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Tag: अमेरिका

इस जलवायु में कोई बदलाव नहीं

इस जलवायु में कोई बदलाव नहीं

वर्ष 2009 भारतीय वन क्षेत्र, तटीय इलाक़ों और कृषि योग्य भूमि के लिए बेहद अव्यवस्थित रहा. इस वर्ष लगभग हर महीने उद्योग और बुनियादी ढांचों के निर्माण की 100 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई. नतीजतन आवास, जीविका और उन पर...

भारतीय कंपनियां भी बेहतर सामरिक साज़ोसामान बना सकती हैं

भारतीय कंपनियां भी बेहतर सामरिक साज़ोसामान बना सकती हैं

सैद्धांतिक तौर पर गणतंत्र दिवस परेड हमारी सैन्य शक्तिके प्रदर्शन का एक अवसर है, लेकिन व्यवहारिक तौर पर ऐसा लगता है, जैसे हमारी सैन्य कमज़ोरियां ज़ाहिर हो रही हैं. अगर स़िर्फ कमज़ोर प्रदर्शन का सवाल है तो कोई बात नहीं...

क्‍या तालिबान आतंकवाद को बेच देगा?

क्‍या तालिबान आतंकवाद को बेच देगा?

तालिबान को खदेड़ने के लिए अमेरिका ने आठ साल पहले अ़फग़ानिस्तान में क़दम रखा. एक हफ़्ते पहले लंदन में तालिबानियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया कि वे आगे आकर सत्ता में भागीदारी करें. इससे भी अहम बात यह...

राजस्‍थान की खिड़की नवलगढ़

राजस्‍थान की खिड़की नवलगढ़

बावड़ियां, जोहड़, छतरियां, किले, मंदिर, सुंदर हवेलियां एवं उनकी कहानियां. हवेलियों की दीवारों पर छिटके रंग. आलों में बिखरे रंग. झरोखों से झांकते रंग. हरा, नीला और पीला रंग. रंगों के समुच्चय के बीच उकेरी गई तस्वीरें. हर तस्वीर का...

हैती की बर्बादी के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार

हैती की बर्बादी के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार

भारत की जनता के लिए हैती कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. इसके बावजूद भारत सरकार की हैती में मौजूदगी दक्षिण देशों की एकता का एक मज़बूत उदाहरण है. 2006 से ही दक्षिण अफ्रीका एवं ब्राजील के साथ भारत हैती में एक...

अपनी धरती को बचाइए

अपनी धरती को बचाइए

नरक की बदलती परिभाषा में अब दिल्ली भी शामिल हो गई है. धुंध के चलते हवाई अड्डों की जो दुर्गति हुई है, वह भी किसी नरक से कम नहीं है. नरक एक मजबूरी है, जो दिखावटी खिड़की के ज़रिए आती...

केजीबी का मिशन और कैंब्रिज फाइव

केजीबी का मिशन और कैंब्रिज फाइव

यह कहानी उस शख्‍स की है, जिसका जन्म तो भारत में हुआ, लेकिन वह एक ब्रिटिश आर्मी अ़फसर का बेटा था, यानी ब्रिटिश नागरिक. पर पूरी ज़िंदगी उसने एक ऐसी ख़ु़फिया एजेंसी के लिए काम किया, जो ख़ौ़फ और क़हर...

क्‍या भारत को हॉलब्रूक की जरूरत है?

अफग़ानिस्तान और पाकिस्तान में तैनात अमेरिकी दूत रिचर्ड हॉलब्रूक अ़फग़ानिस्तान-पाकिस्तान नीति में अमेरिका की जीत के लिए भारत को फ़ायदेमंद मानते हैं. यह कोई पहला मौक़ा नहीं है, जब रिचर्ड हॉलब्रूक ने अ़फग़ानिस्तान-पाकिस्तान नीति में भारत को शामिल किए जाने...

केजीबी का काला सच

केजीबी का काला सच

तारीख एक सितंबर 1983. इस दिन कोरियन एयरलाइंस के बोइंग 747 विमान ने न्यूयॉर्क से सियोल के लिए उड़ान भरी. इसने अमेरिका के जॉन एफ कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 246 यात्रियों एवं 23 क्रू मेंबर्स के साथ उड़ान भरी...

इलियट के राज

इलियट के राज

अस्सी के दशक की एक फिल्म में नोबेल पुरस्कार विजेता एवं अंग्रेजी कविता को नई दिशा देने वाले कवि टी एस इलियट के पारिवारिक जीवन के कई अनछुए पहलुओं को दर्शाया गया था, जिसे लेकर अच्छा-ख़ासा विवाद खड़ा हो गया...

