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Tag: जनता

हिंदी को मिले उसका हक़

हिंदी को मिले उसका हक़

आज़ादी के तक़रीबन दो दशक पहले 1928 के आसपास चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने लिखा था, जनता की भाषा एक और शासन की भाषा दूसरी होने से जनता संसद तथा विधानसभाओं के सदस्यों पर समुचित नियंत्रण नहीं रख सकेगी, इसलिए उचित यही...

कैसा होगा लोकतंत्र का नया सफर

कैसा होगा लोकतंत्र का नया सफर

नये प्रधानमंत्री के सामने नेपाली शासन की डगर भी कम कठिन नहीं है. सुशील उम्रदराज व्यक्ति हैं, लेकिन शासन और जनता को इससे क्या. जनता को अच्छा शासन चाहिए और इसे सुशील कोइराला किस तरह पूरा करते हैं, यह उनकी...

जीत कर तंत्र को सुधारें मोदी

जीत कर तंत्र को सुधारें मोदी

आंदोलनों और जनता के गुस्से ने कई बार नेताओं की सत्ता उखाड़ फेंकी है. जेपी आंदोलन के छात्र नायक लालू प्रसाद यादव, मुलायम सिंह यादव एवं नीतीश कुमार अब स्थापित नेता हो चुके हैं. यद्यपि किसी भी व्यक्ति को इन...

वादा और वास्तविकता

क्या अब भी लोकमानस में इस तरह के प्रश्‍न नहीं उठने चाहिए? हम गुलाम थे तो नेताओं का वादा था कि देश आजाद होगा तो समाजवाद आएगा, लोकतंत्र कायम होगा, और एक ऐसी सुंदर व्यवस्था बनेगी, जिसमें सबको इमान की...

अन्ना हजारे ने जगाई बदलाव की उम्मीद

अन्ना हजारे ने जगाई बदलाव की उम्मीद

पांच राज्यों के हालिया चुनावों के पहले देश के बौद्धिक समाज में एक चर्चा थी कि यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि देश जागरूकता के स्तर पर आगे बढ़ रहा है. चुनाव परिणाम आए और इन परिणामों में नेता नहीं जीते,...

जनलोकपाल का वादा सरकार को पूरा करना चाहिए

अन्ना ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री को लिखा कि संसद में कई अन्य विषयों से जु़डे बिल पास हुए, लेकिन जिस बिल से पूरे देश की उम्मीदें जुड़ी हैं, उस जन-लोकपाल बिल को लेकर सरकार मौन है. संभव है कि...

लोकपाल कानून :अन्ना के संघर्ष का परिणाम

लोकपाल कानून :अन्ना के संघर्ष का परिणाम

रालेगण सिद्धी में अन्ना हजारे ने नौ दिनों तक अनशन किया. इस अनशन के साथ साथ जनतंत्र मोर्चा के कार्यकर्ता देश के कई शहरों और क़स्बों में धरना-प्रदर्शन व अनशन करते रहे. नेशनल मीडिया में उन्हें दिखाया नहीं गया, लेकिन...

एफडीआई की मंज़ूरी जनता के साथ धोखा है

एफडीआई की मंज़ूरी जनता के साथ धोखा है

देश के ख़ुदरा बाज़ार में एफडीआई की मंजूरी किसानों, मज़दूरों एवं छोटे व्यापारियों के लिए फ़ायदेमंद नहीं है, फिर भी केंद्र सरकार इसे लेकर अपनी ज़िद पर अड़ी हुई है. वर्ष 1990 में भी तत्कालीन वित्त मंत्री एवं वर्तमान प्रधानमंत्री...

आईसीएआर-बीकानेरी बीटी कॉटन- बीज नहीं बचा, तो किसान कैसे बचेगा?

आईसीएआर-बीकानेरी बीटी कॉटन- बीज नहीं बचा, तो किसान कैसे बचेगा?

आखिर क्या-क्या बचाएं? जल, जंगल, ज़मीन, आकाश या पाताल. बहरहाल, अब बीजों की बारी है. आज किसान मल्टीनेशनल कंपनी के झांसे में आकर न स़िर्फ अपना देशी बीज खो रहा है, बल्कि अपनी किस्मत भी इन कंपनियों के हाथों गिरवी...

संसद की गंभीरता कितनी है

संसद की गंभीरता कितनी है

संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है. यह सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बजट बहुत सख्त होगा, जैसा कि अमेरिका चाहता है. विश्‍व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष का मानना है कि हिंदुस्तान में हर तरह की सब्सिडी...

