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धोनी की सफ़ाई

पिछले दिनों से लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे महेंद्र सिंह धोनी ने पेशकश की है कि अगर बीसीसीआई को लगता है कि उनका कोई बेहतर विकल्प मौजूद है तो वह टेस्ट की कप्तानी छोड़ने के लिए तैयार हैं. धोनी ने कहा कि अगर टेस्ट में कोई उनसे बेहतर काम कर सकता है तो टीम के हित में कप्तानी छोड़ने में उन्हें ख़ुशी होगी. उनके मुताबिक़, कप्तानी किसी एक के लिए नहीं है. एक पद मेरे पास है और यह अतिरिक्त ज़िम्मेदारी है. मैं जब तक यह ज़िम्मेदारी निभा रहा हूं, तब तक इस काम में अच्छा करना चाहता हूं, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि मैं इससे चिपका रहना चाहता हूं. अगर बेहतर विकल्प मौजूद है तो वह आ सकता है. उन्होंने कहा कि आप भी यही चाहते हैं कि भारत अच्छा प्रदर्शन करे. अगर कोई इस काम को बेहतर ढंग से अंजाम दे सकता है तो कप्तानी उसे सौंप दी जानी चाहिए. ग़ौरतलब है कि इंग्लैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट सीरीज में भारत के सभी मैच हारने के बाद से बतौर टेस्ट कप्तान धोनी की कड़ी आलोचना हो रही है. इससे पहले वह अगले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के संकेत भी दे चुके हैं. धोनी ने कुछ दिनों पहले कहा था कि वह 2013 में क्रिकेट के एक फॉर्मेट से संन्यास ले सकते हैं. टीम को उनकी कप्तानी में विदेशी सरजमीं पर लगातार सात मैचों में शिकस्त झेलनी पड़ी और वह बल्लेबाज़ी में भी नाकाम रहे. इंग्लैंड में उन्होंने चार टेस्ट में 31.43 के औसत से 220 रन बनाए, जबकि ऑस्ट्रेलिया में वह तीन टेस्टों की 6 पारियों में 20.40 के औसत से केवल 102 रन जुटा पाए. कई पूर्व खिलाड़ी और क्रिकेट विशेषज्ञ भी धोनी को टेस्ट कप्तानी से हटाने की वकालत कर चुके हैं. पूर्व तेज गेंदबाज़ मदनलाल ने कहा था, मैं समझता हूं कि अब धोनी को टेस्ट कप्तानी से हटाने का व़क्त आ गया है, क्योंकि वह क्रिकेट का लुत्फ नहीं उठा रहे हैं. अब किसी अन्य को यह पद सौंपने का समय आ गया है. कपिल देव ने कहा था, टीम बटी हुई लगती है. धोनी अगर अच्छा प्रदर्शन नहीं करते और खेल के प्रति अपनी बेरुखी बनाए रखते हैं तो बतौर कप्तान उनके दिन गिने-चुने रह गए हैं.

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