fbpx
Now Reading:
देर आये दुरस्त आये : गंभीर की टीम इंडिया में वापसी
Full Article 8 minutes read

देर आये दुरस्त आये : गंभीर की टीम इंडिया में वापसी

p-15-copyभारत और न्यूजीलैंड के बीच में क्रिकेट सीरीज शुरू हो गई. इस सीरीज में टीम इंडिया एक बार फिर अपनी धरती पर मजबूत लग रही है. स्पिनरों के बल पर टीम इंडिया ने पहले टेस्ट में इसकी शुरुआत करते हुए न्यूजीलैंड को पराजित भी किया. दूसरे टेस्ट के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है. इस टीम में चोटिल केएल राहुल के स्थान पर गम्भीर को टीम इंडिया में शामिल किया गया है. गौतम गम्भीर की 2 साल बाद भारतीय टीम में वापसी हुई है. घरेलु स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद चयनकर्ताओं को प्रभाावित किया है. दूसरी ओर ईशांत शर्मा की जगह जयंत यादव भी टीम इंडिया में नया चेहरा हैं.

दरअसल मुख्य चयनकर्ता के रूप में अपनी आखिरी पारी खेल चुके संदीप पाटिल ने गौतम गम्भीर को नजरअंदाज कर दिया था लेकिन अब ऐसा नहीं है गम्भीर भी अब टीम इंडिया में अपना जलवा दिखाने को बेताब हैैं. बता दें कि गम्भीर को पहले टेस्ट में न शामिल करने पर संदीप पाटिल की चौतरफा आलोचना भी हो रही थी. संदीप पाटिल ने अपने कार्यकाल में कई बड़े फैसले किये हैं. उनके चयनकर्ता रहते हुए भारतीय क्रिकेट में काफी बदलाव देखने को मिला. इसी दौर में सचिन को संन्यास लेना पड़ा जबकि वीरू जैसे खिलाड़ी को भी संन्यास के बारे में सोचने पर मजबूर होना पड़ा. दरअसल उनके आखिरी चयन में भी कुछ खामियां दिख रही थीं. उन्होंने रोहित शर्मा को लगातार फ्लॉप होने के बावजूद टीम में मौका दिया है जबकि गौतम गम्भीर ने घरेलु क्रिकेट में लगातार रन बनाने के बावजूद उनके चयन की उपेक्षा की जा रही थी. खैर यह बात तो होती रहती है. किसी को मौका मिलता है तो किसी को नहीं. काफी समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे गौतम गम्भीर को आखिर टीम इंडिया में दोबारा खेलने का मौका मिला है. गम्भीर को न्यूजीलैंड के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करना होगा ताकि टीम इंडिया में उनकी जगह मजबूत हो सके. गम्भीर के करियर पर नजर दौड़ायी जाये तो विवाद भी उनके साथ रहा है. हाल में गम्भीर लगातार टीम इंडिया के कप्तान पर भी हमला बोल रहे थे. किसी दौर में टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद ओपनर के रूप में शामिल रहे गौतम गम्भीर अब अपने पुराने साथियों पर अक्सर निशाना साधते हुए दिखायी देते हैं. अभी हाल में उन्होंने धोनी की फिल्म की आलोचना की है, हालांकि बाद में वह पलट गये थे. इतना ही नहीं पूर्व में वह विराट पर भी ताने कसते दिखे हैं. करियर को उड़ान देने में लगे गम्भीर लम्बे समय से टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. इससे पहले उनके चयन न होने पर सवाल भी खड़े किये जा रहे थे. इसके तार कभी धोनी से जोड़े जाते थे तो कभी विराट पर इसका सारा ठीकरा फोड़ा जाता था.

Related Post:  अनुष्का शर्मा ने चाय के कप पर दी सफाई, पूर्व क्रिकेटर ने लगाये थे सनसनी खेज आरोप 

जानकारों की माने तो गम्भीर का धोनी व विराट के साथ रिश्ता बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है. अक्सर मैदान पर गम्भीर अपने नाम की तरह गम्भीर नहीं दिखते हैं बल्कि मैदान पर वह विरोधी टीम से भिड़ते हुए दिखे हैं. याद करिये आईपीएल 2013 का वह मैच जब विराट से गम्भीर की तू-तू मैं हो गई थी. इतना ही नहीं दोनों के बीच तनाव इतना बढ़ गया था कि साथी खिलाड़ियों को बीच-बचाव करना पड़ा था. हाल ही में एक रणजी मैच के दौरान बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी से भी उनका विवाद हो गया था. उनका खराब बर्ताव भी टीम इंडिया में वापसी का रोड़ा साबित हो रहा था. सीनियर और जूनियर के चक्कर में भी गम्भीर का अब राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना मुश्किल दिख रहा था. अभी हाल में ही माही और विराट की कप्तानी को लेकर भी गम्भीर ने तीखा प्रहार करते हुए बोला कि सिर्फ कप्तान नहीं बल्कि दस खिलाड़ी टीम को जीताते हैं. उनका कहने का मतलब है कि पूरी टीम का प्रदर्शन ही मायने रखता है. टीम जीतती है तो इसमें पूरी टीम का योगदान रहता है न सिर्फ कप्तान का. इतना ही नहीं उन्होंने धोनी को मैच फिनिशर होने की बात से भी इन्कार किया जबकि वह विराट को अब टीम इंडिया का सबसे बड़ा मैच फिनिशर बता रहे हैं. साथ ही गौती ने धोनी की कप्तानी पर भी सवाल उठाया था.

