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Tag: उत्तर प्रदेश

करवट बदलती शाम-ए-अवध

करवट बदलती शाम-ए-अवध

जी हुजूर! शाम-ए-अवध यूं ही दुनिया भर में मशहूर नहीं है. लखनऊ की शाम की रंगीनियत यहां के वाशिंदों के दिलों में तो बसी ही है, साथ ही लखनऊ की शाम को देखने के मुंतज़िर लोगों को भी अपनी ओर...

उत्तर प्रदेश-उत्तराखंडः मेहनतकशों का सम्‍मान नहीं

उत्तर प्रदेश-उत्तराखंडः मेहनतकशों का सम्‍मान नहीं

समाज में स्पष्ट रूप से दो वर्ग देखे जा सकते हैं. एक है पारंपरिक सामंती एवं नव धनाढ्य शासक वर्ग, जिसमें अधिकांश नौकरीपेशा हैं और दूसरा है मेहनतकश वर्ग, जो इंसान की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु भौतिक सामग्रियों...

इतिहास विकास से बनता है, पत्‍थर लगाने से नहीं: अखिलेश

इतिहास विकास से बनता है, पत्‍थर लगाने से नहीं: अखिलेश

समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के पुत्र एवं सांसद अखिलेश यादव से बात करें तो उनमें एक परिपक्व राजनीतिज्ञ के उभरते व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति मिलती है. युवा नेतृत्व के संकट से लेकर उत्तर प्रदेश से जुड़े कई अन्य...

उत्तर प्रदेशः माफिया के हवाले स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं

उत्तर प्रदेशः माफिया के हवाले स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर माफियाओं का एकछत्र राज कायम है. स्वास्थ्य सेवाओं से संबद्ध सरकारी संस्थाओं और निजी कंपनियों का गठजोड़ इतना सघन हो गया है कि राजधानी लखनऊ में डेंगू से ताबड़तोड़...

चेनारीः वादे नहीं जवाब मांगेगी जनता

चेनारीः वादे नहीं जवाब मांगेगी जनता

रोहतास ज़िले के दक्षिणी छोर पर अगर कैमूर की पहाड़ियां झारखंड और उत्तर प्रदेश की सीमाएं छूती हैं तो यहीं से निकटवर्ती कैमूर ज़िले का बंटवारा भी होता है. इन दुर्गम घाटियों में और इसके आसपास रहने वाले लोगों की...

अजब-ग़ज़ब गांव

अजब-ग़ज़ब गांव

यह दिलचस्प कहानी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ज़िले की है, जहां का मुंडेरा गांव अजीब प्रथा या अंधविश्वास के चलते एक दिन पूरी तरह खाली हो जाता है, दिन निकलने से पहले सारे लोग गांव की सीमा से बाहर चले...

सद्भाव की मिसाल लालगोपालगंज

सद्भाव की मिसाल लालगोपालगंज

कभी उत्तर प्रदेश के अति संवेदनशील इलाक़े के रूप में पहचाना जाने वाला एक प्रमुख क़स्बा अब हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक बन चुका है. इलाहाबाद की सीमा पर स्थित क़रीब चालीस हज़ार की आबादी वाले क़स्बा लालगोपालगंज को समूचे उत्तर...

उत्तर प्रदेशः प्राथमिक शिक्षा की तस्‍वीर नहीं बदली

उत्तर प्रदेशः प्राथमिक शिक्षा की तस्‍वीर नहीं बदली

सिर्फ 5200 रुपये में बेच डाला स्कूल पढ़कर आपको आश्चर्य होगा, लेकिन जनपद सुल्तानपुर के गौरीगंज इलाक़े के भटगवां प्राइमरी स्कूल भवन को ग्रामप्रधान ने बेसिक शिक्षा विभाग को सूचना दिए बिना 5200 रुपये में बेचकर जता दिया है कि...

मिलिए लोकतंत्र के राजाओं से

मिलिए लोकतंत्र के राजाओं से

राजनीति पेशा है या समाजसेवा का ज़रिया, इसका जवाब इस साल संसद के मानसून सत्र को देखकर पता लग जाता है. सत्र के दौरान सांसदों ने जिस तरीक़े से अपना वेतन और भत्ता बढ़ाने की मांग की, उससे यह साफ...

यह विद्रोह की आहट है

यह विद्रोह की आहट है

किसी इंसान की तबीयत कितनी खराब है, यह जानने के लिए डॉक्टर थर्मामीटर लगाता है, आला लगाता है, कई तरह के टेस्ट करता है. शरीर का रक्तचाप, तापमान आदि जानकर वह इस नतीजे पर पहुंचता है कि उसकी हालत कैसी...

