fbpx
मुले शास्त्री और साई बाबा

मुले शास्त्री और साई बाबा

नासिक में एक ब्राह्मण थे, नाम था मुले शास्त्री. उन्होंने आधा दर्जन शास्त्रों का अध्ययन किया था. ज्योतिष एवं सामुद्रिक शास्त्र में वह पारंगत थे. एक बार वह नागपुर के प्रसिद्ध करोड़पति बापू साहेब बूटी से भेंट करने के बाद...

सात रंगों की शक्ति

सात रंगों की शक्ति

परमात्मा ने हमें यह जीवन उपहार स्वरूप दिया है. इसी उपहार के हिस्से अग्नि, वायु, जल, मिट्टी और आकाश से यह शरीर बना है. इन्हें पंचतत्व भी कहते हैं. शरीर को चलाने वाली एक शक्ति आत्मा है, जो मन, बुद्धि...

साई का प्रसाद

साई का प्रसाद

एक बार गोवा के एक मामलतदार राले ने लगभग 300 आमों का एक पार्सल शामा के नाम शिरडी भेजा. पार्सल खोलने पर प्रायः सभी आम अच्छे निकले. भक्तों में उनके वितरण का कार्य शामा को सौंपा गया. उनमें से बाबा...

बाबा और तेंडुलकर कुटुंब

बाबा और तेंडुलकर कुटुंब

मुंबई के पास बांद्रा में एक तेंडुलकर कुटुंब था, जो साई बाबा पर असीम श्रद्धा रखता था. इस कुटुंब के रघुनाथ राव तेंडुलकर ने मराठी भाषा में श्री साईनाथ भजनमाला नामक एक पुस्तक लिखी है, जिसमें बाबा की लीलाओं का...

जीवन मूल्‍य कितने जरूरी

जीवन मूल्‍य कितने जरूरी

आज अगर जीवन के मूल्यों के बारे में बात करें तो लगता है कि जैसे मज़ाक उड़ाया जा रहा है. आम धारणा है कि कलयुग में इन मूल्यों पर चल पाना संभव नहीं. अक्सर जब मूल्यों की बात आती है...

साई बाबा की शिक्षा…

साई बाबा की शिक्षा…

शिरडी में बाज़ार प्रति रविवार को लगता है. निकट के ग्रामों से लोग आकर वहां रास्तों पर दुकानें लगाते और सौदा बेचते हैं. मध्यान्ह के समय मस्जिद लोगों से ठसाठस भर जाती थी, परंतु रविवार के दिन लोगों की इतनी...

बाबा की दिव्‍य शक्ति और शिरडी

बाबा की दिव्‍य शक्ति और शिरडी

शिरडी के साई बाबा आज असंख्य लोगों के आराध्य देव बन चुके हैं. उनकी कीर्ति दिन दोगुनी-रात चौगुनी बढ़ती जा रही है. यद्यपि बाबा के द्वारा नश्वर शरीर को त्यागे हुए अनेक वर्ष बीत चुके हैं, परंतु वह अपने भक्तों...

बाबा ने मुझे आशा से अधिक दिया

बाबा ने मुझे आशा से अधिक दिया

नासिक के श्री लक्ष्मण गोविंद मोंगे 1910 में पहली बार शिरडी गए थे. उसके पश्चात वह समय-समय पर बाबा से भेंट करते रहते थे. उनका ऐसा ही एक अनुभव यहां प्रस्तुत है.

बाबा का जीवन और चरित्र

बाबा का जीवन और चरित्र

अगर हम साई बाबा के जीवन और चरित्र का अवलोकन करेंगे तो पाएंगे कि उन्होंने उस भवसागर पर विजय प्राप्त कर ली थी, जिसे पार करना हम सबके लिए अत्यंत दुष्कर है. शांति उनका आभूषण था और वह ज्ञान की...

भक्ति की शक्ति

भक्ति की शक्ति

बाबा की आज्ञानुसार काका साहेब दीक्षित श्री एकनाथ महाराज के दो ग्रंथों भागवत और रामायण का नित्य पारायण करते थे. एक दिन जब रामायण का पाठ हो रहा था, तब श्री हेमाडपंत भी श्रोताओं में सम्मिलित थे. अपनी मां के...

समाधि मंदिर और पूर्व तैयारी

समाधि मंदिर और पूर्व तैयारी

हिंदुओं में यह प्रथा है कि जब किसी मनुष्य का अंतकाल निकट आ जाता है तो उसे धार्मिक ग्रंथ आदि पढ़कर सुनाए जाते हैं. इसका मुख्य कारण केवल यही है कि इससे उसका मन सांसारिक झंझटों से मुक्त होकर आध्यात्मिक...

बाबा का शिरडी में प्रथमागमन

बाबा का शिरडी में प्रथमागमन

साई बाबा के माता-पिता कौन थे? उनका जन्म कब और कहां हुआ था? इस बारे में किसी को भी ठीक से कुछ ज्ञात नहीं था. इस संदर्भ में काफी खोजबीन भी की गई और स्वयं साई से भी पूछा गया,...

साई की महिमा का अनुभव

साई की महिमा का अनुभव

आज अपने जीवन का एक ऐसा अनुभव आपके साथ बांटना चाहती हूं, जिसमें साई बाबा की कृपा की वजह से मैं संभल पाई. मैं जीवन की ऐसी भंवर में फंसी थी, जिसमें आज बहुत से पढ़े-लिखे युवक-युवती घिरे रहते हैं.

