

प्रत्यक्ष लोकतंत्र ?

राष्ट्रीय विकास परिषद, जो अब एक नो डिबेट क्लब, यानी बहसविहीन क्लब के  तौर पर सिमट कर रह गया है, ने आज़ादी के  शुरुआती दशकों में योजना को सहभागी प्रक्रिया बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. योजना को लेकर...

ग़रीबो को उनका हक़ कैसे मिलेगा?

ग़रीबो को उनका हक़ कैसे मिलेगा?

जिस देश की अधिकांश आबादी ग़रीब हो, वहां यह ज़रूरी हो जाता है कि ग़रीबों से जु़डी योजनाओं को ईमानदारी से लागू किया जाए. लेकिन व्यवहार में अब तक यही देखने को मिला है कि ग़रीबों के विकास के लिए...

समझदारी से करें आरटीआई का इस्तेमाल

समझदारी से करें आरटीआई का इस्तेमाल

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगने और भ्रष्टाचार का पर्दाफ़ाश करने वालों को परेशान किए जाने की भी संभावना रहती है. कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सूचना मांगने वालों को शारीरिक रूप से नुक़सान पहुंचाने का...

यह संसद संविधान विरोधी है

यह संसद संविधान विरोधी है

सरकार को आम जनता की कोई चिंता नहीं है. संविधान के मुताबिक़, भारत एक लोक कल्याणकारी राज्य है. इसका साफ़ मतलब है कि भारत का प्रजातंत्र और प्रजातांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार आम आदमी के जीवन की रक्षा और...

पटना गांधी मैदान से शुरू होगी परिवर्तन की लड़ाई

पटना गांधी मैदान से शुरू होगी परिवर्तन की लड़ाई

भारतीय लोकतंत्र के लिए आने वाला समय काफी महत्वपूर्ण है. लोगों का इस व्यवस्था से भरोसा उठने और उसके नतीजे के तौर पर जनता के सड़क पर उतरने की घटनाएं लगातार जारी हैं. दामिनी वाली घटना में जिस तरह से...

जनता को विकल्प की तलाश है

जनता को विकल्प की तलाश है

नरेंद्र मोदी की विजय ने संघ और भारतीय जनता पार्टी में एक चुप्पी पैदा कर दी है. संघ के प्रमुख लोगों में अब यह राय बनने लगी है कि नरेंद्र मोदी को देश के नेता के रूप में लाना चाहिए,...

प्रजातंत्र बना लाठीतंत्र

प्रजातंत्र बना लाठीतंत्र

एक बार लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शनकारी पूर्वांचल के अलग-अलग शहरों से लखनऊ पहुंचे थे, उनकी संख्या क़रीब 1500 रही होगी, उनमें किसान, मज़दूर एवं छात्रनेता भी थे, जो अपने भाषणों में मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़...

प्रधानमंत्री के नाम अन्ना की चिट्ठी

प्रधानमंत्री के नाम अन्ना की चिट्ठी

सेवा में, श्रीमान् डॉ. मनमोहन सिंह जी, प्रधानमंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली. विषय : गैंगरेप-मानवता को कलंकित करने वाली शर्मनाक घटना घटी और देश की जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया. ऐसे हालात में आम जनता का क्या दोष...

राजनीतिक दलों का रवैया गुस्सा दिलाता है

राजनीतिक दलों का रवैया गुस्सा दिलाता है

महाभारत शायद आज की सबसे बड़ी वास्तविकता है. इस महाभारत की तैयारी अलग-अलग स्थलों पर अलग तरह से होती है और लड़ाई भी अलग से लड़ी जाती है, लेकिन 2013 और 2014 का महाभारत कैसे लड़ा जाएगा, इसका अंदाज़ा कुछ-कुछ...

इंडियन एक्‍सप्रेस की पत्रकारिता- 2

इंडियन एक्‍सप्रेस की पत्रकारिता- 2

अगर कोई अ़खबार या संपादक किसी के ड्राइंगरूम में ताकने-झांकने लग जाए और गलत एवं काल्पनिक कहानियां प्रकाशित करना शुरू कर दे तो ऐसी पत्रकारिता को कायरतापूर्ण पत्रकारिता ही कहेंगे. हाल में इंडियन एक्सप्रेस ने एक स्टोरी प्रकाशित की थी,...

