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Tag: अधिकार

हक़ से मांगें पंचायत के ख़र्च का हिसाब

हक़ से मांगें पंचायत के ख़र्च का हिसाब

गांधी जी का सपना था कि देश का विकास पंचायत राज संस्था के ज़रिए हो. पंचायती राज को इतना मज़बूत बनाया जाए कि लोग ख़ुद अपना विकास कर सकें. दरअसल, इसी के तहत आगे चलकर स्थानीय शासन को ब़ढावा देने...

यह संसद संविधान विरोधी है

यह संसद संविधान विरोधी है

सरकार को आम जनता की कोई चिंता नहीं है. संविधान के मुताबिक़, भारत एक लोक कल्याणकारी राज्य है. इसका साफ़ मतलब है कि भारत का प्रजातंत्र और प्रजातांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार आम आदमी के जीवन की रक्षा और...

मध्‍य प्रदेश: पुलिस बर्बरता के शिकार हुए किसान

मध्‍य प्रदेश: पुलिस बर्बरता के शिकार हुए किसान

भूमि अधिग्रहण के लिए सरकार भले ही एक मज़बूत क़ानून बनाने की बात कर रही हो, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है. यही वजह है कि देश की सभी राजनीतिक पार्टियां किसानों और मज़दूरों के हितों की अनदेखी करते हुए निजी...

एक नहीं, देश को कई केजरीवाल चाहिए

एक नहीं, देश को कई केजरीवाल चाहिए

साधारण पोशाक में किसी आम आदमी की तरह दुबला-पतला नज़र आने वाला शख्स, जो बगल से गुजर जाए तो शायद उस पर किसी की नज़र भी न पड़े, आज देश के करोड़ों लोगों की नज़रों में एक आशा बनकर उभरा...

जन सत्‍याग्रह- 2012 अब सरकार के पास विकल्‍प नहीं है

जन सत्‍याग्रह- 2012 अब सरकार के पास विकल्‍प नहीं है

जन सत्याग्रह मार्च ग्वालियर से 3 अक्टूबर को शुरू हुआ. योजना के मुताबिक़, क़रीब एक लाख किसान ग्वालियर से चलकर दिल्ली पहुंचने वाले थे. इस मार्च में शामिल होने वालों में सभी जाति-संप्रदाय के अदिवासी, भूमिहीन एवं ग़रीब किसान थे....

सीएजी के प्रति कांग्रेस का रवैया यह प्रजातंत्र पर हमला है

सीएजी के प्रति कांग्रेस का रवैया यह प्रजातंत्र पर हमला है

सीएजी (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट आई तो राजनीतिक हलक़ों में हंगामा मच गया. सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2006-2009 के बीच कोयले के आवंटन में देश को 1.86 लाख करोड़ का...

संसद ने सर्वोच्च होने का अधिकार खो दिया है

भारत की संसद की परिकल्पना लोकतंत्र की समस्याओं और लोकतंत्र की चुनौतियों के साथ लोकतंत्र को और ज़्यादा असरदार बनाने के लिए की गई थी. दूसरे शब्दों में संसद विश्व के लिए भारतीय लोकतंत्र का चेहरा है. जिस तरह शरीर...

असम : क्‍यों भड़की नफरत की आग

असम : क्‍यों भड़की नफरत की आग

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का संसदीय क्षेत्र असम एक के बाद एक, कई घटनाओं के चलते इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. महिला विधायक की सरेआम पिटाई, एक लड़की के साथ छेड़खानी और अब दो समुदायों के बीच हिंसा. कई दिनों...

अधिकारों से वंचित हैं मुस्लिम महिलाएं

अधिकारों से वंचित हैं मुस्लिम महिलाएं

दुनिया की तक़रीबन आधी आबादी महिलाओं की है. इस लिहाज़ से महिलाओं को तमाम क्षेत्रों में बराबरी का हक़ मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है. कमोबेश दुनिया भर में महिलाओं को आज भी दोयम दर्जे पर रखा जाता है. अमूमन...

भारतीय जल नीति के खतरे

भारतीय जल नीति के खतरे

यूनेस्को ने यूनाइटेड नेशन्स वर्ल्ड वाटर डेवलपमेंट रिपोर्टः मैनेजिंग वाटर अंडर अनसर्टेंटी एंड रिस्क पेश की है. इस रिपोर्ट में 2009 के विश्व बैंक के दस्तावेज़ का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि भारत में विश्व बैंक के आर्थिक...