Related Post:  पाकिस्तान में इमरान के तख्तापलट की तैयारी में सेना ? बिजनस मिटिन में दिखे बाजवा !

हाल के दिनों में अगर गौतम गम्भीर के प्रदर्शन पर नजर दौड़ायी जाये तो इतना तो साफ है कि उनका प्रदर्शन घरेलु क्रिकेट में शानदार रहा है. दिलीप ट्रॉफी के दौरान गम्भीर ने अपने बल्ले का लोहा मनवा कर चयनकर्ताओं को अपनी ओर आकर्षित किया था. गम्भीर ने दिलीप ट्रॉफी की पांच पारियों में 71.20 के औसत से 356 रन बनाये थे. आईपीएल में उनका बल्ला रनों का अम्बार लगा रहा है लेकिन चयन के नाम पर मौका तक नहीं दिया जा रहा था. आईपीएल नौ में गौती के बल्लों से अच्छे रन निकले. उन्होंने आईपीएल के 15 मैचों में 501 रन बनाये, जबकि दिलीप ट्रॉफी की पांच पारियों में भी उनके बल्ले की ताकत देखने को मिली. उन्होंने 321 रन बनाकर न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के लिए अपना दावा भी पेश किया. इससे पूर्व रणजी के रण में जबकि 2014-15 रणजी सीजऩ में 9 मैचों में 43 की औसत से 569 रन बनाये. इसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल था. करीब दो साल पूर्व गम्भीर ने आखिरी बार इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में उतरे थे लेकिन बल्ले की नाकामी ने उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया था. ओवल टेस्ट में उनके बल्ले से केवल तीन रन ही निकले थे. गौतम गम्भीर ने भारत की ओर से 56 टेस्ट की 100 पारियों में 4046 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने नौ शतक भी जड़े हैं. खराब फॉर्म के चलते उनको टीम से बेदखल कर दिया गया था. यह बात भी सत्य है कि भारत की कई शानदार जीत के गवाह रहे हैं गौतम गम्भीर. मौजूदा समय में उनकी दावेदारी थोड़ी कमजोर इसलिए लग रही थी, क्योंकि टीम में अभी चार सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं. उनमें रोहित शर्मा, शिखर धवन, मुरली विजय और लोकेश राहुल के रूप में मौजूद है. अब केएल राहुल के चोटिल होने के बाद बतौर सलामी बल्लेबाज टीम में शामिल किया गया है.

दूसरी ओर रोहित शर्मा भी टेस्ट टीम में बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. टेस्ट टीम में उनकी जगह बनती नहीं दिख रही थी लेकिन रोहित अब भी टीम में बने हुए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने पहले टेस्ट में कुछ रन बनाये. रोहित शर्मा भले ही वन डे के सफल बल्लेबाज माने जाते हों लेकिन टेस्ट में फुस्स साबित होते हैं. उन्होंने 18 टेस्ट मैचों में केवल दो शतक की मदद से 946 रन बनाये हैं. 32.62 औसत भी उनका कोई खास नहीं रहा है. यह टेस्ट क्रिकेट में अच्छा औसत नहीं माना जाता है. इतना ही नहीं उनकी आखिरी की छह पारियों पर नजर दौड़ायी जाये तो उनके चयन पर सवाल खड़ा किया जा सकता है. उन्होंने वेस्टइंडीज सीरीज में भी रन नहीं बनाये थे. न्यूजीलैंड से पूर्व उन्होंने आखिरी छह टेस्ट पारियों 41, 09, 00, 01, 23 और 02 रन का स्कोर बनाया है लेकिन अब भी वह चयनकर्ताओं की पहली पसंद बने हुए हैं. उनका खामोश बल्ला रनों के लिए तरस रहा है. उन्होंने सात पारियों में एक बार केवल अर्धशतक जमाये हैं. इससे पूर्व दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह केवल एक रन ही बना सके. ऐसे में उनके चयन को लेकर विवाद तो होना ही है. रोहित अगर घरेलु जमीन पर रन बना भी देते हैं, तो कोई आम बात नहीं होगी लेकिन विदेशी धरती पर उनका पैर तक नहीं चलता है. अगर गेंद में थोड़ी सी स्विंग हो तो रोहित की बल्लेबाजी की पोल भी खुल जाती है. टीम इंडिया के ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. उन्होंने पिछली सात टेस्ट में 288 रन ही बना सके हैं. उनके ऊपर भी तलवार लटक रही है लेकिन वह किसी तरह से टीम में जगह बचाने में कामयाब रहे हैं. चेतेश्‍वर पुजारा का भी बल्ला भी अरसे से खामोश चल रहा है, हालांकि उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन किया है. कुल मिलाकर देखा जाये तो गम्भीर को मिले मौके को भुनाना होगा. गौतम गम्भीर को अपने बल्ले की दहाड़ से अपने आलोचकों को करारा जवाब देना का सुनहरा मौका है.

Related Post:  पाकिस्तान को तमाचा! हाफिज, मसूद सहित 4 आतंकियों पर भारत को मिला अमेरिका साथ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Input your search keywords and press Enter.