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Tag: धर्म

सावधान : नवरात्र‍ि पर अखंड ज्‍योति जलाने पहले जाने ये नियम, वर्ना नहीं मिलेगा पूजा का फल

सावधान : नवरात्र‍ि पर अखंड ज्‍योति जलाने पहले जाने ये नियम, वर्ना नहीं मिलेगा पूजा का फल

29 सितंबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है जो 8 अक्तूबर तक चलेगा. नवरात्र में कलश स्थापना के साथ ही अखंड ज्‍योति का भी काफी महत्व है. जानकार बताते हैं कि अखंड ज्‍योति जलने से जुड़े नियमों का...

रोजा तोड़कर मुस्लिम युवक ने किया ये काम, वजह जानकर रह जायेंगे हैरान

रोजा तोड़कर मुस्लिम युवक ने किया ये काम, वजह जानकर रह जायेंगे हैरान

माह-ए-रमजान में एक मुस्लिम युवक ने इंसानियत और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है. मामला असम के गुवाहाटी का है. जहां रोजेदार मुस्लिम समुदाय के एक युवक ने साबित कर दिया है कि इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नही...

तो क्या भगवानों के बीच होगा अगला लोकसभा चुनाव

तो क्या भगवानों के बीच होगा अगला लोकसभा चुनाव

जिस तेजी से सारी पार्टियां मंदिरों – मस्जिदों की शरण में पहुंच रही हैं, उसे देखकर तो ऐसा लग रहा है कि अगला लोकसभा चुनाव भगवानों के बीच होगा. केन्द्र में और देश के सबसे ज्यादा राज्यों में जिस पार्टी...

आध्यात्मिक एकता से भारत लोकतंत्र का अग्रणी देश बन सकता है

आध्यात्मिक एकता से भारत लोकतंत्र का अग्रणी देश बन सकता है

एक सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने का काम हम भगवान या अपने देवताओं की ओर देखे बिना, इस ज़मीन और यहां के लोगों और अपने परिवार को देखते हुए कर सकते हैं. इस प्रयास में हम सबकी अपनी-अपनी भूमिकाएं हैं, लेकिन कुछ...

शिव की महिमा अपरंपार

शिव की महिमा अपरंपार

नागेश्‍वर ज्योतिर्लिंग एक विश्‍वविख्यात प्रसिद्ध मंदिर है. यहां भगवान शिव का सातवां ज्योतिर्लिंग स्थापित है. यह मंदिर गुजरात राज्य में द्वारकापुरी से 17 किमी की दूूरी पर स्थित है. हिंदू धर्म के अनुसार, नागेश्‍वर को नागों का ईश्‍वर कहा जाता...

जनता को सोच-समझ कर निर्णय करना है

जनता को सोच-समझ कर निर्णय करना है

 बेशक, पिछले दस सालों में कांग्रेस सरकार का प्रदर्शन बहुत ख़राब रहा है, विनिर्माण लगभग नीचे चला गया है, इस क्षेत्र में बहुत काम करने की ज़रूरत है, लेकिन विकास और कॉरपोरेट सेक्टर की बात करके आप भारत की विशाल...

स्वधर्म क्या है

स्वधर्म क्या है

अर्जुन अहिंसा की ही नहीं, संन्यास की भी भाषा बोलने लगा था. इस रक्तरंजित क्षात्रधर्म से संन्यास भला! ऐसा अर्जुन कह रहा था. लेकिन क्या वह अर्जुन का स्वधर्म था? क्या वह उसकी वृत्ति थी? अर्जुन संन्यासी का वेश तो...

व्यवस्था संविधान को धोखा देकर बनी है

व्यवस्था संविधान को धोखा देकर बनी है

कर्नाटक में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत गई और भारतीय जनता पार्टी हार गई. क्या इसका मतलब हम यह निकालें कि कर्नाटक की जनता ने भ्रष्टाचार के ख़िला़फ वोट दिया है और उसने कांग्रेस को भ्रष्टाचारी नहीं माना? इससे पहले...