पत्रकार जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या की

पत्रकार जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या की

पत्रकारिता की संवैधानिक मान्यता नहीं है, लेकिन हमारे देश के लोग पत्रकारिता से जुड़े लोगों पर संसद, नौकरशाही और न्यायपालिका से जुड़े लोगों से ज़्यादा भरोसा करते हैं. हमारे देश के लोग आज भी अ़खबारों और टेलीविजन की खबरों पर...

कब करें द्वितीय अपील और शिकायत

कब करें द्वितीय अपील और शिकायत

पिछले अंक में हमने आपको प्रथम अपील के बारे में बताया था, साथ ही उसका एक प्रारूप भी प्रकाशित किया था. इस अंक में हम आपको बता रहे हैं कि किन परिस्थितियों में द्वितीय अपील एवं शिकायत की जा सकती...

प्रथम अपील कब और कैसे करें

प्रथम अपील कब और कैसे करें

आरटीआई आवेदन डालने के बाद आमतौर पर यह देखा जाता है कि लोक सूचना अधिकारियों द्वारा स्पष्ट एवं पूर्ण सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है. ऐसी स्थिति में अपील एवं शिकायत करने के अलावा और कोई चारा नहीं बचता.

महिला पत्रकार भारतीय मीडिया से ग़ायब हैं

महिला पत्रकार भारतीय मीडिया से ग़ायब हैं

पिछले कुछ वर्षों ख़ासकर नब्बे के दशक के बाद हिंदुस्तान का एक तबक़ा यह मानने लगा कि देश की आत्मा अब दिल्ली और राज्यों की राजधानियों में ही बसने लगी है. उनका मानना है कि महानगरों में महिलाओं को पुरुषों...

भारतीय समाज को बेहतर बनाने के लिए आईओएस का 25 वर्षों का प्रयास

भारतीय समाज को बेहतर बनाने के लिए आईओएस का 25 वर्षों का प्रयास

भारत में मुसलमान अल्पसंख्यक बिरादरी का दर्जा रखता है. देश के संविधान ने दूसरे वर्गों के साथ-साथ इस देश के मुसलमानों को भी बराबर के अधिकार दिए हैं, लेकिन आज़ादी के 60 साल से भी ज़्यादा का वक़्त गुज़र जाने...

पाठशाला में कोटा कितना कारगर होगा

पाठशाला में कोटा कितना कारगर होगा

देश में छह वर्ष से चौदह साल की आयु के हर बच्चे को अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा का अधिकार देने वाले क़ानून राइट टू एजुकेशन को उच्चतम न्यायालय ने अपनी मंज़ूरी दे दी है. न्यायादेश के मुताबिक़, अब देश के...

इंडिया अगेंस्‍ट करप्‍शनः अन्ना चर्चा समूह सरकारी लोकपाल कैसे धोखा है

इंडिया अगेंस्‍ट करप्‍शनः अन्ना चर्चा समूह सरकारी लोकपाल कैसे धोखा है

सरकार ने जान बूझ कर लोगों में यह ग़लत़फहमी पैदा की है. पहली बात तो यह है कि लोकपाल बिल अभी संसद में पारित नहीं हुआ है. अभी केवल लोकसभा में पारित हुआ है, राज्य सभा में अभी भी विचाराधीन...

महिलाओं के अधिकार और क़ानून

महिलाओं के अधिकार और क़ानून

हर व्यक्ति जन्म से ही कुछ अधिकार लेकर आता है, चाहे वह जीने का अधिकार हो या विकास के लिए अवसर प्राप्त करने का. मगर इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के साथ लैंगिक आधार पर किए जा रहे भेदभाव...

स्कूलों से हिसाब मांगें

स्कूलों से हिसाब मांगें

सूचना का अधिकार क़ानून को लागू हुए क़रीब छह साल होने को हैं. इन छह सालों में इस क़ानून ने आम आदमी को पिछले साठ साल की मजबूरी से मुक्ति दिलाने का काम किया. इस क़ानून ने आम आदमी को...

