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Tag: अलगाववादी

J-K: बैन के बावजूद कैसे चल रहा था गिलानी का इंटरनेट, BSNL के अधिकारी जांच के घेरे में

J-K: बैन के बावजूद कैसे चल रहा था गिलानी का इंटरनेट, BSNL के अधिकारी जांच के घेरे में

जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी को संचार सेवा पर रोक के बावजूद इंटरनेट एक्सेस देने का मामला सामने आया है. इस मामले में दो बीएसएनएल अधिकारी घेरे में आए हैं, जिन पर एक्शन लिया गया है. गिलानी...

टेरर फंडिंग मामला: शब्बीर, आसिया और शाह को हुई 10 दिन के लिए NIA की हिरासत 

टेरर फंडिंग मामला: शब्बीर, आसिया और शाह को हुई 10 दिन के लिए NIA की हिरासत 

दिल्ली की एक अदालत ने टेरर फंडिंग के एक मामले में मंगलवार को अलगाववादी मसरत आलम, आसिया अंद्राबी और शब्बीर शाह को दस दिनों के लिये NIA की हिरासत में भेज दिया। यह मामला 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के सरगना और...

हुर्रियत के साथ बातचीत को लेकर असमंजस में है सरकार

हुर्रियत के साथ बातचीत को लेकर असमंजस में है सरकार

26 मई को एक साक्षात्कार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि ‘कश्मीरी अलगाववादी नेताओं ने बातचीत के प्रस्ताव को अस्वीकार नहीं किया है, बल्कि केंद्र सरकार से बातचीत का एजेंडा स्पष्ट करने की अपील की...

सियासी ज़िंदगी से रिटायरमेंट ले सकते हैं गिलानी

सियासी ज़िंदगी से रिटायरमेंट ले सकते हैं गिलानी

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा से सम्बन्ध रखने वाले चौहत्तर वर्षीय मोहम्मद अशरफ सहराई और सैयद अली शाह गिलानी का 1960 से चोली दामन का साथ है. दोनों लीडर जमात इस्लामी जम्मू कश्मीर के सदस्य थे. 2004 में कश्मीर के अलगाववादी...

टेरर फंडिग के खिलाफ NIA की छापेमारी, हुर्रियत कांफ्रेंस के 7 नेता गिरफ्तार!

टेरर फंडिग के खिलाफ NIA की छापेमारी, हुर्रियत कांफ्रेंस के 7 नेता गिरफ्तार!

नई दिल्ली। टेरर फंडिंग के खिलाफ NIA यानी कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की। NIA की टीम ने जम्मू-कश्मीर में छापेमारी की। जिसमें श्रीनगर, हंदवाड़ा और बारामूला में समेत कुल 12 जगह शामिल है। एनआईए पिछले काफी वक्त...

हड़ताल जारी रखना हुर्रियत की मजबूरी

हड़ताल जारी रखना हुर्रियत की मजबूरी

श्रीनगर के हैदरपुरा क्षेत्र स्थित सैयद अली शाह गिलानी के निवास के बाहर आठ नवंबर को भीड़ जमा थी. इस भीड़ में ऐसे दर्जनों नौजवान भी शामिल थे, जिन्होंने अपने चेहरों को रुमाल से ढंक रखा था. वो अपने जोशीले...

क्या इस समर्पण से शांति आएगी

क्या इस समर्पण से शांति आएगी

यूं तो पूर्वोत्तर में कार्यरत अधिकतर अलगाववादी संगठन धीरे-धीरे शांति के रास्ते पर आने के लिए तैयार हो रहे हैं और सच तो यह है कि केंद्र और राज्य सरकार इसका स्वागत भी कर रही हैं, लेकिन सवाल यह उठता...

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