यह संसद संविधान विरोधी है

यह संसद संविधान विरोधी है

सरकार को आम जनता की कोई चिंता नहीं है. संविधान के मुताबिक़, भारत एक लोक कल्याणकारी राज्य है. इसका साफ़ मतलब है कि भारत का प्रजातंत्र और प्रजातांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार आम आदमी के जीवन की रक्षा और...

पटना गांधी मैदान से शुरू होगी परिवर्तन की लड़ाई

पटना गांधी मैदान से शुरू होगी परिवर्तन की लड़ाई

भारतीय लोकतंत्र के लिए आने वाला समय काफी महत्वपूर्ण है. लोगों का इस व्यवस्था से भरोसा उठने और उसके नतीजे के तौर पर जनता के सड़क पर उतरने की घटनाएं लगातार जारी हैं. दामिनी वाली घटना में जिस तरह से...

जनता को विकल्प की तलाश है

जनता को विकल्प की तलाश है

नरेंद्र मोदी की विजय ने संघ और भारतीय जनता पार्टी में एक चुप्पी पैदा कर दी है. संघ के प्रमुख लोगों में अब यह राय बनने लगी है कि नरेंद्र मोदी को देश के नेता के रूप में लाना चाहिए,...

प्रधानमंत्री के नाम अन्ना की चिट्ठी

प्रधानमंत्री के नाम अन्ना की चिट्ठी

सेवा में, श्रीमान् डॉ. मनमोहन सिंह जी, प्रधानमंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली. विषय : गैंगरेप-मानवता को कलंकित करने वाली शर्मनाक घटना घटी और देश की जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया. ऐसे हालात में आम जनता का क्या दोष...

राजनीतिक दलों का रवैया गुस्सा दिलाता है

राजनीतिक दलों का रवैया गुस्सा दिलाता है

महाभारत शायद आज की सबसे बड़ी वास्तविकता है. इस महाभारत की तैयारी अलग-अलग स्थलों पर अलग तरह से होती है और लड़ाई भी अलग से लड़ी जाती है, लेकिन 2013 और 2014 का महाभारत कैसे लड़ा जाएगा, इसका अंदाज़ा कुछ-कुछ...

इंडियन एक्‍सप्रेस की पत्रकारिता- 2

इंडियन एक्‍सप्रेस की पत्रकारिता- 2

अगर कोई अ़खबार या संपादक किसी के ड्राइंगरूम में ताकने-झांकने लग जाए और गलत एवं काल्पनिक कहानियां प्रकाशित करना शुरू कर दे तो ऐसी पत्रकारिता को कायरतापूर्ण पत्रकारिता ही कहेंगे. हाल में इंडियन एक्सप्रेस ने एक स्टोरी प्रकाशित की थी,...

यह आम आदमी की पार्टी है

यह आम आदमी की पार्टी है

भारतीय राजनीति का एक शर्मनाक पहलू यह है कि देश के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों की कमान चंद परिवारों तक सीमित हो गई है. कुछ अपवाद हैं, लेकिन वे अपवाद ही हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा तो देश के...

उड़ीसा ने अन्‍ना हजारे को सिर-आंखों पर बैठाया : राजनीति को नए नेतृत्‍व की जरूरत है

उड़ीसा ने अन्‍ना हजारे को सिर-आंखों पर बैठाया : राजनीति को नए नेतृत्‍व की जरूरत है

अन्ना हजारे कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत करने के लिए उड़ीसा दौरे पर गए. उनकी अगवानी करने के लिए बीजू पटनायक हवाई अड्डे पर हज़ारों लोग मौजूद थे, जो अन्ना हजारे जिंदाबाद, भ्रष्टाचार हटाओ और उड़ीसा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के...

अन्ना हजारे नेता नहीं, जननेता हैं

अन्ना हजारे नेता नहीं, जननेता हैं

शायद जयप्रकाश नारायण और कुछ अंशों में विश्वनाथ प्रताप सिंह के बाद देश के किसी नेता को जनता का इतना प्यार नहीं मिला होगा, जितना अन्ना हजारे को मिला है. मुझे लगा कि अन्ना हजारे के साथ कुछ समय बिताया...