दम तोड़ता लोकतंत्र

दम तोड़ता लोकतंत्र

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत के सामान्य निर्वाचन-2010 का शंखनाद हो चुका है. ये चुनाव 15 सितंबर से लेकर 31 अक्टूबर के बीच होंगे. उधर सूबे के आदिवासियों में केंद्र और राज्य सरकार के प्रति...

एड्स की चपेट में मऊ

एड्स की चपेट में मऊ

पूर्वांचल का मऊ जनपद एड्‌स का गढ़ बनता जा रहा है. यहां एचआईवी पॉज़ीटिव लोगों की संख्या 523 हो गई है. इनमें 28 मरीज ऐसे हैं, जो लम्हा-लम्हा मौत की ओर बढ़ रहे हैं. जांच कराने वालों में पुरुषों और...

जनता का क्‍या कसूर है

जनता का क्‍या कसूर है

सपा के टिकट पर जेल से ही मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत कर उत्तर प्रदेश विधानसभा तक पहुंचे आनंद सेन मंत्री तो बन गए, लेकिन यही लालबत्ती उनके लिए अभिशाप साबित हो गई. चंद दिनों बाद उन्हें साकेत महाविद्यालय...

मुस्लिम वोटों पर सबकी नजर

मुस्लिम वोटों पर सबकी नजर

उत्तर प्रदेश में 2012 के विधानसभा चुनाव की जंग जीतने के लिए राजनीतिक दलों में मुस्लिम कार्ड खेलने की होड़ मच गई है. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह आजमगढ़ के संजरपुर पहुंच कर बाटला हाउस एनकाउंटर पर सवाल खड़ा करके मुस्लिम...

मायावती के पीछे राहुल गांधी

मायावती के पीछे राहुल गांधी

देश में सियासत की धुरी तय करने वाले उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव तो 2012 में होने वाले हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण राजनीतिक दलों के बड़े नेता यह मानने लगे हैं कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव पहले भी हो सकते...

उत्तर प्रदेशः बेहाल है जननी सुरक्षा योजना

उत्तर प्रदेशः बेहाल है जननी सुरक्षा योजना

उत्तर प्रदेश में जननी सुरक्षा योजना का हाल-बेहाल है. प्रसव केंद्र के बाहर सड़क पर महिलाएं बच्चा जनने को मजबूर हैं. यह हाल तब है जबकि यहां की मुख्यमंत्री महिला है. प्रदेश के 3424 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल 32...

पोलियो उन्मूलन अभियान : कामयाबी अभी दूर है

पोलियो उन्मूलन अभियान : कामयाबी अभी दूर है

पोलियो खतरनाक है, बच्चों के लिए और उनके भविष्य के लिए. सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन मिलकर सालों से पोलियो उन्मूलन अभियान भी चला रहे हैं. क़ायदे से इस बीमारी का अब तक स़फाया हो जाना चाहिए था, लेकिन दु:ख...

बिहार-यूपी सीमा विवादः और कितने जानें लेगा

बिहार-यूपी सीमा विवादः और कितने जानें लेगा

उत्तर प्रदेश के पूर्वी सीमांचल पर बिहार का पश्चिमी-दक्षिणी दियारा क्षेत्र कई वर्षों से रक्तरंजित होता रहा है. इस लंबे भूमि विवाद में अभी तक डेढ़ सौ से अधिक लोग अपने प्राण गंवा चुके हैं. बावजूद इसके दोनों राज्य सरकारें...

मनरेगा : अनुभव से सीखने की ज़रूरत

मनरेगा : अनुभव से सीखने की ज़रूरत

महात्मा गांधी नेशनल रूरल इंप्लायमेंट गारंटी प्रोग्राम (मनरेगा) की शुरुआत हुए चार साल से ज़्यादा व़क्त बीत चुका है और अब यह देश के हर ज़िले में लागू है. अपनी सफलता से तमाम तरह की उम्मीदें पैदा करने वाले मनरेगा...

राहुल के सामने चुनौतियों का पहाड़

राहुल के सामने चुनौतियों का पहाड़

कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी एक मंझे हुए खिलाड़ी की तरह उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बिसात बिछा रहे हैं. पहले दलितों की बस्ती में चौपाल लगाकर सुर्खियां बटोरने वाले राहुल ने आजकल कांग्रेस संदेश यात्राओं के माध्यम से पार्टी को...

