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साई बाबा व्रत कथा का महत्व
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साई बाबा व्रत कथा का महत्व

Sai-Baba109एक शहर में कोकिला नाम की स्त्री और उसके पति महेशभाई रहते थे. दोनों का वैवाहिक जीवन सुखमय था. दोनों में आपस में स्नेह और प्रेम था. पर महेश भाई की कभी-कभार झगड़ा करने की आदत थी. परंतु कोकिला अपने पति के क्रोध का बुरा नहीं मानती थीं. वह धार्मिक आस्था और विश्‍वास वाली महिला थीं. उसके पति का काम-धंधा भी बहुत अच्छा नहीं था. इसी वजह से वह अपना अधिकतर समय अपने घर पर ही व्यतीत करता था. समय के साथ काम में और कमी होने पर उसके स्वभाव में और अधिक चिड़चिड़ापन रहने लगा.

एक दिन दोपहर के समय कोकिला के दरवाजे पर एक वृद्ध महाराज आए. उनके चेहरे पर गजब का तेज था. वृद्ध महाराज के भिक्षा मांगने पर उन्हें दाल-चावल दिए और दोनों हाथों से उन्हें नमस्कार किया. बाबा के आशिर्वाद देने पर कोकिला के मन का दु:ख उसकी आंखों से छलकने लगा. इस पर बाबा ने कोकिला को श्री साई व्रत के बारे में बताया और कहा कि इस व्रत को 9 गुरुवार तक एक समय भोजन करके करना है. पूर्ण विधि-विधान से पूजा करने और साई बाबा पर अटूट श्रद्धा रखना. तुम्हारी मनोकामना जरूर पूरी होगी.
महाराज के बताये अनुसार कोकिला ने व्रत गुरुवार के दिन साई बाबा का व्रत किया और 9वें गुरुवार को गरीबों को भोजन भी दिया. साथ ही साई पुस्तकें भेंट स्वरुप दीं. ऐसा करने से उसके घर के झगड़े दूर हो गए और उसके घर की सुख-शांति में वृद्धि हुई. इसके बाद दोनों का जीवन सुखमय हो गया.
एक बार उसकी जेठानी ने बातों-बातों में उसे बताया कि उसके बच्चे पढ़ाई नहीं करते हैं इसी वजह से परीक्षा में फेल हो जाते हैं. कोकिला बहन ने अपनी जेठानी को श्री साई बाबा के 9 व्रत का महत्व बताया. कोकिला बहन के बताये अनुसार जेठानी ने साई व्रत का पालन किया. उसके कुछ ही दिनों में उसके बच्चे पढ़ाई करने लगे और बहुत अच्छे अंकों से पास हुए.

एक दिन दोपहर के समय कोकिला के दरवाजे पर एक वृ्द्ध महाराज आयें. उनके चेहरे पर गजब का तेज था. वृ्द्ध महाराज के भिक्षा मांगने पर उसे दाल-चावल दियें.

साई बाबा का 9 गुरुवार व्रत
साई बाबा व्रत कोई भी साधारण जन कर सकता है. यहां तक कि बच्चे भी इस व्रत को कर सकते हैं. साई बाबा अपने भक्तों में किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं करते हैं. उनकी शरण में अमीर-गरीब या किसी भी वर्ग का व्यक्तिआये उसकी कार्य सिद्धि अवश्य पूरी होती है. साई बाबा व्रत एक बार शुरु करने के बाद नियमित रुप से 9 गुरुवार तक किया जाता है. इस व्रत को कोई भी व्यक्तिसाई बाबा का नाम लेकर शुरु कर सकता है. व्रत करने के लिये प्रात: स्नान करने के बाद साई बाबा की फोटो की पूजा की जाती है. साई बाबा की फोटो लगाने के लिये सबसे पहले पीले रंग का वस्त्र बिछाया जाता है. इस पर साई बाबा की प्रतिमा या फोटो लगाई जाती है. इसे स्वच्छ पानी से पोंछकर इसपर चंदन का तिलक लगाया जाता है. साई बाबा की फोटों पर पीले फूलों का हार चढ़ाना चाहिए. अगरबत्ती और दीपक जलाकर साई व्रत की कथा पढ़नी चाहिए और साई बाबा का स्मरण करना चाहिए. इसके बाद बेसन के लड्डू का प्रसाद बांटा जाता है. इस व्रत को फलाहार ग्रहण करके किया जा सकता है. या फिर शाम के समय में भोजन करके किया जा सकता है. इस व्रत में कुछ न कुछ खाना जरुरी है, भूखे रहकर इस व्रत को नहीं किया जाता है.
इस प्रकार व्रत करने के बाद 9 गुरुवार तक साई बाबा के मंदिर जाकर दर्शन करना भी शुभ रहता है. घर के निकट साई बाबा मंदिर न होने पर घर में भी साई फोटो की पूरी श्रद्वा से पूजा करनी चाहिए. किसी भी स्थान पर हो, व्रत की संख्या 9 होने से पूर्व इसे बीच में नहीं छोड़ना चाहिए.
साई बाबा व्रत उद्धापन
साई बाबा के व्रत की संख्या 9 हो जाने पर अंतिम व्रत के दिन पांच गरीब व्यक्तियों को भोजन और सामर्थ्य के अनुसार दान देना चाहिए. इसके साथ ही साई बाबा की कृपा का प्रचार करने के लिये 7, 11, 21 साई पुस्तकें अपने आस-पास के लोगों में बांटनी चाहिए. इस प्रकार इस व्रत को समाप्त किया जाता है.
शिरडी साई बाबा चमत्कार
भारत प्राचीन काल से ही धार्मिक आस्था और पूजा-उपासना में विश्‍वास करने वाला देश रहा है. यहां कई धर्म,वर्ग और संस्कृतियां अलग-अलग होकर भी एक साथ रहती हैं. इसके साथ ही भारत में अनेक संत-महापुरुषों ने जन्म लिया. कई संतों के द्वारा किये गए चमत्कार आज भी चर्चा का विषय रहे हैं. शिरडी के साई बाबा के चमत्कार की अनेक कथाएं प्रचलित हैं. शिरडी के साई बाबा पर देश के करोडों लोगों की श्रद्धा है. सभी धर्मों के लोग यहां साई बाबा दर्शन के लिये आते हैं, यही कारण है कि साई बाबा संस्थान की प्रसिद्धि भी इसके साथ ही बढ़ती जा रही है. यह साई बाबा का चमत्कार नहीं तो और क्या है कि आज भी देश भर में बाबा के नाम पर छोटे बड़े अस्सी हजार से अधिक मंदिर हो गए हैं.

1 comment

  • Ye shiradi Sansthan ka jhut aur marketing hai Sai ek Musalman pakhandi tha usane sirf logo Ko Hindu Dharm se mukt karne ka bida uthaya tha o marne ke bad bhi pura kar Raha hai

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