एक अफसर का खुलासाः ऐसे लूटा जाता है जनता का पैसा

एक अफसर का खुलासाः ऐसे लूटा जाता है जनता का पैसा

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शरद पवार के भतीजे अजीत पवार ने अपने पद से इस्ती़फा दे दिया है. हालांकि उनके इस्ती़फे के बाद राज्य में सियासी भूचाल पैदा हो गया है. अजीत पवार पर आरोप है कि जल संसाधन मंत्री...

लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ मत कीजिए

सरकार का संकट उसकी अपनी कार्यप्रणाली का नतीजा है. सरकार काम कर रही है, लेकिन पार्टी काम नहीं कर रही है और हक़ीक़त यह है कि कांग्रेस पार्टी की कोई सोच भी नहीं है, वह सरकार का एजेंडा मानने के...

जनता को चिढ़ाइए मत, जनता से डरिए

जनता को चिढ़ाइए मत, जनता से डरिए

शायद सरकारें कभी नहीं समझेंगी कि उनके अनसुनेपन का या उनकी असंवेदनशीलता का लोगों पर क्या असर पड़ता है. फिर चाहे वह सरकार दिल्ली की हो या चाहे वह सरकार मध्य प्रदेश की हो या फिर वह सरकार तमिलनाडु की...

यह जनता की जीत थी

यह जनता की जीत थी

संजय सिंह अन्ना के सहयोगी हैं और इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अहम कार्यकर्ता भी. 26 अगस्त को जब दिल्ली की सड़कों पर पुलिस से इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं और आम जनता की भिड़ंत हुई, तब उसके कई दिनों बाद...

संसद ने सर्वोच्च होने का अधिकार खो दिया है

भारत की संसद की परिकल्पना लोकतंत्र की समस्याओं और लोकतंत्र की चुनौतियों के साथ लोकतंत्र को और ज़्यादा असरदार बनाने के लिए की गई थी. दूसरे शब्दों में संसद विश्व के लिए भारतीय लोकतंत्र का चेहरा है. जिस तरह शरीर...

आडवाणी जी बधाई के पात्र हैं

आडवाणी जी बधाई के पात्र हैं

श्री लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर एक कमेंट लिखा और उस कमेंट पर कांग्रेस एवं भाजपा में भूचाल आ गया. कांग्रेस पार्टी के एक मंत्री, जो भविष्य में महत्वपूर्ण कैबिनेट मंत्री बन सकते हैं, ने कहा कि भाजपा ने...

अन्‍ना की हार या जीत

अन्‍ना की हार या जीत

अन्ना हजारे ने जैसे ही अनशन समाप्त करने की घोषणा की, वैसे ही लगा कि बहुत सारे लोगों की एक अतृप्त इच्छा पूरी नहीं हुई. इसकी वजह से मीडिया के एक बहुत बड़े हिस्से और राजनीतिक दलों में एक भूचाल...

निगाहें भ्रष्‍टाचार पर, निशाना 2014

निगाहें भ्रष्‍टाचार पर, निशाना 2014

अरविंद केजरीवाल और टीम अन्ना के बाक़ी सदस्य जब जुलाई 2012 के अनशन के लिए मांगों की लिस्ट तैयार कर रहे होंगे, तब उन्हें भी यह अहसास रहा होगा कि वे असल में क्या मांग रहे हैं? 15 दाग़ी मंत्रियों...

बिहार : भूमिहीन किसानों के साथ धोखाधड़ी

बिहार : भूमिहीन किसानों के साथ धोखाधड़ी

सुशासन में क्या किसानों एवं ग़रीबों को लूटा जाता है, सामान्य तौर पर तो ऐसा नहीं माना जाता है, पर कुछ तथ्य एवं दस्तावेज़ बताते हैं कि बिहार में यही हो रहा है. भूमिहीन किसानों को पावर टिलर काग़ज़ों पर...

जनता को अखिलेश से बहुत उम्मीदें हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दो फैसलों पर उनकी आलोचना हो रही है. पहला फैसला उत्तर प्रदेश में शाम सात बजे केबाद बाज़ारों और मॉल को बिजली न देना और दूसरा फैसला, जिसमें उन्होंने विधायकों को विकास निधि...

सीरिया : गृह युद्ध के आसार

सीरिया : गृह युद्ध के आसार

सीरिया की समस्या बढ़ती जा रही है. हिंसा और प्रतिहिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. अरब लीग के विशेष दूत को़फी अन्नान की शांति योजना भी सफल होती दिखाई नहीं दे रही है. को़फी अन्नान ने...

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