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अब काला धन वापस नहीं आएगा

7 comments

  • अब काला धन वापस नहीं आएगा,kya bhrasht netao ke saath sardar akela hi kha jayega ? aur singh is king kahlayega ?

  • अभिषेक जी,हमारे इतिहास की पुस्तकों में ,जो की कथित बुद्धिजीवियों,छद्म सेकुलरिस्टों और गद्दार कम्युनिस्टों की तिकड़ी द्वारा लिक्खी गयी;लोगों को यह बताया गया है कि देश को आज़ादी गांधी और कांग्रेस के सत्याग्रह से मिली.लेकिन ४ जून कि रात रामलीला मैदान में जो कुछ बाबा रामदेव और उनके अनुयायिओं के साथ हुआ उससे यह साबित हो गया कि आज़ादी सत्याग्रह से नहीं बल्कि हमारे वीर क्रान्तिकारियो के बलिदानों कि वजह से हमें मिली. और यदि हमें(भ्रष्टाचार और कालेधन से ) आज़ादी की इस जंग को जीतना है उन्हीं महान क्रन्तिकारिओन के मार्ग को ही अपनाना होगा.

  • और इस सारे घालमेल में हमारे महान लोकतंत्र के कथित चौथे स्तम्भ (चौथी दुनिया समेत);महाभ्रष्ट मीडिया की भूमिका क्या है, यह भी जांच का विषय है.ऐसे लेखों द्वारा आप सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आन्दोलन को support नहीं कर रहे बल्कि लोगों को इस बात के लिए मानसिक रूप से तय्यार करने की कोशिश कर रहे हैं की यहाँ कुछ भी होने वाला नहीं है.यह देश ऐसे ही चलेगा .

  • How india is being treacherously enslaved by angloamerican agents likes of (unelectable and defeated in democratic election ) this pm manmohan singh and the english media inside india.

  • Manmohan is a facilitator of scamsters & fraudsters. That he personally does not indulge in corruption is immaterial since he learnt a lesson long ago that his foray into politics gained momentum through his quality of ‘strategic silence’ and as a corporate scam facilitator. As long as he runs along this narrow niche without opening his mouth too wide, he believes he is safe.

    Another factor is that he doesn’t feel he is accountable to the public of Indiabecause he has not bene elelcted by people of India.. A key pointer to this is the number of press conference he has held in his 7 years of holding the job.

  • इससे साफ पता चलता है कि सरकार चलाने वाले ही चोर हैं! अब यदि काला धन वापस नहीं आता तो बहुत बड़ी रक्त क्रांति होगी जो इतिहास ने आज तक नहीं देखी ना ही भविष्य को इसकी भीषणता का अनुमान होगा ! हमें ऐसे लोग नहीं चाहिए!

  • सर्कार की मंशा शुरू से ही काले धन को वापस न लाने की थी. वर्ना जब अप्रेल २००९ में जी-२० के लन्दन शिखर सम्मलेन में कड़े शब्दों में स्वित्ज़रलैंड सहित सभी टैक्स हेवेन्स को यह कहा गया था की उनके यहाँ जमा काले धन के जानकारी सम्बंधित देश की सर्कार को दी जाये और मनमोहन सिंह को उसके लिए गठित कमिटी में सह्मिल किया गया था तो उन्होंने मामले को बिलकुल हल्का कर दिया यह कहकर की हम कोई फिशिंग एक्सरसाईज नहीं कर सकते और केवल दोष सिद्ध मामलों में ही सम्बंधित देशों द्वारा सूचना दी जा सकेगी. ये बयां टैक्स हेवेन्स के वकीलों जैसा है. असल में सबसे अधिक काला धन सोनिया गाँधी और उसके परिवार का है जिसे छूना मनमोहनसिंह जी के लिए वर्जित है. इसके अलावा उन नेताओं का व नौकरशाहों का है जिन्होंने आज़ादी के बाद से, और कुछ ने तो आजादी के पहले से ही, देश को लूटना शुरू कर दिया था. अगर अमेरिका स्विस बैंकों के अमरीकियों के खतों की जानकारी हासिल कर सकता है तो हम क्यों नहीं. दुर्भाग्य से जिन्हें देश की जनता ने यह दायित्व सौंपा है वो खुद चोर हैं. इन सब चोरों को हिंद महासागर में डुबो देना चाहिए. या चीन की तरह सरे आंम फाँसी की सजा दे देनी चाहिए.

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