आरटीआई और तीसरा पक्ष

आरटीआई और तीसरा पक्ष

पिछले दो अंकों से हम लगातार आपको उन बिंदुओं के बारे में बता रहे हैं, जो सूचना के प्रकटीकरण में बाधा बनते हैं. अभी तक हमने आपको बताया कि कैसे न्यायालय की अवमानना और संसदीय विशेषाधिकार के नाम पर लोक...

इंडिया इन ट्रांजशिनः प्रौद्योगिकी मानव के इरादों को बुलंद करती है

इंडिया इन ट्रांजशिनः प्रौद्योगिकी मानव के इरादों को बुलंद करती है

अपने पर्यावरण की देशीय प्रकृति का ज्ञान संसाधनों के उपयोग, पर्यावरण के प्रबंधन, भूमि संबंधी अधिकारों के आवंटन और अन्य समुदायों के साथ राजनयिक संबंधों के लिए आवश्यक है. भौगोलिक सूचनाएं प्राप्त करना और उनका अभिलेखन समुदाय को चलाने के...

सूचना ग़लत मिले तो शिकायत करें

सूचना ग़लत मिले तो शिकायत करें

पिछले अंक में हमने आपको प्रथम अपील के बारे में बताया था. आइए, इस अंक में हम यह समझने की कोशिश करते हैं कि सूचना का अधिकार क़ानून के तहत शिक़ायत क्या होती है, आख़िर अपील और शिकायत में क्या...

आरक्षण के नाम पर मुसलमानों से धोखा

देश के संविधान में कुछ वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी, ताकि सामाजिक तौर पर पिछड़े लोगों को बराबरी के अधिकार दिए जा सकें, उन्हें भी अन्य नागरिकों की तरह तरक्की के अवसर मिल सकें, क्योंकि इतिहास...

यूआईडीः नागरिकों के मूल अधिकारों के साथ खिलवाड़

जब लोकपाल बिल को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अन्ना हज़ारे का एक दिवसीय अनशन शुरू हुआ तो उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को जनलोकपाल बिल पर बहस करने की दावत दी, लेकिन सांसदों ने यह कहकर हंगामा खड़ा...

क्या है सूचना का अधिकार

सूचना का अधिकार अधिनियम हर नागरिक को अधिकार देता है कि वह सरकार से कोई भी सवाल पूछ सके, कोई भी सूचना ले सके, किसी भी सरकारी दस्तावेज़ की प्रमाणित प्रति ले सके, किसी भी सरकारी दस्तावेज़ की जांच कर...

प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

प्रेस काउंसिल के नए चेयरमैन ने कुछ ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है, जिसकी वजह से मीडिया में अ़फरा-त़फरी का माहौल बन गया. इसके पीछे प्रेस काउंसिल का मक़सद स़िर्फ इतना था कि वह प्रेस के क्रिया-कलापों व मानकों पर...

आपका हथियार सूचना का अधिकार

इस क़ानून से जु़डी सूचनाएं हम आपको लगातार देते रहते हैं. इस अंक में हम चर्चा कर रहे हैं इस क़ानून के उस पक्ष की, जिससे आमतौर पर ज़्यादातर आवेदकों का वास्ता प़डता है. ऐसी खबरें भी आई हैं कि...

सूचना आयोग ज़रूर जाएं

सूचना आयोग ज़रूर जाएं

आरटीआई अधिनियम के तहत सभी नागरिकों को सूचना पाने का अधिकार है, लेकिन आम तौर पर देखा जाता है कि लोक सूचना अधिकारी सूचना न देने के हज़ार बहाने बनाते हैं. ऐसे में आ़खिरी रास्ता बचता है सूचना आयोग का.

चौंसठ साल बनाम छह साल

चौंसठ साल बनाम छह साल

अक्टूबर, 2005. इसी दिन सूचना का अधिकार क़ानून लागू हुआ था. क़ानून तो बन गया, लेकिन इस क़ानून को लेकर जनता और सरकार में तू डाल-डाल, मैं पात-पात का खेल जो शुरू हुआ, वह अब तक चल रहा है.

बच्चों ने किया कमाल

बच्चों ने किया कमाल

दिल्ली के पब्लिक स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला टेढ़ी खीर है, लेकिन सरकारी स्कूल भी इस मामले में कम नहीं हैं. दिल्ली सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली छात्रवृत्तियां भी कई बार जरूरतमंद छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंच...

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