गॉड एंड आई – सब ईश्वर का करम है – सुनिधि

गॉड एंड आई – सब ईश्वर का करम है – सुनिधि

सिंगर सुनिधि चौहान आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. मॉडर्न अंदाज़ और मधुर आवाज़ वाली सुनिधि चौहान ने चार साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था. आज वह बॉलीवुड की टॉप सिंगर हैं. लता मंगेशकर की...

बांग्लादेश : गृहयुद्ध के हालात

बांग्लादेश : गृहयुद्ध के हालात

बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें 80 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. एक तरफ़ विपक्षी दल ट्रिब्यूनल के फैसले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष का कहना...

जेलों में बढ़ती मुसलमानों की आबादी

जेलों में बढ़ती मुसलमानों की आबादी

आज से 65 वर्ष पूर्व जब देश स्वतंत्र हुआ था तो सबने सोचा था कि अब हम विकास करेंगे. आज़ाद देश में नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की जाएगी. छुआछूत, जाति-पांत और भेदभाव का अंत होगा. हर धर्म से जुड़े...

कैसे बचेगी गंगा-जमुनी तहजीब

कैसे बचेगी गंगा-जमुनी तहजीब

गंगा की निर्मलता तभी संभव है, जब गंगा को अविरल बहने दिया जाए. यह एक ऐसा तथ्य है, जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती है, लेकिन गंगा की स़फाई के नाम पर पिछले 20 सालों में हज़ारों करोड़ रुपये बहा...

अमेरिका : मार्ग से भटकते नागरिक

संयुक्त राज्य अमेरिका की संस्कृति को मेल्टिंग पॉट संस्कृति कहा जाता है. मतलब यह कि वहां रहने वाले लोग चाहे किसी देश, समुदाय, धर्म या क्षेत्र से आए हों, लेकिन अमेरिका आने के बाद उन्हें उसी संस्कृति का हिस्सा बनकर...

साई अंतर्यामी हैं

साई अंतर्यामी हैं

भारत में जितने भी योगी, साधु-संन्यासी एवं सिद्ध पुरुष हुए हैं, उनमें शिरडी के साईं बाबा का नाम सर्वोपरि है. उनके भक्तों एवं अनुयायियों की इतनी बड़ी संख्या का प्रमुख कारण है बाबा के प्रति उनका अटूट विश्वास. आज विश्व...

चरमपंथ के खतरे और उदारवादी सरकार

चरमपंथ के खतरे और उदारवादी सरकार

नार्वे में एंडर्स बेहरिंग ब्रीविक ने जो किया, वैसा पहले भी कई बार किया गया है. यह कोई पहली घटना नहीं है. 50 साल पहले इसी तरह के उन्मादी दक्षिणपंथी यहूदियों और मार्क्सवादियों को बदनाम किया करते थे और अब...

स्वामी विवेकानंद का संदेश किसे याद है

स्वामी विवेकानंद का संदेश किसे याद है

रवींद्र नाथ टैगोर का 150वां जन्मदिन मनाने के बाद अब बारी है स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन मनाने की. दोनों बंगाल के थे, लेकिन भारत के संदर्भ में दोनों का विजन का़फी अलग था. शिकागो में हुई विश्व धर्म संसद में...

पूजन और साई बाबा

पूजन और साई बाबा

मूर्ति पूजा, कर्म बंधन, कर्म मार्ग, कर्म फल और पुनर्जन्म पर बाबा की पूर्ण आस्था थी. वह गुरु भक्ति के प्रबल समर्थक थे, ध्यान योग में प्रति पल निमग्न रहते थे. उन्होंने स्वयं बारह वर्ष तक तपस्या की थी और...

मन में हो विश्‍वास

मन में हो विश्‍वास

एक समय तक शिरडी गांव की गिनती पिछड़े गांवों में हुआ करती थी. उस समय शिरडी और उसके आसपास के लगभग सभी गांवों में ईसाई मिशनरियों ने अपने पैर मज़बूती से जमा लिए थे. ईसाइयों के प्रभाव-लोभ में आकर शिरडी...

यह धर्म निरपेक्षता नहीं है

यह धर्म निरपेक्षता नहीं है

भारतीय इतिहास में तुर्की की एक अहम भूमिका रही है. भारत के विभाजन के केंद्र में भी इसका नाम रहा और इसके बाद भारत द्वारा धर्मनिरपेक्षवाद अपनाए जाने के पीछे भी वजह तुर्की ही था. प्रथम विश्व युद्ध के व़क्त...

