fbpx
Now Reading:
दिल्ली का बाबू : क्यों बदला मन?
Full Article 3 minutes read

दिल्ली का बाबू : क्यों बदला मन?

dkb-1गुजरात के मुख्यमंत्री और बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी आजकल देश भर में रैलियों को संबोधित करने में व्यस्त हैं. इस बीच अहमदाबाद में राज्य सरकार को आईएएस अधिकारियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति इतनी ज्यादा गंभीर है कि सरकार ने हाल ही में चार आईपीएस, दो आईएएस और दो आईएफएस अधिकारियों को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के प्रस्ताव को वापस ले लिया है. जबकि जून में सरकार ने इस प्रस्ताव को अपनी सहमति दे दी थी. प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने वाले आईपीएस अधिकारी डीआईजी दिनेश राय, आईजीपी प्रवीण सिन्हा और एसपी दिव्या मिश्रा हैं. सूत्रों के अनुसार सबसे दिलचस्प बात यह है कि राज्य सरकार दिनेश राय के केंद्र में प्रतिनियुक्त पर भेजे जाने के आवेदन को अनुमति देने के पहले कई महीनों तक दबाए बैठी थी. जबकि अब उसे निरस्त कर दिया गया है. हालांकि, सूत्रों को राज्य सरकार के बयान पर संशय है कि राज्य में अधिकारियों की कमी है. सरकार के इस निर्णय को लेकर अफवाहों का बाज़ार गर्म है कि क्यों मोदी सरकार ने अचानक इन अधिकारियों को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर भेजने का का मन बदल लिया है.

 

Related Post:  भ्रष्टाचार पर सख्त मोदी सरकार, CBIC के 22 अफसरों को किया जबरन रिटायर

 

पूर्व की ओर निगाहें

dkb-3जापान के साथ बढ़ते संबंधों को देखते हुए भारत सरकार अधिकारियों को कानून और लोक नीति के क्षेत्र में और प्रशिक्षण लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है.  कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के प्रशिक्षण प्रभाग ने जापान स्थित क्यूशू विश्‍वविद्यालय और नेशनल ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी स्ट्डीज, टोकियो में प्रशिक्षण पाने के इच्छुक अधिकारियों से यंग लीडरशिप प्रोग्राम के अंतर्गत आवेदन मांगे हैं.  डीओपीटी सचिव एस के सरकार के अनुसार इस कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक अधिकारियों की आयु आवश्यक रूप से 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, साथ ही वह सेना में कार्यरत नहीं होने चाहिए. अब तक भारत सरकार अधिकारियों को पश्‍चिमी देशों के हार्वर्ड विश्‍वविद्यालय और कैनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में ट्रेनिंग के लिए भेजती रही है. लेकिन सरकार का यह कदम दिखाता है कि सरकार दूसरे देशों के साथ भी संबंधों को प्रगाढ़ करने की इच्छुक है.

Related Post:  इंद्राणी मुखर्जी के बयान ने बढ़ाई 'चिदंबरम' की मुश्किलें, जानिए क्या है पूरा मामला

 

पी चिदंबरम की टीम

dkb-2रघुराम राजन की रिजर्व बैंक के गवर्नर बनने के बाद नार्थ ब्लॉक का माहौल में वित्त मंत्रालय का माहौल खुशनुमा हो गया है. स्पष्ट रूप से वह पूर्ववर्ती गवर्नर की तुलना में पी चिदंबरम के ज्यादा घनिष्ट हैं जिसकी वजह से मंत्रालय में एक आशावादी माहौल बना हुआ है .उनके गवर्नर नियुक्त होने के बाद रिक्त हुई मुख्य आर्थिक सलाहकार की जगह अभी भरनी बाकी है. सूत्रों के अनुसार सरकार इस पद को भरने में कोई ज्यादा जल्दबाजी करती नहीं दिख रही है. स्पष्टतया चिदंबरम अपनी मौजूदा टीम से बहुत खुश हैं, जिसमें आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम और अतिरिक्त सचिव के पी कृष्णन भी शामिल हैं. लेकिन नॉर्थ ब्लॉक में ज्यादा अटकलें सचिव (व्यय) आर एस गुजराल के सेवा विस्तार को लेकर लगाई जा रही हैं. वे अगले माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं और यूपीए सरकार अधिकांश मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों के जाने के विरुद्ध दिखी है.

Related Post:  गुजरात : जूनागढ़ में ढहा 60 फुट लंबा पुल, 4 घायल, मलबे में दबीं हैं कई कारें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Input your search keywords and press Enter.