साई भक्‍त परिवार के लिए त्‍यौहारों के इस मौसम में फाउंडेशन का तोहफा

साई भक्‍त परिवार के लिए त्‍यौहारों के इस मौसम में फाउंडेशन का तोहफा

साई भक्त परिवार की शुरुआत एक सोच और एक भावना से हुई थी, आज लगातार ब़ढते-ब़ढते अपनी पुख्ता पहचान बना रहा है. अब यही परिवार हमारे सुख-दुख का साथी है. त्योहारों के इस मौसम में फाउंडेशन आप सबके लिए ढेरों...

जन्‍माष्‍टमीः रिश्‍ता श्रीकृष्‍ण और बाबा का

जन्‍माष्‍टमीः रिश्‍ता श्रीकृष्‍ण और बाबा का

यह तो मैं जानता था कि शिरडी में बाबा के जीवन के दौरान जब भव्य मंदिर का निर्माण चल रहा था, तब सबकी इच्छा थी कि वहीं पर श्रीकृष्ण की प्रतिमा भी स्थापित की जाए. बाबा इस पर शांत थे....

हमारी रचना कौन है?

हमारी रचना कौन है?

हम सब जानते हैं कि हम परमात्मा की रचना हैं. यह संसार, यह प्रकृति सब उसी की रचना है, लेकिन उसने तो हमसे वादा किया कि अपनी ही तरह वह हमें भी रचयिता बनाता है. तो फिर प्रश्न उठता है...

कभी खुशी कभी गमः क्‍या यही जीवन है?

कभी खुशी कभी गमः क्‍या यही जीवन है?

आज तक यही सोचा हम सबने कि जीवन का हर पल ख़ुशी का कैसे हो सकता है? कभी ख़ुशी तो कभी गम तो है ही. और अगर गम, दु:ख, दर्द, तनाव, भय, चिंता नहीं होंगे तो ख़ुशी, उल्लास, आनंद एवं...

जीवन के सुखों को कैसे प्राप्‍त करें

जीवन के सुखों को कैसे प्राप्‍त करें

आज के दौर में सुखी किसे कहेंगे? वह, जो जीवन के सारे सुख भोग रहा है? जीवन के सुख में क्या शामिल है? अच्छी नौकरी, सुखी परिवार, अपना घर, अच्छी गाड़ी, बैंक में पैसा, समाज में प्रतिष्ठा. यह सब कुछ...

मैं कौन हूं

मैं कौन हूं

जब भी अपने बारे में सोचा तो ख़ुद को किसी न किसी किरदार में देखा. किसी ने पूछा- आप कौन हो? जवाब में कई पहचानें थीं. मेरा नाम, रुतबा, मेरा रिश्ता या मेरा लिंग- स्त्री या पुरुष. कभी मैं पिता...

समाज को साई की जरूरत

समाज को साई की जरूरत

यूं तो साई बाबा के बारे में कुछ लिखना और कहना किसी के वश की बात नहीं है. अगर यह संभव भी है तो केवल और केवल साई की कृपा से. साई नाथ महाराज को शिरडी के साई बाबा के...

काका साहेब और साई बाबा

काका साहेब और साई बाबा

श्री हरि सीताराम, जो काका साहेब दीक्षित के नाम से जाने जाते हैं, का जन्म सन्‌ 1864 में वड़नगर के खंडवा में एक नागर ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उनकी प्राथमिक शिक्षा खंडवा एवं हिंगणघाट में हुई. माध्यमिक शिक्षा के...

शिरडी साई भक्‍तों का महातीर्थ है

शिरडी साई भक्‍तों का महातीर्थ है

यूं तो साई बाबा को शरीर त्यागे सालों बीत चुके हैं, लेकिन वह आज भी अपने भक्तों के कल्याण के लिए किसी न किसी रूप में विद्यमान हैं. शिरडी के साई बाबा अनगिनत लोगों के आराध्य बन चुके हैं. उसकी...

गरीबी अव्‍वल बादशाही…

गरीबी अव्‍वल बादशाही…

शिरडी में एक पहलवान था, जिसका नाम मोहिद्दीन तंबोली था. बाबा का उससे किसी विषय पर मतभेद हो गया. फलस्वरूप दोनों में कुश्ती हुई और बाबा हार गए. इसके बाद बाबा ने अपनी पोशाक और रहन-सहन में परिवर्तन कर लिया....

साई सच्‍चे सदगुरू

साई सच्‍चे सदगुरू

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काको लागू पाय, बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय. संत कवि कबीर के इस दोहे से मालूम पड़ता है कि गुरु का हमारे जीवन में कितना अधिक महत्व है. एक ऐसा गुरु,जिसके दर पर सारे कष्टों...

बाबा की प्रेरणा…

बाबा की प्रेरणा…

पुणे के गोपाल नारायण आंबडेकर साई बाबा के परम भक्तों में से एक थे. गोपाल नारायण ठाणे ज़िला और जव्हार स्टेट के आबकारी विभाग में कार्य करते थे. वहां से सेवानिवृत्त होने पर उन्होंने बहुत समय तक कई नौकरियों की...

Input your search keywords and press Enter.