अमेरिका, दक्षिण एशिया और मानव बम

अमेरिका, दक्षिण एशिया और मानव बम

दक्षिण एशिया आज फिदायीन हमलों से दहल रहा है. जिहाद पर आमादा लोग इस बात से बेपरवाह हैं कि उनकी कमर पर बंधा बम उनकी धज्जियां उड़ा देगा.

सीआईए और मोसाद का स्माइल इंडिया 2015

सीआईए और मोसाद का स्माइल इंडिया 2015

यह अमेरिकी खु़फिया एजेंसी सीआईए का मिशन हिंदुस्तान 2015 है, जो भारत को टुकड़े-टुकड़े कर इसके वज़ूद को ख़त्म करने की ख़ौ़फनाक साज़िश है. इस मिशन पर अमेरिकी खु़फिया एजेंसी सीआईए ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है. सीआईए की...

सीआईए और मोसाद के खतरनाक खेल से सावधान रहें

हमारे देश के ऊपर एक गंभीर खतरा मंडरा रहा है. जिन पर इस ख़तरे से निपटने की ज़िम्मेदारी है, वे हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं. एक तरह से उनका साथ दे रहे हैं. हमारे सरकारी तंत्र को भी इस...

केजीबी का ऑपरेशन स्टॉर्म यानी एक राष्ट्रपति की हत्या

केजीबी का ऑपरेशन स्टॉर्म यानी एक राष्ट्रपति की हत्या

खुफिया दुनिया में जासूसों का अपनी पहचान बदलना कोई नई बात नहीं है. बहुरुपिए के तौर पर इन जासूसों ने कई ख़तरनाक और अहम मिशन को अंजाम दिया है. यही कहानी केजीबी के जासूस मितालियन टेलिबोव की है.

नई विश्व व्यवस्था और बदलता नज़रिया

नई विश्व व्यवस्था और बदलता नज़रिया

जब किसी वर्ष के साथ दशक का अंत होता हो तो एक स्तंभकार की ज़िम्मेदारियां का़फी बढ़ जाती हैं. इनमें अधिकांश एक स्मृति लेख की तरह उबाऊ होते हैं, लेकिन किसी के ज़ेहन में एक असामान्य सवाल आया कि पिछले...

वेश्यावृत्ति वैध होनी चाहिए!

वेश्यावृत्ति वैध होनी चाहिए!

उच्चतम न्यायालय ने अपनी एक टिप्पणी में कहा कि महिलाओं की तस्करी रोकने की दिशा में सेक्स व्यापार को क़ानूनी मान्यता देना एक बेहतर विकल्प हो सकता है. इससे यौनकर्मियों के पुनर्वास में भी मदद मिलेगी. एक ग़ैर सरकारी संगठन...

क्या भारत को राष्ट्रपति शासन प्रणाली की ज़रूरत है?

क्या भारत को राष्ट्रपति शासन प्रणाली की ज़रूरत है?

आधी सदी के बाद भी भारत के संसदीय लोकतंत्र की तस्वीर धूमिल नज़र आती है. संसदीय पद्धति में चुनावी अंकगणित की मजबूरियां होती हैं, जिनकी वजह से भारत पहले की अपेक्षा कहीं अधिक बंटा और बिखरा हुआ नज़र आता है....

दलाई लामा को चीन में लोकतंत्र आने की उम्मीद

दलाई लामा को चीन में लोकतंत्र आने की उम्मीद

भारत के नक्सलियों को चीन द्वारा घातक हथियार एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस बात का ख़ुलासा तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री प्रा़फेसर सेमडोंग रिनपोछे ने किया. 1959 में चीन के तिब्बत पर हमले के समय दलाई लामा...

आतंकी ख़तरों के प्रति हमारी तैयारी

आतंकी ख़तरों के प्रति हमारी तैयारी

कुछ नेताओं ने हेराफेरी का सहारा लिया और भारत को एक कमज़ोर शक्ति के तौर पर पेश किया. यदि हम गार्डेन ऑफ इडेन (यह माना जाता है कि दुनिया का सबसे पहला आदमी और उसकी पत्नी यहीं रहते थे) के...

जब अमेरिकी वैज्ञानिक बना मोसाद का एजेंट!

जब अमेरिकी वैज्ञानिक बना मोसाद का एजेंट!

तारीख़ 19 अक्टूबर 2009. अमेरिकी ख़ु़फिया एजेंसी एफबीआई ने अपने ही देश के एक वैज्ञानिक को हिरासत में लिया. यह वैज्ञानिक एफबीआई की पकड़ में तो 19 अक्टूबर को आया, लेकिन उसकी शातिर नज़र इस वैज्ञानिक पर बहुत पहले से...

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