कांग्रेस और मुस्लिम संगठनों को सबक़ लेना चाहिए

कांग्रेस और मुस्लिम संगठनों को सबक़ लेना चाहिए

गुजरात का चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए एक अलग तरह का सबक़ है और कांग्रेस के लिए दूसरी तरह का. भारतीय जनता पार्टी न अपनी जीत से कुछ सीखती है और न कांग्रेस अपनी हार से. एक और वर्ग...

न थकेंगे, न झुकेंगे

न थकेंगे, न झुकेंगे

आखिर अन्ना हज़ारे क्या हैं, मानवीय शुचिता के एक प्रतीक, बदलाव लाने वाले एक आंदोलनकारी या भारतीय राजनीति से हताश लोगों की जनाकांक्षा? शायद अन्ना यह सब कुछ हैं. तभी तो इस देश के किसी भी हिस्से में अन्ना चले...

अब अन्ना की नहीं, आपकी परीक्षा है

अब अन्ना की नहीं, आपकी परीक्षा है

अन्ना हज़ारे और जनरल वी के सिंह ने बनारस में छात्रों की एक बड़ी सभा को संबोधित किया. मोटे अनुमान के हिसाब से 40 से 60 हज़ार के बीच छात्र वहां उपस्थित थे. छात्रों ने जिस तन्मयता एवं उत्साह से...

इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकारिता – 1

इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकारिता – 1

भारतीय सेना की एक यूनिट है टेक्निकल सर्विस डिवीजन (टीडीएस), जो दूसरे देशों में कोवर्ट ऑपरेशन करती है. यह भारत की ऐसी अकेली यूनिट है, जिसके पास खुफिया तरीके से ऑपरेशन करने की क्षमता है. इसे रक्षा मंत्री की सहमति...

तीसरा मोर्चा संभावनाएं और चुनौतियां

तीसरा मोर्चा संभावनाएं और चुनौतियां

लोकसभा में एफडीआई के मुद्दे पर दो दलों ने जो किया, वह भविष्य की संभावित राजनीति का महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है. शायद पहली बार मुलायम सिंह और मायावती किसी मुद्दे पर एक सी समझ रखते हुए, एक तरह...

रंगराजन समिति की सिफारिश किसान विरोधी

रंगराजन समिति की सिफारिश किसान विरोधी

पिछले दिनों राजधानी दिल्ली में गन्ना उत्पादक किसानों ने संसद का घेराव किया. आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुल्तान अहमद भी खुलकर सामने आए. देश...

राजनीति के नए सिद्धांत

राजनीति के नए सिद्धांत

भारत की राजनीति में नए सैद्धांतिक दर्शन हो रहे हैं. पता नहीं ये सैद्धांतिक दर्शन भविष्य में क्या गुल खिलाएंगे, पर इतना लगता है कि धुर राजनीतिक विरोधी भी एक साथ खड़े होने का रास्ता निकाल सकते हैं. लेकिन लोकसभा...

यह आम आदमी की पार्टी है

यह आम आदमी की पार्टी है

भारतीय राजनीति का एक शर्मनाक पहलू यह है कि देश के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों की कमान चंद परिवारों तक सीमित हो गई है. कुछ अपवाद हैं, लेकिन वे अपवाद ही हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा तो देश के...

उड़ीसा ने अन्‍ना हजारे को सिर-आंखों पर बैठाया : राजनीति को नए नेतृत्‍व की जरूरत है

उड़ीसा ने अन्‍ना हजारे को सिर-आंखों पर बैठाया : राजनीति को नए नेतृत्‍व की जरूरत है

अन्ना हजारे कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत करने के लिए उड़ीसा दौरे पर गए. उनकी अगवानी करने के लिए बीजू पटनायक हवाई अड्डे पर हज़ारों लोग मौजूद थे, जो अन्ना हजारे जिंदाबाद, भ्रष्टाचार हटाओ और उड़ीसा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के...

हम तो ख़ुद अपने हाथों बेइज़्ज़त हो गए

हम तो ख़ुद अपने हाथों बेइज़्ज़त हो गए

जी न्यूज़ नेटवर्क के दो संपादक पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए. इस गिरफ्तारी को लेकर ज़ी न्यूज़ ने एक प्रेस कांफ्रेंस की. अगर वे प्रेस कांफ्रेंस न करते तो शायद ज़्यादा अच्छा रहता. इस प्रेस कांफ्रेंस के दो मुख्य...

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