माफियाओं से जूझते बालू मजदूर

माफियाओं से जूझते बालू मजदूर

नाव से लोगों को नदी पार ले जाते, कंधों और पतवारों की जुगलबंदी से नाव खेते, बिखेर कर मछली का जाल फेंकते और शाम के धुंधलके में वापस लौटते मछुवारों की लयबद्ध छवियां बहुत सुहानी लगती हैं. लहरों की धुन...

संकट में जनजीवन

संकट में जनजीवन

गंगा और सई नदी के दोआब में स्थित उत्तर प्रदेश का ज़िला उन्नाव ऐतिहासिक, राजनीतिक, साहित्यिक एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण से काफी गौरवपूर्ण जनपद रहा है, लेकिन आज यह अपनी पहचान खोता जा रहा है. यहां समस्याओं की भरमार है.

जमींदोज होती धरोहर

जमींदोज होती धरोहर

वैविध्यपूर्ण सांस्कृतिक स्थलों, विशिष्ट पुरातात्विक धरोहरों की नगरी होने के बावजूद उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग एवं राज्य सरकार के अड़ियल और उदासीन रवैये के कारण अपनी विरासत को ज़मींदोज़ होते देख रहा है. सतयुग से लेकर कलयुग तक के इतिहास...

राहुल को असफल करने की कोशिश

राहुल को असफल करने की कोशिश

एक महीने बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन होने वाला है, जिसमें कांग्रेस अपना अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनेगी. नि:संदेह वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी को ही कांग्रेस पुनः अपना अध्यक्ष चुनेगी. इसी अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का चुनाव और मनोनयन...

उत्तर भारत बांग्‍लादेशी दुल्‍हनों का बड़ा बाजार

उत्तर भारत बांग्‍लादेशी दुल्‍हनों का बड़ा बाजार

मां तुम मुझे अब कभी नहीं देख सकोगी. मुझे भूल जाओ. सोच लो कि तुम्हारी बेटी नज़मा अब मर गई. मैं अपने बच्चों को नहीं छोड़ सकती और वे यहां आ नहीं सकते. वे तुम्हें कभी नानी नहीं कह पाएंगे....

बीहड़ों में तब्‍दील होती उपजाऊ भूमि

बीहड़ों में तब्‍दील होती उपजाऊ भूमि

कहने को तो भारत कृषि प्रधान देशों की श्रेणी में आता है, इसके बावजूद हम गेहूं से लेकर अन्य खाद्य पदार्थों का आयात करने पर मजबूर हैं. ऐसा नहीं है कि हमारे पास अन्न पैदा करने के लिए उपजाऊ भूमि...

प्रियंका गांधी कांग्रेस की आंधी

प्रियंका गांधी कांग्रेस की आंधी

कांग्रेस पार्टी प्रियंका गांधी को बिहार के चुनावी दंगल में उतारने वाली है. कांग्रेस के चुनाव प्रचार में प्रियंका का सबसे अहम रोल होगा. चुनाव से पहले और चुनाव प्रचार के दौरान प्रियंका के बिहार दौरे की तैयारी शुरू हो...

पश्चिम बंगाल बना दुल्‍हनों का बाजार

पश्चिम बंगाल बना दुल्‍हनों का बाजार

बंगाल के सीमावर्ती ज़िलों में ओ पार यानी बांग्लादेश से लाई जाने वाली लड़कियां कटी पतंग की तरह होती हैं, जिन्हें लूटने के लिए कई हाथ एक साथ उठते हैं. इनमें होते हैं दलाल, पुलिस, स्थानीय नेता और पंचायत प्रतिनिधि....

देश की आधी मुठभेड़ फर्जी हैं

देश की आधी मुठभेड़ फर्जी हैं

सोलह साल में 2560 पुलिस और कथित अपराधी मुठभेड़. और इनमें से 1224 फर्ज़ी. यानी, भारत की हरेक दूसरी मुठभेड़ फर्ज़ी है. इतना ही नहीं, इस 1224 फर्जी मुठभेड़ की लिस्ट में बाटला हाउस मुठभेड़ का नाम भी शामिल हो...

मनरेगा, जो मन में आए करो!

मनरेगा, जो मन में आए करो!

उत्तर प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोज़गार योजना (मनरेगा) ग़रीबों के लिए केंद्र सरकार की खास योजना है. लेकिन अधिकारियों ने इसे अपनी तरह से चलाने की मनमानी शुरू कर दी है. इस समय प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के...

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