स्‍वर्णिम युग की पदचाप

स्‍वर्णिम युग की पदचाप

आजकल मन में सवाल उठने लगे हैं कि जैसा परमात्मा ने वायदा किया था कि जब संसार में धर्म की अति ग्लानि होगी, जब हर पल जीवन कुंठित होता जाएगा, तब मैं आकर स्वर्णिम युग की स्थापना करूंगा. उस वायदे...

चार धाम यात्राः अव्‍यवस्‍था के बावजूद श्रद्धालुओं का सैलाब

चार धाम यात्राः अव्‍यवस्‍था के बावजूद श्रद्धालुओं का सैलाब

देव भूमि उत्तराखंड के चार धामों के कपाट छह माह के लिए परंपरागत रूप से खोल दिए गए. सरकार ने यह यात्रा शुरू होने के पहले ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की घोषणा की थी, जो महज़ हवा हवाई सिद्ध...

जाकी रही भावना जैसी

जाकी रही भावना जैसी

दृष्टि के बदलते ही सृष्टि बदल जाती है, क्योंकि दृष्टि का परिवर्तन मौलिक परिवर्तन है. अतः दृष्टि को बदलें, सृष्टि को नहीं. दृष्टि का परिवर्तन संभव है, सृष्टि का नहीं. दृष्टि को बदला जा सकता है, सृष्टि को नहीं.

गुरु के कर स्‍पर्श

गुरु के कर स्‍पर्श

जब सद्‌गुरु ही नाव के खिवैया हों तो वह निश्चय ही कुशलता और सरलता पूर्वक इस भवसागर के पार उतार देंगे. सद्‌गुरु शब्द का उच्चारण करते ही मुझे श्री साई की स्मृति आ रही है. ऐसा प्रतीत होता है, मानो...

बाबा अंतर्यामी हैं

बाबा अंतर्यामी हैं

साई बाबा की मूर्ति पूजा, कर्म बंधन, कर्म मार्ग, कर्म फल और पुनर्जन्म पर पूर्ण आस्था थी. वह गुरु भक्ति के प्रबलतम समर्थक थे. ध्यान योग में प्रति पल निमग्न रहते थे. उन्होंने स्वयं बारह वर्ष तक तपस्या की थी...

जिनके लिए यह आख़िरी मौक़ा है

जिनके लिए यह आख़िरी मौक़ा है

भारत में क्रिकेट अगर धर्म है तो विश्वकप भी महाकुंभ के आयोजन से कम नहीं होता. यह बात स़िर्फ भारत में ही नहीं, दुनिया के लगभग हर देश पर लागू होती है.

बाबा की सीख

बाबा की सीख

बाबा की हर महिमा के पीछे कोई न कोई शिक्षा ज़रूर छिपी होती है. ऐसी ही एक कहानी आपको सुनाते हैं. शिरडी में प्रति रविवार को बाज़ार लगता है. इसी दिन हेमाडपंत बाबा की चरण-सेवा कर रहे थे. शामा बाबा...

सरकारी भूमि पूजन का औचित्‍य

सरकारी भूमि पूजन का औचित्‍य

पुलिस स्टेशनों, बैंकों एवं अन्य शासकीय-अर्द्ध शासकीय कार्यालयों एवं भवनों में हिंदू देवी- देवताओं की तस्वीरें-मूर्तियां आदि लगी होना आम बात है. सरकारी बसों एवं अन्य वाहनों में भी देवी-देवताओं की तस्वीरें अथवा हिंदू धार्मिक प्रतीक लगे रहते हैं.

तुष्टिकरण और राजधर्म के तर्क

तुष्टिकरण और राजधर्म के तर्क

भारतीय राजनीति में तुष्टिकरण शब्द प्राय: राष्ट्रीय स्तर पर एक गर्म बहस का मुद्दा बनता दिखाई देता है. जहां देश के अन्य राजनीतिक दल भारतीय संविधान के अनुरूप अल्पसंख्यकों, दलितों एवं पिछड़ों के लिए आरक्षण अथवा सामाजिक, सामुदायिक और आर्थिक...

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