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भुवी की गेंदों में दिखी स्विंग
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भुवी की गेंदों में दिखी स्विंग

bhuvneshwar-kumarउत्तर प्रदेश के उभरते हुए तेज गेंदबाज भुवनेश्‍वर कुमार अब टेस्ट क्रिकेट में अपनी शानदार स्विंग का लोहा मनवा रहे हैं. वन डे क्रिकेट में जलवा दिखाने वाले भुवी टेस्ट क्रिकेट में कुछ खास नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने वेस्टइंडीज और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ घातक गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी. भुवनेश्‍वर कुमार ने वेस्टइंडीज के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में पांच विकेट झटक कर कीवियों के होश उड़ा दिये हैं. दरअसल भुवी इससे पूर्व वने डे क्रिकेट खेलते रहे हैं लेकिन चोट के चलते उनका प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा था. इतना ही नहीं उनकी खराब फॉर्म को लेकर भी कई सवाल खड़ा किया जा चुका है. टीम में उनकी जगह भी बनती नहीं दिख रही थी, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ वह पूरी तरह से लय में दिखे. उसके बाद अब न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी गेंदों में पुरानी धार के साथ स्विंग भी देखने को मिली. भुवी ने हाल में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में वापसी की थी. टेस्ट में उनका प्रदर्शन पहले उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा हालांकि इस दौरान वह वन डे क्रिकेट में टीम इंडिया के सदस्य बने रहे.

यूपी के भुवनेश्‍वर कुमार मेरठ से ताल्लुक रखते हैं. मेरठ क्रिकेट के बल्ले के लिए ख्याति प्राप्त है लेकिन भुवी यहां अपनी गेंदबाजी के लिए खूब सुर्खियों में हैं. भुवी को भारतीय क्रिकेट में तब पहचान मिली जब उन्होंने रणजी के रण में क्रिकेट के रिकॉर्ड पुरुष सचिन तेंदुलकर को जीरो पर चलता कर दिया था. साल 2009 रणजी ट्रॉफी में सचिन को आउट करने वाले भुवनेश्‍वर कुमार ने रणजी स्तर पर अपनी अमीट छाप छोड़ी. इसके बाद टीम इंडिया में उन्होंने दस्तक देना शुरू कर दिया था. यह वह दौर था जब भारतीय टीम में जहीर खान जैसे गेंदबाज अपने करियर के अंतिम दौर में प्रवेश कर चुके थे. 17 साल की आयु में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले भुवी ने जल्द ही टीम इंडिया में जगह पक्की कर ली. 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ पहले टी-20 में तीन विकेट झटकर क्रिकेट जगत में सनसनी फैला दी थी. इसके बाद उनको वन डे क्रिकेट में आसानी से जगह मिल गई. 57 वन डे में 60 विकेट चटकाने वाले भुवी ने 13 टेस्ट में 35 विकेट चटकाये हैं. इससे पूर्व टीम से वह अंदर और बाहर होते रहे. खराब फिटनेस की मार भी उन पर पड़ी. आलम तो यह था कि डेब्यू मैच में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले भुवी की गेंदों में एकाएक स्विंग और रफ्तार दोनों गायब होती दिखी. एक समय वह नई गेंद से विकेट निकालने वाले माही के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज के रूप में सामने आये. दरअसल इससे पूर्व प्रवीण कुमार की गेंदबाजी की खूब चर्चा होती थी. प्रवीण कुमार ने भी करियर की शुरुआत में अपनी लाजवाब स्विंग के लिए जाने जाते थे. दोनों ही एक जगह से ताल्लुक रखते हैं लेकिन प्रवीण कुमार की खराब फिटनेस ने उन्हें टीम इंडिया से बेदखल कर दिया गया. ऐसा माना जाता है कि भुवनेश्‍वर कुमार के टीम में आने से प्रवीण कुमार के लिए टीम इंडिया में इंट्री के सारे दरवाजे बंद हो गये थे. कई मौकों पर भुवी की तुलना प्रवीण कुमार से की जाने लगी, लेकिन दोनों गेंदबाजों में फर्क देखा जा सकता है. भुवनेश्‍वर कुमार ने प्रवीण कुमार को हमेशा अपना आदर्श बताया है. भुवी के अनुसार हम दोनों का गेंदबाजी स्टाइल भी एक जैसा है. मैंने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में और रणजी ट्रॉफी में काफी देखा है. हालांकि यह बात सत्य है कि भुवी ने अपनी प्रतिभा के सहारे टीम इंडिया में जगह पक्की की. अब यह देखना रोचक होगा कि भुवी टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में कैसा प्रदर्शन करते हैं. उनकी फॉर्म भारत के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि आने वालों दिनों में टीम इंडिया को कई सीरीज खेलनी है.

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